भारत में मानसून एक बार फिर पूरे जोर पर है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 अगस्त से 7 अगस्त 2026 तक देश के अधिकांश हिस्सों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में लगातार बारिश, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 30 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ इलाकों में जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन जैसी परिस्थितियां भी बन सकती हैं।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
2 से 7 अगस्त तक इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
IMD के अनुसार अगले छह दिनों तक देश के कई हिस्सों में मानसून बेहद सक्रिय रहेगा। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक कई राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है।
उत्तर भारत में बारिश का दौर जारी
उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में अगले कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।
भारी बारिश की चेतावनी वाले राज्य:
- हिमाचल प्रदेश
- उत्तराखंड
- जम्मू-कश्मीर
- पंजाब
- हरियाणा
- चंडीगढ़
- दिल्ली
- उत्तर प्रदेश
- राजस्थान
मौसम विभाग के मुताबिक हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है। वहीं पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में 3 से 4 अगस्त के दौरान तेज बारिश और जलभराव की स्थिति बन सकती है।
उत्तर प्रदेश और राजस्थान में विशेष अलर्ट
उत्तर प्रदेश
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 3 से 7 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना।
- पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 से 6 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट।
राजस्थान
पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 2 अगस्त को कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
मध्य और पूर्वी भारत में भी मेहरबान रहेगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार मध्य भारत और पूर्वी राज्यों में भी अच्छी बारिश का दौर जारी रहेगा।
प्रभावित राज्य:
- मध्य प्रदेश
- छत्तीसगढ़
- विदर्भ
- बिहार
- झारखंड
- ओडिशा
- पश्चिम बंगाल
- सिक्किम
बिहार, झारखंड, ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
पूर्वोत्तर भारत में लगातार होगी बारिश
पूर्वोत्तर राज्यों में अगले कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
इन राज्यों में अलर्ट:
- अरुणाचल प्रदेश
- असम
- मेघालय
- नागालैंड
- मणिपुर
- मिजोरम
- त्रिपुरा
लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका बनी हुई है।
दक्षिण भारत में भी भारी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी मानसून सक्रिय रहेगा।
प्रमुख प्रभावित राज्य:
- केरल
- तटीय कर्नाटक
- दक्षिण आंतरिक कर्नाटक
- तमिलनाडु
- तेलंगाना
- आंध्र प्रदेश
- लक्षद्वीप
IMD के अनुसार उत्तरी और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 2 अगस्त को 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं (Thundersquall) चल सकती हैं। केरल और तटीय कर्नाटक में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।
कोंकण, गोवा और गुजरात में लगातार बरसेंगे बादल
- कोंकण और गोवा में 2 से 7 अगस्त तक लगातार भारी बारिश का अनुमान।
- गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ में 2 से 3 अगस्त के बीच भारी बारिश हो सकती है।
पिछले 24 घंटे में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार:
- केरल के कन्नानूर में 11 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
- त्रिशूर में 10 सेंटीमीटर बारिश हुई।
- गुजरात के राजकोट में 7 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
इसके अलावा असम-मेघालय, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, कोंकण-गोवा, तेलंगाना, केरल और कर्नाटक में व्यापक बारिश दर्ज की गई।
देश का सबसे अधिक और सबसे कम तापमान
- मध्य प्रदेश के खरगोन में न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
- तमिलनाडु के तोंडी में अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मछुआरों के लिए IMD की विशेष चेतावनी
मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में समुद्र के बेहद उग्र रहने की चेतावनी जारी की है।
अरब सागर
6 अगस्त तक:
- गुजरात तट
- कर्नाटक तट
- केरल तट
- लक्षद्वीप
- सोमालिया और ओमान तट के आसपास
तेज हवाएं और ऊंची लहरें उठने की संभावना है।
बंगाल की खाड़ी
6 अगस्त तक:
- श्रीलंका तट
- अंडमान सागर
- बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों
में तेज हवाओं के चलते मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
लोगों के लिए IMD की सलाह
मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
- जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचें।
- बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान या पेड़ों के नीचे न खड़े हों।
- अनावश्यक यात्रा से बचें।
- नदी, नालों और पहाड़ी क्षेत्रों के पास सतर्क रहें।
- स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर रखें।


