नई दिल्ली। भारत ने घरेलू उद्योगों को सस्ते आयात से बचाने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है। चीन से आने वाले उत्पादों पर पहले स्टील के मामले में कार्रवाई शुरू करने के बाद अब सरकार ने पांच अन्य उत्पादों के आयात पर भी एंटी-डंपिंग जांच शुरू कर दी है। इस बार जांच के दायरे में केवल चीन ही नहीं, बल्कि यूरोपीय संघ (EU), सिंगापुर, थाईलैंड और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे अन्य देश भी शामिल हैं।
यह जांच घरेलू कंपनियों की शिकायतों के आधार पर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडीज (DGTR) ने शुरू की है। भारतीय कंपनियों का आरोप है कि विदेशी निर्माता इन उत्पादों को भारत में बेहद कम कीमत पर बेच रहे हैं, जिससे घरेलू उद्योगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
हाईलाइट्स
- भारत ने पांच उत्पादों पर एंटी-डंपिंग जांच शुरू की।
- चीन के अलावा EU, सिंगापुर, थाईलैंड और UAE भी जांच के दायरे में।
- घरेलू कंपनियों ने सस्ते आयात से नुकसान की शिकायत की।
- DGTR लगाए गए आरोपों की विस्तृत जांच करेगा।
- दोष साबित होने पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाई जा सकती है।
किन पांच उत्पादों पर शुरू हुई जांच?
DGTR द्वारा शुरू की गई जांच में निम्नलिखित पांच उत्पाद शामिल हैं—
- मोल्डेड सोडा-लाइम ग्लास शीशियां (Moulded Soda-Lime Glass Vials)
- 6×4 और 4×2 एक्सल कॉन्फिगरेशन वाले इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर
- सायन्यूरिक क्लोराइड (Cyanuric Chloride)
- 100 माइक्रोन से अधिक मोटाई वाली पॉलीइथिलीन टेरेफ्थेलेट (PET) फिल्म
- एन्थ्रेसाइट कोयले से बना कार्बन राइजर (Carbon Raiser)
इन सभी उत्पादों के आयात को लेकर भारतीय कंपनियों ने डंपिंग का आरोप लगाया है।
फार्मा सेक्टर में इस्तेमाल होने वाली ग्लास शीशियों पर शिकायत
PGP Glass Limited ने चीन से आयातित मोल्डेड सोडा-लाइम ग्लास शीशियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
इन शीशियों का उपयोग मुख्य रूप से—
- इंजेक्शन वाली दवाओं
- वैक्सीन
- एंटीबायोटिक्स
- अन्य फार्मास्यूटिकल उत्पादों
को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है।
कंपनी का कहना है कि चीन से बेहद कम कीमत पर आयात होने वाली इन शीशियों के कारण घरेलू उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों पर भी उठे सवाल
IPLTECH Electric Pvt. Ltd. ने चीन से आयात किए जा रहे विशेष प्रकार के इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों के खिलाफ जांच की मांग की है।
ये ट्रैक्टर मुख्य रूप से—
- लॉजिस्टिक्स
- वेयरहाउस
- फैक्ट्री परिसर
- सामान ढुलाई
में उपयोग किए जाते हैं।
कंपनी का आरोप है कि चीन से आने वाले उत्पाद लागत से भी कम कीमत पर बेचे जा रहे हैं, जिससे भारतीय निर्माताओं को नुकसान हो रहा है।
केमिकल सेक्टर ने भी दर्ज कराई शिकायत
Superform Chemistries ने चीन और यूरोपीय संघ से आयातित सायन्यूरिक क्लोराइड के खिलाफ शिकायत की है।
यह रसायन कई उद्योगों में इस्तेमाल होता है, जैसे—
- कृषि रसायन
- फार्मास्यूटिकल उद्योग
- डाई और पिगमेंट उद्योग
- स्पेशलिटी केमिकल्स
कंपनी का कहना है कि विदेशी उत्पादकों की डंपिंग से भारतीय बाजार प्रभावित हो रहा है।
कार्बन राइजर पर भी जांच
Carbon Resources ने चीन से आयात होने वाले कार्बन राइजर के खिलाफ आवेदन दिया है।
यह उत्पाद मुख्य रूप से—
- स्टील उद्योग
- फाउंड्री
- मेटल कास्टिंग
में कार्बन की मात्रा बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
घरेलू उद्योग का आरोप है कि चीन से आने वाला सस्ता माल स्थानीय कंपनियों की प्रतिस्पर्धा को कमजोर कर रहा है।
PET फिल्म के आयात पर कई देशों की जांच
Garware Hi-Tech Limited ने 100 माइक्रोन से अधिक मोटाई वाली PET फिल्म के आयात के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
इस मामले में जांच केवल चीन तक सीमित नहीं है बल्कि—
- चीन
- सिंगापुर
- थाईलैंड
- संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
से होने वाले आयात को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है।
इस फिल्म का उपयोग औद्योगिक पैकेजिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंसुलेशन और कई अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में किया जाता है।
क्या होता है एंटी-डंपिंग?
एंटी-डंपिंग वह प्रक्रिया है जिसके तहत यदि कोई विदेशी कंपनी किसी उत्पाद को अपने घरेलू बाजार की तुलना में भारत में बेहद कम कीमत पर बेचती है और इससे भारतीय उद्योगों को नुकसान होता है, तो सरकार जांच के बाद उस उत्पाद पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगा सकती है।
इसका उद्देश्य आयात पर रोक लगाना नहीं, बल्कि निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करना होता है।
जांच के बाद क्या होगा?
DGTR अब सभी संबंधित पक्षों से जानकारी जुटाएगा और यह जांच करेगा कि—
- क्या वास्तव में डंपिंग हुई है?
- क्या घरेलू उद्योग को आर्थिक नुकसान हुआ है?
- दोनों के बीच प्रत्यक्ष संबंध है या नहीं?
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो DGTR एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने की सिफारिश करेगा। अंतिम फैसला वित्त मंत्रालय द्वारा लिया जाएगा।
भारत लगातार बढ़ा रहा है ट्रेड रेमेडी उपाय
हाल के वर्षों में भारत ने घरेलू उद्योगों की सुरक्षा के लिए कई एंटी-डंपिंग और काउंटरवेलिंग जांच शुरू की हैं। खासतौर पर चीन से आने वाले सस्ते उत्पादों पर सरकार लगातार नजर बनाए हुए है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन मामलों में डंपिंग साबित होती है, तो संबंधित उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है, जिससे भारतीय निर्माताओं को राहत मिलेगी और बाजार में प्रतिस्पर्धा अधिक संतुलित होगी.


