NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    india-us-trade-deal-g7-modi-trump-meeting-update-hindi
    India-US Trade Deal: मोदी-ट्रंप मुलाकात पर टिकी नजरें, लेकिन G7 में नहीं होगा ट्रेड डील का ऐलान! सामने आया बड़ा अपडेट
    14 जून 2026
    china-plus-one-strategy-se-bharat-ko-mila-sabse-bada-manufacturing-mauka
    China+1 Strategy: चीन से बाहर निकल रहीं कंपनियां भारत को दे सकती हैं अब तक का सबसे बड़ा मौका, बदल सकती है देश की आर्थिक कहानी
    13 जून 2026
    vishv-bank-chetavni-2026-mein-global-growth-13-pratishat-tak-gir-sakti-hai
    विश्व बैंक की चेतावनी! 2026 में 1.3% तक गिर सकती है ग्लोबल ग्रोथ, क्या आ रही है नई मंदी?
    13 जून 2026
    sahara-news-sebi-ne-supreme-court-ka-rukh-kiya
    Sahara News: सहारा से जुड़े ₹14,106 करोड़ के मामले में नया मोड़, कर्मचारियों को मिली राहत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची SEBI
    13 जून 2026
    elon-musk-trillionaire-anand-mahindra-ne-mushkil-waqt-mein-badhaya-tha-hausla
    Elon Musk Trillionaire: ‘लोगों को मुश्किल समय में परखा जाता है’, जब मस्क पर उठ रहे थे सवाल तब आनंद महिंद्रा ने बढ़ाया था हौसला
    13 जून 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    petrol-price-today-crude-oil-falls-petrol-diesel-rate-13-june-2026
    Petrol Price Today: क्रूड ऑयल 2 महीने के निचले स्तर पर, फिर भी नहीं मिली राहत! जानिए आपके शहर में पेट्रोल-डीजल का ताजा रेट
    13 जून 2026
    gold-silver-price-today-12-june-2026-gold-rate-silver-price-india
    Gold-Silver Price Today: सोना-चांदी के दामों में फिर मची हलचल! जानिए आज कितने बदले आपके शहर के भाव
    12 जून 2026
    gold-silver-price-crash-gold-falls-rs-15765-silver-rs-53810-in-one-month
    Gold Silver Price Crash: फिर औंधे मुंह गिरी कीमतें! सोना एक महीने में ₹15,765 टूटा, चांदी ₹53,810 सस्ती; जानिए कहां पहुंच गए भाव
    11 जून 2026
    gold-silver-price-today-10-june-2026-gold-falls-rs4300-silver-drops-rs10000
    Gold Silver Price Today: सोना ₹4,300 लुढ़का, चांदी ₹10,000 टूटी, खरीदारी का मौका या अभी और गिरेंगे भाव?
    10 जून 2026
    petrol-price-today-9-june-2026-petrol-diesel-rate-noida-delhi-crude-oil-price
    Petrol Price Today: क्रूड के भाव में नरमी नहीं, नोएडा में आज पेट्रोल ₹102 और डीजल ₹97 के पार, जानिए आज का भाव
    9 जून 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    kapde-ke-business-se-solar-sector-mein-utri-siil-share-ne-diya-897-percent-return
    कपड़े का बिजनेस छोड़ सोलर सेक्टर में उतरी कंपनी ने किया कमाल, 1 साल में 897% रिटर्न देकर निवेशकों को चौंकाया
    13 जून 2026
    vedanta-bond-buyback-rs-34000-crore-anil-agarwal-big-move-before-demerger-listing
    Vedanta Demerger से पहले बड़ा दांव! लंदन में ₹34,000 करोड़ का बॉन्ड बायबैक, कर्ज घटाने की तैयारी तेज
    13 जून 2026
    india-steel-works-share-ne-5-saal-mein-16-guna-return-diya
    TATA Steel नहीं, ₹22 के इस ‘छुटकू’ स्टील शेयर ने किया कमाल; 5 साल में निवेशकों का पैसा 16 गुना बढ़ाया
    13 जून 2026
    vedanta-demerger-4-new-companies-listing-best-stock-to-buy
    Vedanta Demerger: सोमवार को लिस्ट होंगी 4 नई कंपनियां, किस शेयर में है सबसे ज्यादा कमाई का मौका? एक्सपर्ट ने दी सलाह
    12 जून 2026
    maggi-controversy-fssai-notice-nestle-india-shares
    Maggi Controversy: मैगी में कीड़े मिलने की शिकायत पर FSSAI का एक्शन, Nestle India के शेयर 3% लुढ़के
    12 जून 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: अमेरिका के साथ भारत का व्यापार अधिशेष घटा, FY26 में चीन को निर्यात में जबरदस्त उछाल
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बाज़ार रिपोर्ट

