नई दिल्ली: जुलाई महीने की शुरुआत आम लोगों के लिए राहत भरी खबर लेकर आई है। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में गिरावट का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के साथ-साथ 5 किलो वाले छोटू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी कटौती कर दी है।
इसके अलावा निजी ईंधन कंपनी नायरा एनर्जी ने भी पेट्रोल और डीजल के दाम घटाए हैं। वहीं एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत में भी प्रति लीटर 5 रुपये की कमी की गई है। इससे एयरलाइंस के परिचालन खर्च में भी राहत मिलने की उम्मीद है।
जुलाई के पहले दिन एलपीजी सिलेंडर हुआ सस्ता
सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 1 जुलाई से एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें लागू कर दी हैं। इस बार राहत सिर्फ कमर्शियल ग्राहकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि 5 किलो वाले छोटू सिलेंडर के उपयोगकर्ताओं को भी फायदा मिला है।
नए रेट
| सिलेंडर | पहले कीमत | नई कीमत | राहत |
|---|---|---|---|
| 19 किलो कमर्शियल LPG (दिल्ली) | ₹3,113.50 | ₹2,930.00 | ₹183.50 |
| 5 किलो छोटू सिलेंडर (दिल्ली) | ₹821.50 | ₹808.50 | ₹13 |
ध्यान देने वाली बात यह है कि 1 जून को 5 किलो वाले सिलेंडर की कीमत 11 रुपये बढ़ाई गई थी, जबकि अब जुलाई की शुरुआत में इसमें 13 रुपये की कटौती कर दी गई है।
कच्चे तेल में गिरावट का दिखा असर
हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बदलाव का असर धीरे-धीरे घरेलू ईंधन और गैस की कीमतों पर भी दिखाई देता है।
इसी वजह से जुलाई के पहले दिन कई पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में राहत देखने को मिली है।
एक नजर में बड़ी बातें
- 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹183.50 तक की कटौती।
- दिल्ली में नया रेट ₹2,930 हुआ।
- 5 किलो वाले छोटू सिलेंडर की कीमत ₹13 कम हुई।
- दिल्ली में छोटू सिलेंडर अब ₹808.50 में मिलेगा।
- नायरा एनर्जी ने पेट्रोल ₹5 प्रति लीटर और डीजल ₹3 प्रति लीटर सस्ता किया।
- एटीएफ की कीमत में भी ₹5 प्रति लीटर की कमी की गई।
छोटू सिलेंडर किसके लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद?
5 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर खासतौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया है जिन्हें कम गैस की जरूरत होती है या जो बार-बार स्थान बदलते रहते हैं।
इससे सबसे अधिक लाभ मिलेगा—
- घर से दूर रहकर पढ़ाई कर रहे छात्रों को।
- प्रवासी मजदूरों को।
- किराए के मकानों में रहने वाले लोगों को।
- छोटे परिवारों और अकेले रहने वाले कर्मचारियों को।
- अस्थायी रूप से किसी शहर में रहने वालों को।
छोटू सिलेंडर खरीदना क्यों आसान है?
5 किलो वाला सिलेंडर फ्री ट्रेड एलपीजी (Free Trade LPG) श्रेणी में आता है। इसलिए इसे खरीदने की प्रक्रिया सामान्य घरेलू गैस कनेक्शन की तुलना में काफी आसान होती है।
इसके लिए केवल पहचान पत्र (ID Proof) देना होता है। किसी स्थायी पते का प्रमाण देना जरूरी नहीं होता।
यही वजह है कि यह सिलेंडर छात्रों, नौकरीपेशा युवाओं और प्रवासी परिवारों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
कहीं से भी करवा सकते हैं रिफिल
इस सिलेंडर की सबसे बड़ी सुविधा इसकी रिफिल व्यवस्था है।
ग्राहकों को किसी एक गैस एजेंसी से बंधे रहने की जरूरत नहीं होती। वे अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी अधिकृत इंडेन डिस्ट्रीब्यूटर, ऑथराइज्ड आउटलेट या कई स्थानों पर उपलब्ध किराना स्टोर से भी इसे रिफिल करवा सकते हैं।
इससे समय और परिवहन दोनों की बचत होती है।
कमर्शियल ग्राहकों को भी बड़ी राहत
19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भारी कटौती से होटल, रेस्तरां, ढाबा, कैफे, बेकरी, कैंटीन और छोटे कारोबारियों के गैस खर्च में कमी आएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं तो इसका सकारात्मक असर अन्य ईंधन उत्पादों पर भी देखने को मिल सकता है।
घरेलू 14.2 किलो सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं
हालांकि इस बार 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। राहत फिलहाल केवल कमर्शियल और 5 किलो वाले छोटू सिलेंडर के ग्राहकों को मिली है।
आगे क्या हो सकता है?
यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें मौजूदा स्तर पर बनी रहती हैं या और गिरती हैं, तो आने वाले महीनों में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में और राहत मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि अंतिम फैसला अंतरराष्ट्रीय बाजार, रुपये की विनिमय दर और सरकारी नीतियों पर निर्भर करेगा।
निष्कर्ष
जुलाई की शुरुआत एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए राहतभरी रही है। 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर में ₹183.50 और 5 किलो वाले छोटू सिलेंडर में ₹13 की कटौती से लाखों उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। खासकर छात्र, प्रवासी मजदूर और छोटे परिवारों के लिए यह राहत काफी अहम मानी जा रही है। साथ ही पेट्रोल, डीजल और एटीएफ की कीमतों में आई कमी यह संकेत देती है कि कच्चे तेल में नरमी का असर अब भारतीय बाजार में भी दिखाई देने लगा है।


