भारत Export Data June 2026: वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भारत के लिए जून 2026 अच्छी खबर लेकर आया है। वाणिज्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश के कुल निर्यात (Exports) में सालाना आधार पर 15.54% की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। खास बात यह रही कि इंजीनियरिंग गुड्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, चावल, रत्न एवं आभूषण और मीट उत्पादों की विदेशों में मांग तेजी से बढ़ी। वहीं अमेरिका को होने वाले निर्यात में मामूली गिरावट आई, लेकिन चीन और सिंगापुर जैसे बाजारों में भारतीय उत्पादों की मांग ने नया रिकॉर्ड बनाया।
Highlights
- जून 2026 में भारत का कुल निर्यात 15.54% बढ़कर 40.41 अरब डॉलर पहुंचा।
- इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक सामानों ने निर्यात वृद्धि में सबसे बड़ा योगदान दिया।
- चीन को होने वाले निर्यात में 31.49% की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज।
- मीट, डेयरी और पोल्ट्री उत्पादों के निर्यात में 54.63% की रिकॉर्ड बढ़त।
- कुल आयात भी 31% बढ़कर 70.84 अरब डॉलर पर पहुंचा।
जून 2026 में निर्यात ने पकड़ी रफ्तार
वाणिज्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, जून 2026 में भारत का कुल निर्यात 40,413.69 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जबकि जून 2025 में यह 34,978.85 मिलियन डॉलर था। यानी एक साल में निर्यात में 15.54% की उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं, वैश्विक बाजारों में भारतीय उत्पादों की बढ़ती स्वीकार्यता और मजबूत मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने इस वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स बने सबसे बड़े ग्रोथ इंजन
इस बार निर्यात बढ़ाने में सबसे अहम भूमिका इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर की रही।
- इंजीनियरिंग गुड्स का निर्यात 20.74% बढ़कर 11,478.69 मिलियन डॉलर पहुंच गया।
- इलेक्ट्रॉनिक गुड्स का निर्यात 18.93% बढ़कर 4,926.93 मिलियन डॉलर रहा।
भारत से इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी, औद्योगिक उपकरण और हाई-टेक उत्पादों की बढ़ती मांग यह संकेत देती है कि देश धीरे-धीरे वैश्विक सप्लाई चेन में अपनी मजबूत जगह बना रहा है।
चावल और मीट उत्पादों की विदेशों में जबरदस्त मांग
कृषि और खाद्य उत्पादों के निर्यात में भी शानदार प्रदर्शन देखने को मिला।
| उत्पाद | जून 2026 में प्रदर्शन |
|---|---|
| चावल | 16.48% वृद्धि, 1,000.33 मिलियन डॉलर |
| मीट, डेयरी एवं पोल्ट्री | 54.63% की रिकॉर्ड वृद्धि |
| लौह अयस्क | 49.97% वृद्धि |
| रत्न एवं आभूषण | 34.64% बढ़कर 2,407.18 मिलियन डॉलर |
| ड्रग्स एवं फार्मा | 7.13% वृद्धि |
हालांकि सभी सेक्टरों का प्रदर्शन सकारात्मक नहीं रहा।
इन क्षेत्रों में गिरावट दर्ज की गई—
- चाय का निर्यात 19.21% घटा।
- तिलहन उत्पादों में 10.75% की कमी रही।
- तैयार वस्त्र (RMG of Textiles) के निर्यात में 11.25% की गिरावट दर्ज की गई।
आयात में भी 31% की बड़ी छलांग
जून 2026 में भारत का कुल आयात 70,842.17 मिलियन डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष के 54,076.29 मिलियन डॉलर की तुलना में लगभग 31% अधिक है।
आयात बढ़ने के प्रमुख कारण—
- कच्चे तेल (Petroleum) की अधिक खरीद
- सोने (Gold) का बढ़ा आयात
- दालों की घरेलू मांग पूरी करने के लिए रिकॉर्ड आयात
सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा दालों का रहा, जहां आयात में 192.72% की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई।
अमेरिका अब भी सबसे बड़ा बाजार, लेकिन चीन में तेजी
देशवार आंकड़ों पर नजर डालें तो अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार बना हुआ है।
टॉप निर्यात बाजार (जून 2026)
| देश | निर्यात (मिलियन डॉलर) | बदलाव |
|---|---|---|
| अमेरिका | 8,174.56 | -1.21% |
| यूएई | 2,707.04 | +3.57% |
| चीन | 1,806.68 | +31.49% |
हालांकि अमेरिका को होने वाले निर्यात में हल्की गिरावट आई, लेकिन चीन और सिंगापुर जैसे बाजारों में भारतीय उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ी।
सिंगापुर को निर्यात में 48.91% की वृद्धि दर्ज की गई, जो प्रमुख बाजारों में सबसे तेज वृद्धि में शामिल है।
चीन और रूस से आयात भी तेजी से बढ़ा
आयात के मोर्चे पर भी चीन भारत का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बना रहा।
- चीन से आयात 40.26% बढ़कर 13,342.50 मिलियन डॉलर पहुंच गया।
- रूस से आयात में 85.02% की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।
यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से ऊर्जा, मशीनरी और औद्योगिक कच्चे माल की खरीद के कारण मानी जा रही है।
जून 2026 व्यापारिक प्रदर्शन (मिलियन डॉलर में)
| श्रेणी | जून 2025 | जून 2026 | बदलाव |
|---|---|---|---|
| कुल निर्यात | 34,978.85 | 40,413.69 | +15.54% |
| इंजीनियरिंग गुड्स | 9,506.75 | 11,478.69 | +20.74% |
| इलेक्ट्रॉनिक गुड्स | 4,142.82 | 4,926.93 | +18.93% |
| चावल | 858.84 | 1,000.33 | +16.48% |
| ड्रग्स एवं फार्मा | 2,621.72 | 2,808.57 | +7.13% |
| कुल आयात | 54,076.29 | 70,842.17 | +31.00% |
भारत के व्यापार के लिए क्या मायने हैं?
जून 2026 के आंकड़े बताते हैं कि भारतीय निर्यात लगातार मजबूत हो रहा है और इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि उत्पाद तथा जेम्स एंड ज्वेलरी जैसे सेक्टर वैश्विक बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं। हालांकि आयात में भी तेज वृद्धि हुई है, जिससे व्यापार घाटे (Trade Deficit) पर दबाव बढ़ सकता है। आने वाले महीनों में वैश्विक मांग, कच्चे तेल की कीमतें और प्रमुख देशों के साथ व्यापारिक संबंध भारत के निर्यात प्रदर्शन की दिशा तय करेंगे।