अमेरिका के साथ भारत का व्यापार अधिशेष घटा, FY26 में चीन को निर्यात में जबरदस्त उछाल

Namam Sharma
Last updated: 2026/04/15 at 4:27 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
8 Min Read
india-us-trade-surplus-fy26-china-export-growth-trade-data-analysis
SHARE

भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंध एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह सकारात्मक संतुलन नहीं बल्कि व्यापार अधिशेष (Trade Surplus) में आई गिरावट है। वित्त वर्ष 2025-26 के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, भारत का अमेरिका के साथ व्यापार अधिशेष कम हो गया है, जबकि इस दौरान चीन को होने वाले निर्यात में तेज़ी से वृद्धि दर्ज की गई है।

Contents
अमेरिका के साथ व्यापार अधिशेष में गिरावट क्यों आई?अमेरिका अब भी भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजारचीन को निर्यात में जबरदस्त 36.7% की वृद्धिUAE और यूरोपीय बाजारों का प्रदर्शनआयात में चीन की बढ़ती भूमिका और निर्भरता की चुनौतीवाणिज्य सचिव का बयान: वैश्विक संकट का असरभारत का बदलता वैश्विक व्यापार पैटर्नआर्थिक विशेषज्ञों की नजर में क्या संकेत हैं? निष्कर्ष

वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि भारत का वैश्विक व्यापार ढांचा बदल रहा है और नए आर्थिक संतुलन बनते दिख रहे हैं। एक ओर अमेरिका अब भी भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर चीन के साथ व्यापारिक गतिविधियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।


अमेरिका के साथ व्यापार अधिशेष में गिरावट क्यों आई?

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का अमेरिका को निर्यात लगभग स्थिर रहा। इस अवधि में भारत ने अमेरिका को लगभग 87.31 अरब डॉलर का निर्यात किया, जो पिछले वित्त वर्ष के 86.51 अरब डॉलर की तुलना में बहुत मामूली वृद्धि दर्शाता है।

इसके विपरीत, अमेरिका से भारत का आयात तेजी से बढ़ा है। FY26 में यह आंकड़ा बढ़कर 52.90 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष यह 45.63 अरब डॉलर था।

इस असंतुलन का सीधा असर व्यापार अधिशेष पर पड़ा है। भारत का अमेरिका के साथ ट्रेड सरप्लस घटकर 34.41 अरब डॉलर रह गया, जो FY25 में 40.88 अरब डॉलर था।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट मुख्य रूप से वैश्विक व्यापार नीतियों, टैरिफ बदलावों और अमेरिकी आर्थिक रणनीतियों के कारण हुई है।


अमेरिका अब भी भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार

हालांकि व्यापार अधिशेष में कमी आई है, लेकिन अमेरिका अब भी भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण निर्यात गंतव्य बना हुआ है।

भारत के लिए अन्य प्रमुख निर्यात बाजारों में शामिल हैं:

  • संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
  • चीन
  • नीदरलैंड्स
  • यूनाइटेड किंगडम (UK)
  • सिंगापुर
  • जर्मनी
  • बांग्लादेश
  • सऊदी अरब
  • हांगकांग

यह सूची दर्शाती है कि भारत का निर्यात आधार लगातार विविध होता जा रहा है और केवल कुछ चुनिंदा देशों पर निर्भरता धीरे-धीरे कम हो रही है।


चीन को निर्यात में जबरदस्त 36.7% की वृद्धि

FY26 में सबसे बड़ा बदलाव चीन के साथ व्यापार में देखा गया है। भारत का चीन को निर्यात तेजी से बढ़कर 19.48 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि FY24-25 में यह लगभग 14.25 अरब डॉलर था।

यह लगभग 36.7 प्रतिशत की वृद्धि है, जो चीन को भारत के सबसे तेजी से बढ़ते निर्यात बाजारों में शामिल करता है।

हालांकि, दूसरी तरफ चीन से आयात भी बहुत अधिक स्तर पर बना हुआ है। FY26 में चीन से भारत का आयात बढ़कर 131.63 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो FY25 के 113.45 अरब डॉलर से काफी अधिक है।

इससे साफ संकेत मिलता है कि भारत-चीन व्यापार संबंध बढ़ तो रहे हैं, लेकिन असंतुलन अभी भी काफी बड़ा है।


