भारतीय शेयर बाजार में पिछले चार सालों के दौरान कुछ ऐसे पेनी स्टॉक्स देखने को मिले जिन्होंने निवेशकों को हैरान कर देने वाला रिटर्न दिया। जिन शेयरों को कभी बेहद जोखिम भरा माना जाता था, वही कई निवेशकों के लिए करोड़ों की दौलत बनाने वाले साबित हुए। मई 2021 से मई 2026 के बीच कम से कम 11 पेनी स्टॉक्स ने 10,000 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है।
इन शेयरों की तेजी सिर्फ संयोग नहीं थी। इसके पीछे भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर बूम, डिफेंस सेक्टर में सरकारी फोकस, रिन्यूएबल एनर्जी थीम, स्मॉल-कैप रैली और रिकॉर्ड रिटेल पार्टिसिपेशन जैसे कई बड़े फैक्टर काम कर रहे थे। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि ऐसे शेयरों में जितना बड़ा मुनाफा होता है, उतना ही बड़ा जोखिम भी छिपा रहता है।
डायमंड पावर इंफ्रास्ट्रक्चर बना सबसे बड़ा मल्टीबैगर
इस पूरी सूची में सबसे ज्यादा चर्चा डायमंड पावर इंफ्रास्ट्रक्चर की हो रही है। 19 मई 2021 को इस कंपनी का शेयर सिर्फ 9 पैसे के आसपास था। चार साल बाद यह बढ़कर 24.27 रुपये तक पहुंच गया। इस दौरान शेयर ने 2,10,000 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया। अगर किसी निवेशक ने उस समय इस शेयर में सिर्फ 1 लाख रुपये लगाए होते तो उसकी वैल्यू आज 21 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकती थी।
मार्केट विश्लेषकों का कहना है कि पावर ट्रांसमिशन, केबल्स और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में सरकार के बड़े निवेश ने इस तरह की कंपनियों को तेजी से ऊपर पहुंचाया। भारत में बढ़ते कैपेक्स और बिजली नेटवर्क विस्तार की उम्मीदों ने भी निवेशकों को आकर्षित किया।
डिफेंस सेक्टर के शेयरों में भी जबरदस्त उछाल
डिफेंस सेक्टर से जुड़ी कंपनियों में भी निवेशकों ने भारी खरीदारी की।
स्वान डिफेंस एंड हेवी इंडस्ट्रीज का शेयर चार साल में 2.85 रुपये से बढ़कर 210 रुपये के पार पहुंच गया। इसने करीब 65,000 फीसदी का रिटर्न दिया।
विशेषज्ञों के अनुसार ‘मेक इन इंडिया’, डिफेंस लोकलाइजेशन और रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की सरकारी नीति ने इस सेक्टर में निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। भारत सरकार लगातार रक्षा उपकरणों के घरेलू निर्माण पर जोर दे रही है, जिसका फायदा कई छोटी कंपनियों को मिला।
रिन्यूएबल एनर्जी और माइक्रो-कैप शेयरों में भी तेजी
कोविड महामारी के बाद बाजार में आई तेज रिकवरी के दौरान रिन्यूएबल एनर्जी और माइक्रो-कैप शेयरों में भी भारी तेजी देखने को मिली।
इंडोसोलर, ओनिक्स सोलर एनर्जी और नर्चर वेल इंडस्ट्रीज जैसे शेयरों ने हजारों फीसदी का रिटर्न दिया। भारत के ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन, सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट्स और सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं ने इन कंपनियों को निवेशकों की नजर में ला दिया।
4 साल में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले पेनी स्टॉक्स
| कंपनी का नाम | रिटर्न (%) |
|---|---|
| डायमंड पावर इंफ्रास्ट्रक्चर | 210,233 |
| स्वान डिफेंस एंड हेवी इंडस्ट्रीज | 65,235 |
| स्टेलेंट सिक्योरिटीज | 38,393 |
| ईस्ट इंडिया ड्रम्स एंड बैरल्स | 29,775 |
| नर्चर वेल इंडस्ट्रीज | 22,322 |
| इंडोसोलर | 19,311 |
| ओनिक्स सोलर एनर्जी | 15,315 |
| पीरामल फाइनेंस | 12,120 |
| सिटी पल्स मल्टीवेंचर्स | 11,681 |
| IMEC सर्विसेज | 10,748 |
| नॉलेज मरीन एंड इंजीनियरिंग | 10,580 |
आखिर पेनी स्टॉक्स में इतनी तेजी क्यों आई?
