Market Outlook: भारतीय शेयर बाजार ने पिछले कारोबारी सप्ताह में शानदार वापसी की। लगातार दो सप्ताह की कमजोरी के बाद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 दोनों इंडेक्स 2% से अधिक की तेजी के साथ अपने रिकॉर्ड स्तरों के करीब पहुंच गए। इस दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भी दो सप्ताह बाद फिर से खरीदारी की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) का भरोसा लगातार बना रहा। मजबूत तिमाही नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, बेहतर मॉनसून और सकारात्मक आर्थिक संकेतकों ने बाजार की धारणा को मजबूती दी।
सेंसेक्स और निफ्टी ने दर्ज की दमदार बढ़त
पिछले कारोबारी सप्ताह में बीएसई सेंसेक्स 2,034.87 अंक (2.67%) चढ़कर 78,094.64 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 में 616.15 अंकों (2.59%) की तेजी दर्ज हुई और यह 24,383.60 के स्तर पर बंद हुआ।
इस तेजी के साथ बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन भी 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़ गया, जिससे निवेशकों की संपत्ति में बड़ा इजाफा हुआ।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में लौटी तेजी
लगातार दो सप्ताह की गिरावट के बाद निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 2% से अधिक की तेजी दर्ज हुई और यह अपने 63,183.35 के रिकॉर्ड हाई के करीब पहुंच गया।
मिडकैप इंडेक्स के प्रमुख गेनर्स में शामिल रहे—
- कोफोर्ज
- लौरस लैब्स
- स्विगी
- कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (CONCOR)
- अशोक लेलैंड
इन सभी शेयरों में सप्ताह के दौरान 10% से अधिक की तेजी देखने को मिली।
वहीं दूसरी ओर—
- सुजलॉन एनर्जी
- फीनिक्स मिल्स
- ग्रो (Billionbrains Garage Ventures)
- बैंक ऑफ इंडिया
- एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस
सप्ताह के कमजोर प्रदर्शन करने वाले शेयरों में शामिल रहे।
स्मॉलकैप इंडेक्स भी रिकॉर्ड स्तर के करीब
निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स भी लगभग 2.6% मजबूत होकर अपने 52 सप्ताह के उच्च स्तर 19,470.50 के करीब पहुंच गया।
सप्ताह के दौरान जिन शेयरों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया उनमें शामिल रहे—
- रेडिंगटन
- केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया
- फर्स्टसोर्स सॉल्यूशंस
- ब्रिगेड एंटरप्राइजेज
- एफ्ले 3i
- आईआईएफएल फाइनेंस
- केफिन टेक्नोलॉजीज
- आईएफसीआई
इनमें कई शेयरों में 24% तक की तेजी दर्ज की गई।
वहीं नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट, डेटा पैटर्न्स (इंडिया), ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी और सिटी यूनियन बैंक कमजोर प्रदर्शन करने वाले शेयर रहे।
सेक्टरवार प्रदर्शन में आईटी सबसे आगे
पिछले सप्ताह सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो सबसे ज्यादा तेजी निफ्टी आईटी इंडेक्स में देखने को मिली।
| सेक्टर | साप्ताहिक बढ़त |
|---|---|
| निफ्टी आईटी | 6.75% |
| निफ्टी मीडिया | 5.97% |
| निफ्टी ऑटो | 5.61% |
| निफ्टी फार्मा | 3.86% |
| निफ्टी हेल्थकेयर | 3.20% |
| निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स | 2.89% |
हालांकि निफ्टी डिफेंस और निफ्टी एनर्जी इंडेक्स सप्ताह के दौरान लाल निशान में बंद हुए।
FIIs और DIIs दोनों ने बढ़ाया भरोसा
पिछले सप्ताह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹5,949.96 करोड़ के नेट शेयर खरीदे। यह लगातार दो सप्ताह की बिकवाली के बाद उनकी पहली बड़ी खरीदारी रही।
वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी ₹5,387.66 करोड़ का निवेश किया, जिससे बाजार को मजबूत सपोर्ट मिला।
संस्थागत निवेशकों की इस खरीदारी ने बाजार की तेजी को और मजबूती प्रदान की।
बाजार की दिशा तय करेंगे ये बड़े फैक्टर
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड (वेल्थ मैनेजमेंट) सिद्धार्थ खेमका के अनुसार घरेलू अर्थव्यवस्था के मजबूत संकेत और जून तिमाही के बेहतर कॉरपोरेट नतीजों की वजह से बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है।
उनके मुताबिक अगले सप्ताह निवेशकों की नजर इन प्रमुख घटनाओं पर रहेगी—
- RBI की मौद्रिक नीति (Monetary Policy)
- भारत के मैन्युफैक्चरिंग PMI आंकड़े
- सर्विसेज PMI डेटा
- कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
- पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव
- जून तिमाही के जारी कॉरपोरेट नतीजे
इन घटनाओं के आधार पर बाजार में सेक्टर और स्टॉक आधारित गतिविधियां तेज रह सकती हैं।
Nifty के लिए क्या हैं अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस?
रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अजीत मिश्र का कहना है कि निफ्टी ने 24,370 के आसपास स्थित 200-दिवसीय EMA को पार कर तकनीकी रूप से अपनी मजबूती साबित की है।
उनके अनुसार—
- 24,600 अगला महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस है।
- इसके ऊपर मजबूत ब्रेकआउट मिलने पर निफ्टी 24,800–25,000 तक जा सकता है।
- नीचे की ओर 24,270 पहला सपोर्ट है।
- इसके बाद 24,150–24,050 का जोन मजबूत सपोर्ट माना जाएगा।
उनका मानना है कि इन सपोर्ट लेवल के ऊपर आने वाली हर गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में देखा जा सकता है। फिलहाल उन्हें ऑटो और फार्मा सेक्टर में बेहतर संभावनाएं नजर आ रही हैं।
HDFC Securities की क्या है राय?
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी के मुताबिक निफ्टी फिलहाल 24,350–24,400 के महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस जोन पर कारोबार कर रहा है।
यह वही क्षेत्र है जहां—
- 8 जुलाई का ओपनिंग गैप मौजूद है,
- 17 जुलाई का पिछला स्विंग हाई है,
- और 200-दिवसीय EMA भी स्थित है।
उनका मानना है कि इस स्तर पर बाजार में कुछ समय के लिए कंसोलिडेशन या हल्की मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है।
हालांकि यदि निफ्टी 24,400 के ऊपर टिकने में सफल रहता है तो इसके 24,600–24,700 तक पहुंचने की संभावना मजबूत हो जाएगी। वहीं 24,200 का स्तर तत्काल सपोर्ट के रूप में देखा जा रहा है।
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल भारतीय शेयर बाजार का दीर्घकालिक ट्रेंड सकारात्मक बना हुआ है। मजबूत कॉरपोरेट नतीजे, विदेशी निवेशकों की वापसी, बेहतर मानसून और आर्थिक गतिविधियों में सुधार बाजार के पक्ष में हैं। हालांकि RBI की मौद्रिक नीति, वैश्विक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा। ऐसे माहौल में निवेशकों को गुणवत्ता वाले शेयरों पर फोकस करते हुए गिरावट पर चरणबद्ध निवेश की रणनीति अपनानी चाहिए।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। इस लेख में दिए गए विचार विभिन्न एक्सपर्ट्स और ब्रोकरेज हाउस के हैं। NewsJagran.in या इसका प्रबंधन किसी भी निवेश निर्णय के लिए जिम्मेदार नहीं है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