UAE और यूरोपीय बाजारों का प्रदर्शन

भारत के अन्य प्रमुख व्यापार साझेदारों में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का प्रदर्शन भी स्थिर रहा है।

FY26 में UAE को भारत का निर्यात बढ़कर 37.37 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले वर्ष 36.64 अरब डॉलर था। यह मामूली लेकिन सकारात्मक वृद्धि मानी जा रही है।

वहीं यूरोपीय बाजारों जैसे नीदरलैंड्स और यूनाइटेड किंगडम को होने वाले निर्यात में थोड़ी नरमी देखी गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यूरोप में मांग में उतार-चढ़ाव और वैश्विक आर्थिक दबाव इसका कारण हो सकते हैं।


आयात में चीन की बढ़ती भूमिका और निर्भरता की चुनौती

भारत के आयात ढांचे में चीन अभी भी सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है। इसके बाद UAE, रूस और अमेरिका जैसे देश आते हैं।

चीन से आयात की अधिकता यह दर्शाती है कि भारत कई औद्योगिक और तकनीकी क्षेत्रों में अभी भी चीन पर निर्भर है। इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और कच्चे माल जैसे क्षेत्रों में यह निर्भरता विशेष रूप से देखने को मिलती है।

यह स्थिति भारत के लिए एक रणनीतिक चुनौती भी मानी जा रही है, क्योंकि व्यापार असंतुलन लंबे समय में आर्थिक जोखिम बढ़ा सकता है।


वाणिज्य सचिव का बयान: वैश्विक संकट का असर

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने मार्च 2026 के व्यापार आंकड़ों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहे संकट का असर भारत के निर्यात पर भी पड़ा है।

उन्होंने बताया कि मार्च महीने में मध्य पूर्व को भारत का निर्यात लगभग 3.5 अरब डॉलर घट गया, जो प्रतिशत के हिसाब से लगभग 57.95% की गिरावट है।

इसके अलावा, आयात में भी गिरावट दर्ज की गई है, जो लगभग 51.6% यानी 8.7 अरब डॉलर तक रही।

यह बयान स्पष्ट करता है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव सीधे तौर पर भारत के व्यापार प्रदर्शन को प्रभावित कर रहे हैं।


भारत का बदलता वैश्विक व्यापार पैटर्न

ताज़ा आंकड़े यह संकेत देते हैं कि भारत का व्यापारिक ढांचा तेजी से बदल रहा है। एक ओर अमेरिका जैसे विकसित बाजार स्थिर बने हुए हैं, वहीं चीन और UAE जैसे देशों के साथ व्यापार में वृद्धि हो रही है।

हालांकि, बढ़ता आयात और सीमित निर्यात वृद्धि मिलकर व्यापार संतुलन को प्रभावित कर रहे हैं। यह स्थिति सरकार और उद्योग दोनों के लिए नीति स्तर पर नए फैसलों की आवश्यकता को दर्शाती है।


आर्थिक विशेषज्ञों की नजर में क्या संकेत हैं?

आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव तीन प्रमुख संकेत देता है:

पहला, भारत का निर्यात अब अधिक diversified हो रहा है, जो दीर्घकालिक रूप से सकारात्मक है।

दूसरा, आयात में बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि घरेलू उद्योगों को अभी भी कई क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनने की जरूरत है।

तीसरा, वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाएं भारत के व्यापार पर सीधा प्रभाव डाल रही हैं, जिससे स्थिर नीति की आवश्यकता बढ़ जाती है।


निष्कर्ष

FY26 के व्यापार आंकड़े यह साफ दिखाते हैं कि भारत का वैश्विक व्यापार संतुलन एक महत्वपूर्ण परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। अमेरिका के साथ व्यापार अधिशेष घटा है, लेकिन चीन और अन्य एशियाई बाजारों में निर्यात बढ़ा है।

हालांकि कुल मिलाकर तस्वीर यह बताती है कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से वैश्विक बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है, लेकिन व्यापार असंतुलन और आयात निर्भरता अभी भी प्रमुख चुनौतियां बनी हुई हैं।

आने वाले वर्षों में यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत अपनी व्यापार नीति को किस दिशा में ले जाता है और क्या यह असंतुलन कम हो पाता है या नहीं।

Also Read:

  • भारत के रोड इंफ्रास्ट्रक्चर में ऐतिहासिक दिन, ₹12,000 करोड़ दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर से बदलेगी यात्रा की तस्वीर
  • रुपये पर बढ़ा दबाव, ₹93.50/$ तक गिरने का खतरा: तेल संकट और डॉलर की मजबूती ने बढ़ाई टेंशन

You Might Also Like

विश्व बैंक की चेतावनी! 2026 में 1.3% तक गिर सकती है ग्लोबल ग्रोथ, क्या आ रही है नई मंदी?

