मां अपने बच्चों के लिए क्या कुछ नहीं करती। हिमाचल प्रदेश की रहने वाली जयति गोयल ने भी अपने बेटे की एक छोटी सी समस्या को नजरअंदाज नहीं किया। जब उनका बेटा प्री-टीन उम्र में पहुंचा तो उन्हें महसूस हुआ कि बाजार में बच्चों और किशोरों के लिए सही स्किनकेयर प्रोडक्ट्स की भारी कमी है। या तो छोटे बच्चों के लिए हल्के प्रोडक्ट्स उपलब्ध थे या फिर बड़ों के लिए केमिकल बेस्ड स्किनकेयर आइटम।
यहीं से एक नए बिजनेस आइडिया ने जन्म लिया। जयति ने इस समस्या को सिर्फ एक मां की चिंता मानकर छोड़ने के बजाय इसे एक अवसर में बदल दिया। उन्होंने अक्टूबर 2025 में ‘हे टीन’ (HeyTeen) नाम से अपना स्किनकेयर ब्रांड लॉन्च किया। खास बात यह रही कि केवल छह महीने के भीतर ही इस स्टार्टअप ने करीब ₹25 लाख का रेवेन्यू हासिल कर लिया। आज उनका ब्रांड तेजी से चर्चा में है और कई बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म खुद उनके साथ पार्टनरशिप करना चाहते हैं।
मां की चिंता से निकला करोड़ों वाला आइडिया

भारत में टीनएजर्स और प्री-टीन्स के लिए स्किनकेयर मार्केट अभी भी काफी अनऑर्गनाइज्ड माना जाता है। अधिकतर कंपनियां या तो छोटे बच्चों के लिए उत्पाद बनाती हैं या फिर युवाओं और वयस्कों को टारगेट करती हैं। ऐसे में 10 से 16 साल के बच्चों के लिए सुरक्षित और हल्के स्किनकेयर प्रोडक्ट्स की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
जयति गोयल ने इसी गैप को पहचाना। उन्होंने देखा कि किशोरावस्था में बच्चों की स्किन में बदलाव शुरू हो जाते हैं। पिंपल्स, ऑयली स्किन, ड्रायनेस और लिप केयर जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। लेकिन बाजार में उपलब्ध कई प्रोडक्ट्स में हार्श केमिकल्स होते हैं, जो बच्चों की स्किन को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
यही वजह रही कि उन्होंने खुद इस दिशा में रिसर्च शुरू की और एक ऐसा ब्रांड बनाने का फैसला किया जो खास तौर पर किशोरों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाए।
कॉस्मेटिक साइंस और बिजनेस दोनों की समझ
जयति गोयल सिर्फ एक उद्यमी ही नहीं बल्कि सर्टिफाइड कॉस्मेटिक फॉर्मुलेटर भी हैं। उन्होंने ब्रिटेन के ADCS और भारत के EDCT जैसे संस्थानों से कॉस्मेटिक फॉर्मूलेशन, डर्मेटोलॉजिकल कम्पैटिबिलिटी और प्रोडक्ट सेफ्टी की पढ़ाई की है।
इसके अलावा उन्होंने एमबीए (फाइनेंस एंड मार्केटिंग) भी किया है। यही कारण है कि उन्हें सिर्फ प्रोडक्ट डेवलपमेंट ही नहीं बल्कि मार्केटिंग, ब्रांडिंग और कंज्यूमर बिहेवियर की भी गहरी समझ है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि किसी भी नए ब्रांड की सफलता के लिए केवल अच्छा प्रोडक्ट काफी नहीं होता। सही पोजिशनिंग, सही टारगेट ऑडियंस और भरोसेमंद ब्रांड इमेज भी उतनी ही जरूरी होती है। जयति ने अपने ब्रांड में इन सभी पहलुओं पर ध्यान दिया।
इन-हाउस रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग बनी सबसे बड़ी ताकत

