डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत ने शनिवार को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और गर्व के साथ मनाया। लाल किले की प्राचीर पर तिरंगा लहराने के साथ ही देशभर में आजादी का जश्न मनाया गया। भारत के इस राष्ट्रीय पर्व की गूंज दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में भी सुनाई दी। फ्रांस, रूस, ऑस्ट्रेलिया, इजरायल, सिंगापुर और मालदीव समेत कई देशों ने भारत और भारतीयों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
वैश्विक नेताओं के संदेशों में भारत की आर्थिक और रणनीतिक उपलब्धियों की सराहना के साथ भविष्य में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी दिखाई दी। प्रशांत क्षेत्र से लेकर यूरोप, खाड़ी और अमेरिका तक भारत के साझेदार देशों ने दुनिया में उसकी बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया।
पुतिन ने भारत-रूस संबंधों को बताया खास
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रूस और भारत के संबंध विशेष रूप से विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी की भावना के साथ लगातार आगे बढ़ रहे हैं।
पुतिन ने दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत और रूस संयुक्त राष्ट्र, शंघाई सहयोग संगठन (SCO) और ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंचों पर भी मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देश आगे भी अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने में सकारात्मक भूमिका निभाते रहेंगे।
ऑस्ट्रेलिया ने भारत की उपलब्धियों को सराहा
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी भारत को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद बीते आठ दशकों में भारत लगातार मजबूत हुआ है।
अल्बनीज ने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बताते हुए उसकी उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं की सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया ऑस्ट्रेलिया यात्रा का भी जिक्र किया और कहा कि दोनों देशों के रिश्ते पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं।
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने भारतीय मूल के ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को दोनों देशों के बीच एक जीवंत पुल बताया। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया भारत के साथ नए और उभरते क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के लिए उत्साहित है।
फ्रांस और इजरायल ने भी दी शुभकामनाएं
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत और भारतीयों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को लगातार मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी सामने आई।
इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने भी भारत के शीर्ष नेतृत्व और देश की जनता को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। उन्होंने भारत और इजरायल के बीच दोस्ती को और मजबूत करने की इच्छा जताई।
सिंगापुर ने रणनीतिक साझेदारी पर दिया जोर
सिंगापुर के राष्ट्रपति थर्मन शनमुगरत्नम ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को भेजे संदेश में भारत और सिंगापुर के बीच मजबूत और भविष्य की ओर देखने वाली व्यापक रणनीतिक साझेदारी का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि दोनों देश शांतिपूर्ण, खुले और आपस में जुड़े क्षेत्र के निर्माण में साझा रुचि रखते हैं। व्यापार, डिजिटल अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और ऊर्जा बदलाव जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
मालदीव ने दोहराया करीबी साझेदारी का संकल्प
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भी भारत को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत और मालदीव के बीच करीबी साझेदारी को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
उन्होंने कहा कि आपसी सम्मान, साझा समृद्धि और दोनों देशों के लोगों के बीच मजबूत दोस्ती द्विपक्षीय संबंधों का आधार है।
नेपाल, भूटान, स्लोवाकिया और लातविया समेत कई अन्य देशों ने भी भारत को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। दुनिया के विभिन्न देशों में स्थित भारतीय दूतावासों में भी स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए गए।
बलूच नेता ने भी पीएम मोदी को दी बधाई
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर बलूच नेता मीर यार बलूच ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की जनता को शुभकामनाएं दीं। यह संदेश ऐसे समय आया है जब बलूच नेताओं की ओर से पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस को काला दिवस के रूप में मनाने की अपील की गई थी।
पीएम मोदी को भेजे गए अपने बयान में मीर यार बलूच ने भारत की स्वतंत्रता के अवसर पर भारत और भारतीयों को बधाई दी। उन्होंने बलूचिस्तान स्थित प्राचीन हिंगलाज माता मंदिर का भी उल्लेख किया और इसे भारत के साथ बलूचिस्तान के आध्यात्मिक संबंध का प्रतीक बताया।
दुनिया में बढ़ती भारत की भूमिका का संकेत
स्वतंत्रता दिवस पर दुनिया के अलग-अलग देशों से आए संदेशों में एक समान बात नजर आई—भारत की वैश्विक भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हो रही है। आर्थिक विकास, डिजिटल तकनीक, ऊर्जा, सुरक्षा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में भारत कई देशों के लिए अहम साझेदार बनकर उभरा है।
80वें स्वतंत्रता दिवस पर मिले इन संदेशों को भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता और विभिन्न देशों के साथ मजबूत होते रिश्तों के संकेत के तौर पर देखा जा सकता है। भारत के सामने अब अपनी विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के साथ वैश्विक मंच पर अपनी जिम्मेदारियों और प्रभाव को और मजबूत करने की चुनौती भी है।