2021 के बाद भारतीय शेयर बाजार में रिटेल निवेशकों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।
SIP निवेश तेजी से बढ़ा, डीमैट अकाउंट्स की संख्या में उछाल आया, सोशल मीडिया और यूट्यूब के जरिए निवेश की जानकारी तेजी से फैली, स्मॉल-कैप और माइक्रो-कैप शेयरों में लिक्विडिटी बढ़ी. कम कीमत वाले शेयरों में थोड़ी सी खरीदारी भी भारी प्रतिशत रिटर्न दिखाने लगती है। यही वजह है कि पेनी स्टॉक्स में तेजी कई गुना बढ़ जाती है।
लेकिन यहां सबसे ज्यादा रिस्क भी छिपा है
मार्केट एक्सपर्ट लगातार चेतावनी देते रहे हैं कि पेनी स्टॉक्स में निवेश बेहद जोखिम भरा हो सकता है। लार्ज-कैप कंपनियों के मुकाबले इन कंपनियों में कई बड़ी समस्याएं होती हैं: बहुत कम लिक्विडिटी, सीमित खरीदार और विक्रेता, अचानक अपर सर्किट और लोअर सर्किट, कमजोर कॉरपोरेट गवर्नेंस, कम ट्रांसपेरेंसी, ऑपरेटर एक्टिविटी का खतरा
कई बार सोशल मीडिया टिप्स और अफवाहों के कारण भी इन शेयरों में तेज उछाल देखने को मिलता है।
सबसे बड़ा खतरा: Exit नहीं मिलना
पेनी स्टॉक्स में सबसे बड़ी समस्या तब आती है जब बाजार गिरना शुरू करता है। तेजी के समय इन शेयरों को खरीदना आसान होता है, लेकिन गिरावट के दौरान लगातार लोअर सर्किट लगने लगते हैं। ऐसी स्थिति में निवेशक अपने शेयर बेच नहीं पाते।
कई मामलों में निवेशकों को कागज पर भारी नुकसान दिखाई देता है लेकिन बाजार में खरीदार नहीं मिलते।
क्या भविष्य में भी ऐसे रिटर्न मिल सकते हैं?
विशेषज्ञ मानते हैं कि हर बुल मार्केट में कुछ पेनी स्टॉक्स मल्टीबैगर बनते हैं। लेकिन समस्या यह है कि पहले से पहचान करना बेहद मुश्किल होता है। 10,000 फीसदी रिटर्न देने वाले कुछ शेयरों की चर्चा जरूर होती है, लेकिन हजारों ऐसे पेनी स्टॉक्स भी होते हैं जो निवेशकों का पैसा डुबो देते हैं।
यही कारण है कि अनुभवी निवेशक हमेशा मजबूत बिजनेस मॉडल, बेहतर मैनेजमेंट, कम कर्ज और अच्छे फंडामेंटल्स वाली कंपनियों को प्राथमिकता देते हैं।
निवेश से पहले किन बातों का रखें ध्यान?
अगर कोई निवेशक पेनी स्टॉक्स में निवेश करना चाहता है तो उसे कुछ जरूरी बातों पर जरूर ध्यान देना चाहिए: कंपनी का बिजनेस मॉडल समझें, प्रमोटर होल्डिंग देखें, कर्ज और कैश फ्लो जांचें, ट्रेडिंग वॉल्यूम देखें, सिर्फ सोशल मीडिया टिप्स पर भरोसा न करें, पोर्टफोलियो का छोटा हिस्सा ही निवेश करें.
बुल मार्केट ने बढ़ाई जोखिम लेने की क्षमता
2021 से 2025 के बीच भारतीय बाजार ने मजबूत बुल रन देखा। इस दौरान: घरेलू निवेश बढ़ा, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग थीम मजबूत हुई, ऊर्जा ट्रांजिशन सेक्टर में तेजी आई, छोटे शेयरों में तेजी से पैसा आया इसी माहौल ने कई पेनी स्टॉक्स को मल्टीबैगर बना दिया। लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि ऐसी तेजी हमेशा नहीं रहती।
निष्कर्ष
पेनी स्टॉक्स ने पिछले चार सालों में कुछ निवेशकों को करोड़पति जरूर बनाया है, लेकिन यह रास्ता बेहद जोखिम भरा है। जिन शेयरों ने 10,000 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया, उनमें से कई भविष्य में भारी गिरावट भी दिखा सकते हैं।
इसलिए सिर्फ पिछले रिटर्न देखकर निवेश करना खतरनाक हो सकता है। किसी भी निवेश से पहले कंपनी के बिजनेस, फंडामेंटल्स और जोखिम को अच्छी तरह समझना जरूरी है।
Disclaimer: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।
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