आजकल कई स्किनकेयर ब्रांड्स थर्ड पार्टी कंपनियों से प्रोडक्ट बनवाकर केवल अपनी ब्रांडिंग कर देते हैं। लेकिन जयति ने अलग रास्ता चुना।
उन्होंने अपने सभी प्रोडक्ट्स की रिसर्च, फॉर्मुलेशन और मैन्युफैक्चरिंग खुद अपनी लैब में शुरू की। इससे उन्हें प्रोडक्ट क्वालिटी और इंग्रीडिएंट्स पर पूरा कंट्रोल मिला। यही उनकी सबसे बड़ी यूएसपी बन गई।
उनका कहना है कि किशोरों की स्किन बेहद संवेदनशील होती है, इसलिए किसी भी प्रोडक्ट को बाजार में उतारने से पहले उसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता सुनिश्चित करना जरूरी है।
कौन-कौन से प्रोडक्ट बेचता है HeyTeen?
हे टीन ब्रांड खास तौर पर प्री-टीन्स और टीनएजर्स के लिए डिजाइन किए गए स्किनकेयर प्रोडक्ट्स पर फोकस करता है। कंपनी ऐसे प्रोडक्ट्स बनाती है जिन्हें बच्चे आसानी से और सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल कर सकें।
ब्रांड के प्रमुख प्रोडक्ट्स:
फेस वॉश, लिप बाम, फेशियल स्क्रब, बॉडी लोशन, पिंपल पैच, लिप और चीक टिंट, स्किनकेयर कॉम्बो, बिगिनर्स स्किनकेयर किट इन प्रोडक्ट्स को खास तौर पर हल्के और कम केमिकल वाले फॉर्मूले के साथ तैयार किया गया है।
सिर्फ 6 महीने में ₹25 लाख का रेवेन्यू

किसी छोटे शहर से बिना बाहरी फंडिंग के बिजनेस शुरू करना आसान नहीं माना जाता। लेकिन जयति गोयल ने यह साबित कर दिया कि सही आइडिया और क्वालिटी के दम पर बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश से अपना ऑपरेशन शुरू किया और केवल छह महीने में ही लगभग ₹25 लाख का रेवेन्यू हासिल कर लिया। यह उपलब्धि इसलिए भी बड़ी मानी जा रही है क्योंकि कंपनी ने अभी तक किसी बड़े निवेशक से फंडिंग नहीं ली है।
स्टार्टअप इंडस्ट्री के जानकारों के अनुसार, आज के समय में D2C (Direct to Consumer) ब्रांड्स तेजी से बढ़ रहे हैं। खासकर स्किनकेयर और पर्सनल केयर सेक्टर में युवा ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सही कैटेगरी चुनना और भरोसेमंद प्रोडक्ट देना सफलता की बड़ी वजह बन सकता है।
बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स ने खुद किया संपर्क
ब्रांड की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए कई बड़े प्लेटफॉर्म्स ने भी रुचि दिखाई। रिपोर्ट के मुताबिक मिंत्रा, फ्लिपकार्ट और फर्स्टक्राय जैसे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स ने खुद जयति गोयल से संपर्क किया।
यह किसी भी नए स्टार्टअप के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। आमतौर पर नए ब्रांड्स को बड़े प्लेटफॉर्म्स तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। लेकिन HeyTeen की यूनिक कैटेगरी और क्वालिटी के कारण उसे जल्दी पहचान मिल गई।
भारत में तेजी से बढ़ रहा Teen Skincare Market

भारत में स्किनकेयर इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है। खासकर Gen-Z और Teenagers के बीच स्किनकेयर को लेकर जागरूकता काफी बढ़ी है। सोशल मीडिया और ब्यूटी कंटेंट के कारण युवा अब कम उम्र में ही स्किनकेयर रूटीन अपनाने लगे हैं।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले वर्षों में Teen Skincare Segment भारत में बड़ा बिजनेस अवसर बन सकता है। अभी इस सेगमेंट में बहुत कम ब्रांड्स काम कर रहे हैं, इसलिए नए खिलाड़ियों के लिए मौके काफी ज्यादा हैं।
जयति गोयल ने इसी शुरुआती अवसर को सही समय पर पकड़ लिया।
सिर्फ प्रोडक्ट नहीं, कॉन्फिडेंस बनाना चाहती हैं जयति
जयति गोयल का कहना है कि उनका लक्ष्य केवल एक स्किनकेयर कंपनी बनाना नहीं है। वह चाहती हैं कि उनका ब्रांड किशोरों के लिए सेल्फ-केयर और आत्मविश्वास का भरोसेमंद प्लेटफॉर्म बने।
आज के समय में किशोरों में स्किन से जुड़ी समस्याओं के कारण आत्मविश्वास की कमी भी देखी जाती है। ऐसे में सुरक्षित और उम्र के अनुसार तैयार किए गए प्रोडक्ट्स उनकी मदद कर सकते हैं।
छोटे शहरों से भी बन सकते हैं बड़े ब्रांड
जयति गोयल की कहानी इस बात का उदाहरण है कि आज डिजिटल दौर में छोटे शहरों से भी बड़े ब्रांड बनाए जा सकते हैं। जरूरी केवल सही समस्या को पहचानने, गुणवत्ता बनाए रखने और ग्राहकों का भरोसा जीतने की है।
उनकी सफलता उन लोगों के लिए भी प्रेरणा है जो बिना बड़े निवेश के अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं। सही आइडिया और लगातार मेहनत के दम पर कम समय में भी बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है।
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