IMD Heavy Rain Alert: बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डिप्रेशन अब देश के कई हिस्सों में भारी बारिश का कारण बन रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 13 अगस्त को जारी मौसम बुलेटिन में बताया कि यह मौसमी तंत्र उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए अगले 24 घंटों में गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड के ऊपर से गुजर सकता है। इसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान समेत उत्तर-पश्चिम भारत के कई क्षेत्रों में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
दिल्ली-NCR से यूपी-बिहार तक बारिश का अलर्ट
उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय कई मौसमी प्रणालियों के कारण मानसूनी गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर चक्रवातीय परिसंचरण, दक्षिण हरियाणा के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ का असर भी मौसम पर दिखाई दे रहा है।
दिल्ली-NCR, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 14 से 19 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में 14 और 15 अगस्त को व्यापक वर्षा देखने को मिल सकती है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस के आसपास लोगों को मौसम को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश में भी कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13 से 18 अगस्त तक बारिश का दौर रहने का अनुमान है। 13 से 15 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी भी दी गई है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 14 से 18 अगस्त तक भारी बारिश हो सकती है।
बिहार में 13 से 16 अगस्त के बीच छिटपुट बारिश के बाद 17 और 18 अगस्त को बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। इस दौरान कई स्थानों पर भारी बौछारें पड़ सकती हैं। राज्य में 13 से 17 अगस्त के बीच गरज और बिजली गिरने का भी अलर्ट जारी किया गया है।
बंगाल और ओडिशा में रिकॉर्डतोड़ बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान पूर्वी भारत के कई इलाकों में बेहद तेज बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार गांगेय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में कुछ स्थानों पर 21 सेंटीमीटर या उससे अधिक बारिश दर्ज की गई, जिसे अत्यधिक भारी बारिश की श्रेणी में रखा जाता है।
झारखंड और पूर्वी राजस्थान में भी 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान, मध्य प्रदेश, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तटीय कर्नाटक और मेघालय के कुछ हिस्सों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश हुई।
डिप्रेशन के आगे बढ़ने के साथ पूर्वी भारत में बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है। खासकर निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने का खतरा बना हुआ है।
बंगाल, ओडिशा और झारखंड में अत्यधिक भारी बारिश का खतरा
13 अगस्त को गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 14 अगस्त को भी इन क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश जारी रह सकती है।
मौसम प्रणाली के प्रभाव से तेज हवाएं और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है। गांगेय पश्चिम बंगाल और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 13 अगस्त को 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।
झारखंड और ओडिशा में 13 अगस्त को आकाशीय बिजली गिरने की गंभीर आशंका भी जताई गई है। ऐसे मौसम में खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है।
छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भी भारी बारिश
मध्य भारत में भी बारिश का असर मजबूत रहने वाला है। छत्तीसगढ़ में 13 और 14 अगस्त को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। 15 अगस्त को राज्य के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 से 17 अगस्त के बीच और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 16 और 17 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। विदर्भ में भी 14 से 16 अगस्त के बीच भारी बारिश हो सकती है।
लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। ग्रामीण और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति को लेकर स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रहने की जरूरत है।
पहाड़ी राज्यों में भी बारिश का दौर
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र भी बारिश से प्रभावित रहेगा। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और उत्तराखंड में 13 से 19 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है।
हिमाचल प्रदेश में 14 अगस्त तथा 17 और 18 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में 14 अगस्त और 16-17 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।
पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़क मार्ग बाधित होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय मौसम और प्रशासन की सलाह पर नजर रखनी चाहिए।
पूर्वोत्तर भारत में 19 अगस्त तक बारिश
पूर्वोत्तर राज्यों में भी मानसूनी गतिविधियां लगातार सक्रिय रहेंगी। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 से 19 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
अरुणाचल प्रदेश में 15 से 17 अगस्त के बीच बहुत भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जोखिम बढ़ सकता है।
पश्चिम और दक्षिण भारत में भी मौसम रहेगा सक्रिय
कोंकण और गोवा में 13 से 19 अगस्त तक व्यापक बारिश की संभावना है। 13 से 15 अगस्त के बीच यहां भारी बारिश हो सकती है। मध्य महाराष्ट्र में 13 से 16 अगस्त तक भी भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है।
दक्षिण भारत में केरल और माहे तथा तटीय कर्नाटक में 13 से 17-19 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के कई हिस्सों में तेज सतही हवाएं चलने के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
कुछ इलाकों में सतही हवाओं की गति 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से बचने की सलाह दी जाती है।
19 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम?
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले कई दिनों तक देश के बड़े हिस्से में मानसून सक्रिय रहने वाला है। पूर्वी और मध्य भारत में डिप्रेशन के कारण बारिश की तीव्रता ज्यादा रह सकती है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में भी 19 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में बारिश अलग-अलग दिनों में तेज हो सकती है। वहीं बंगाल, ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश का खतरा बना हुआ है।
ऐसे मौसम में लोगों को मौसम विभाग के ताजा अलर्ट पर नजर रखनी चाहिए। भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना, जलभराव वाले रास्तों में वाहन न ले जाना और बिजली चमकने के समय खुले स्थानों से दूर रहना सुरक्षित विकल्प है।
डिस्क्लेमर: यह मौसम संबंधी जानकारी IMD के 13 अगस्त को जारी पूर्वानुमान और मौसम बुलेटिन पर आधारित है। स्थानीय परिस्थितियों में बदलाव के साथ बारिश की तीव्रता और चेतावनी में बदलाव हो सकता है। किसी यात्रा या अन्य महत्वपूर्ण गतिविधि से पहले स्थानीय मौसम विभाग और प्रशासन की ताजा सलाह जरूर देखें।


