ITR Filing 2026: अगर आपकी सालाना सैलरी ₹12.75 लाख या उससे कम है और आपको लगता है कि न्यू टैक्स रिजीम में आपको कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा, तो यह धारणा हर स्थिति में सही नहीं है। कई नौकरीपेशा लोग Section 87A की टैक्स छूट को लेकर भ्रम में रहते हैं। दरअसल, यदि आपकी आय का कुछ हिस्सा ऐसे स्रोतों से आता है, जिन पर अलग टैक्स दर (Special Rate) लागू होती है, तो उस आय पर टैक्स देना अनिवार्य हो सकता है। ऐसे में ITR भरते समय छोटी सी गलती भी आपको इनकम टैक्स विभाग के नोटिस या अतिरिक्त टैक्स डिमांड का सामना करा सकती है।
क्या है Section 87A की टैक्स छूट?
न्यू टैक्स रिजीम के तहत सरकार ने पात्र करदाताओं को Section 87A के अंतर्गत टैक्स रिबेट की सुविधा दी है। इसका उद्देश्य मध्यम आय वर्ग को राहत देना है। हालांकि, यह छूट केवल सामान्य टैक्स स्लैब (Normal Slab Income) पर लागू होती है।
यदि आपकी पूरी आय सिर्फ वेतन (Salary) या अन्य सामान्य स्लैब वाली आय से बनी है, तो निर्धारित सीमा तक टैक्स रिबेट मिल सकती है। लेकिन यदि आपकी कमाई में विशेष टैक्स दर वाली आय शामिल है, तो उस हिस्से पर यह छूट नहीं मिलेगी।
किन आय पर Section 87A का लाभ नहीं मिलता?
कुछ प्रकार की आय पर आयकर कानून के तहत अलग टैक्स दर लागू होती है। इन पर Section 87A की छूट नहीं मिलती।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- शेयर बेचने से होने वाला शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG)
- लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG)
- लॉटरी से जीती गई राशि
- घुड़दौड़ (Horse Racing) से हुई कमाई
- ऑनलाइन गेमिंग या फैंटेसी स्पोर्ट्स से हुई आय
- अन्य ऐसी आय, जिस पर विशेष टैक्स दर लागू होती है
यानी आपकी कुल आय ₹12.75 लाख से कम होने के बावजूद यदि इनमें से किसी स्रोत से कमाई हुई है, तो उस हिस्से पर टैक्स देना पड़ सकता है।
क्यों देना पड़ता है टैक्स?
आयकर अधिनियम के अनुसार Section 87A की रिबेट सिर्फ सामान्य टैक्स स्लैब वाली आय तक सीमित है।
उदाहरण के तौर पर, यदि आपने ऑनलाइन गेमिंग या फैंटेसी स्पोर्ट्स से इनाम जीता है, तो उस आय पर 30% की फ्लैट टैक्स दर लागू होती है। अधिकांश गेमिंग प्लेटफॉर्म इस पर पहले ही TDS काट लेते हैं। इसलिए इस आय पर Section 87A के तहत कोई राहत नहीं मिलती।
इसी तरह कैपिटल गेन पर भी अलग-अलग टैक्स नियम लागू होते हैं।
उदाहरण से समझिए
मान लीजिए किसी कर्मचारी की सालाना सैलरी ₹12.20 लाख है और उसे शेयर बेचने से ₹80,000 का शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन भी हुआ है।
- वेतन वाली आय पर उसे Section 87A की रिबेट का लाभ मिल सकता है।
- लेकिन ₹80,000 के कैपिटल गेन पर लागू विशेष टैक्स अलग से देना होगा।
- यानी कुल टैक्स देनदारी शून्य नहीं होगी।
ITR भरते समय इन बातों का रखें ध्यान
इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय निम्नलिखित सावधानियां जरूर बरतें—
- सभी प्रकार की आय का सही-सही विवरण दें।
- कैपिटल गेन को शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म श्रेणी में सही दर्ज करें।
- शेयर की खरीद और बिक्री की पूरी जानकारी भरें।
- AIS (Annual Information Statement) और Form 26AS से अपनी आय और TDS का मिलान करें।
- ऑनलाइन गेमिंग, फैंटेसी स्पोर्ट्स, लॉटरी और घुड़दौड़ से हुई कमाई भी अनिवार्य रूप से घोषित करें।
- केवल सैलरी ₹12.75 लाख से कम होने के आधार पर पूरी आय को टैक्स-फ्री न मानें।
गलत जानकारी देने पर क्या हो सकता है?
यदि आपने विशेष टैक्स दर वाली आय को ITR में छिपाया या गलत जानकारी दी, तो भविष्य में आयकर विभाग की ओर से—
- टैक्स डिमांड जारी हो सकती है।
- ब्याज और जुर्माना लग सकता है।
- आयकर नोटिस प्राप्त हो सकता है।
- ITR की जांच (Scrutiny) भी हो सकती है।
इसलिए रिटर्न दाखिल करने से पहले सभी आय स्रोतों का सही मिलान करना बेहद जरूरी है।
निष्कर्ष
न्यू टैक्स रिजीम में ₹12.75 लाख तक की आय पर मिलने वाली टैक्स राहत हर प्रकार की कमाई पर लागू नहीं होती। यदि आपकी आय में कैपिटल गेन, ऑनलाइन गेमिंग, लॉटरी या अन्य विशेष टैक्स दर वाली आय शामिल है, तो उस हिस्से पर टैक्स देना पड़ सकता है। इसलिए ITR दाखिल करते समय सभी आय स्रोतों का सही विवरण देना और टैक्स नियमों को समझना बेहद आवश्यक है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। टैक्स नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। किसी भी टैक्स, निवेश या वित्तीय निर्णय से पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) या टैक्स विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। NewsJagran किसी भी प्रकार की वित्तीय या कर संबंधी सलाह अथवा किसी उत्पाद की सिफारिश नहीं करता।