सारे एक्सपर्ट्स हो गए फेल, ईरान युद्ध के बीच तेल पर अमेरिका और चीन ने कर दिया बड़ा खेल

Forex Watch: फिर घटा भारत का विदेशी मुद्रा भंडार, लेकिन RBI के गोल्ड रिजर्व में हुई करीब 2 अरब डॉलर की बढ़ोतरी

एक दिन में अंबानी-अडानी की कुल नेटवर्थ से ज्यादा कमा गए एलन मस्क, दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बनने के बेहद करीब

सबसे तेजी से बढ़ने वाली इकॉनमी रहेगा भारत, मिडिल ईस्ट तनाव भी नहीं रोक पाएगा विकास; वर्ल्ड बैंक ने बढ़ाया GDP अनुमान

TAGGED: commerce ministry India, export news India, FY26 trade report, Global economy, import export data, India China trade, India Economy, India US trade, trade surplus
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article iran-us-blockade-crisis-pezeshkian-warning-middle-east-tensions-2026 Iran Crisis: “ज़बरदस्ती से नहीं झुकेगा ईरान” — राष्ट्रपति Pezeshkian की सख्त चेतावनी, US blockade से बढ़ा तनाव
Next Article iran-1104-hour-digital-blackout-internet-shutdown-netblocks-report-2026 ईरान में 1,104 घंटे का डिजिटल ब्लैकआउट: 47वें दिन भी इंटरनेट संकट जारी, बढ़ते तनाव ने हालात और बिगाड़े

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

success-story-dr-himanshu-gandhi-mother-sparsh-150-crore-brand
Success Story: शॉर्टकट नहीं, बरगद जैसा बनने की चाहत थी, छोड़ दी सरकारी नौकरी, बना डाला ₹150 करोड़ का ब्रांड
फाइनेंस
merritronix-share-gives-over-120-percent-return-after-ipo-listing-hits-upper-circuit
₹149 का IPO अब ₹361 के पार, Merritronix ने दिया 142% से ज्यादा रिटर्न, लगातार लग रहा अपर सर्किट
फाइनेंस
pm-kisan-23rd-installment-date-18-june-fact-check
PM Kisan 23rd Installment Date: क्या 18 जून को आएंगे ₹2000? सरकार ने अभी तक क्या कहा
फाइनेंस
anil-ambani-black-money-act-tax-evasion-case-bombay-high-court-relief
₹814 करोड़ विदेशी संपत्ति केस में अनिल अंबानी को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने फिलहाल रोक दी कार्रवाई
फाइनेंस
8th-pay-commission-suggestion-last-date-extended-till-15-june-2026-salary-hike-update
8th Pay Commission: 15 जून तक भेजें सुझाव, ₹30,000 बेसिक सैलरी वालों की तनख्वाह ₹1 लाख के पार जा सकती है!
फाइनेंस
silver-hallmarking-challenges-bis-huid-silver-jewellery
Silver Hallmarking: चांदी खरीदने वालों के लिए बड़ा अपडेट! अभी क्यों नहीं लागू हो पा रही अनिवार्य हॉलमार्किंग, BIS ने बताई वजह
फाइनेंस
rbi-action-mogaveera-cooperative-bank-withdrawal-limit-1-lakh
RBI का बड़ा एक्शन: इस बैंक के ग्राहकों को झटका, खाते से सिर्फ ₹1 लाख ही निकाल सकेंगे, जानिए पूरा मामला
फाइनेंस
fd-vs-ppf-vs-ssy-vs-nsc-interest-rate-tax-benefits-lockin-period
FD vs PPF, SSY: ब्याज दर, टैक्स छूट और लॉक-इन पीरियड; जानिए एफडी या सरकारी स्कीम्स, दोनों में से किसमें होता ज्यादा फायदा?
फाइनेंस
income-tax-notice-bank-cash-deposit-rs-1-28-crore-itat-relief-case
Income Tax Notice: बैंक में 1.28 करोड़ रुपये कैश जमा करना पड़ा भारी, 44 लाख का टैक्स नोटिस; ITAT ने व्यापारी को दी बड़ी राहत
फाइनेंस
ravi-modi-success-story-manyavar-founder-vedant-fashions-net-worth
Success Story: पिता की 10×14 फीट की दुकान से शुरू हुआ सफर, मां से लिए थे ₹10 हजार; आज ₹10,000 करोड़ की कंपनी के मालिक हैं रवि मोदी
फाइनेंस

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?