शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों का भरोसा मल्टी-कैप म्यूचुअल फंड्स पर लगातार मजबूत होता जा रहा है। साल 2026 की पहली छमाही (जनवरी-जून) में इस कैटेगरी में कुल 18,077 करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो दर्ज किया गया। खास बात यह रही कि छह महीने के दौरान हर महीने निवेश सकारात्मक रहा, जिससे साफ संकेत मिलता है कि निवेशक अब ऐसे फंड्स को प्राथमिकता दे रहे हैं जो लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप तीनों तरह की कंपनियों में संतुलित निवेश का अवसर देते हैं।
बाजार में अस्थिरता के बावजूद निवेशकों का यह भरोसा दर्शाता है कि लंबी अवधि की वेल्थ क्रिएशन के लिए मल्टी-कैप फंड्स की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है।
जनवरी से जून तक हर महीने आया मजबूत निवेश
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से जून 2026 के बीच मल्टी-कैप म्यूचुअल फंड्स में लगातार मजबूत निवेश दर्ज किया गया।
| महीना | नेट इनफ्लो (₹ करोड़) |
|---|---|
| जनवरी | 1,995 |
| फरवरी | 1,934 |
| मार्च | 2,982 |
| अप्रैल | 3,806 |
| मई | 2,291 |
| जून | 3,070 |
इन छह महीनों में कुल 18,077 करोड़ रुपये का निवेश आया। इनमें अप्रैल 2026 सबसे मजबूत महीना रहा, जब इस कैटेगरी में 3,806 करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो दर्ज हुआ।
क्यों बढ़ रही है मल्टी-कैप फंड्स की लोकप्रियता?
मल्टी-कैप म्यूचुअल फंड्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें निवेशकों का पैसा अलग-अलग मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली कंपनियों में लगाया जाता है। इससे पोर्टफोलियो अधिक विविध (Diversified) बनता है और किसी एक सेगमेंट पर निर्भरता कम हो जाती है।
SEBI के नियमों के अनुसार, प्रत्येक मल्टी-कैप फंड को कम से कम:
- 25% लार्ज कैप कंपनियों में निवेश करना होता है।
- 25% मिड कैप कंपनियों में निवेश अनिवार्य है।
- 25% स्मॉल कैप कंपनियों में निवेश करना जरूरी होता है।
बाकी 25% निवेश फंड मैनेजर बाजार की स्थिति और निवेश रणनीति के अनुसार तय करता है। यही संतुलित निवेश संरचना निवेशकों को एक ही स्कीम में अलग-अलग मार्केट सेगमेंट का एक्सपोजर उपलब्ध कराती है।
जुलाई में कई फंड्स ने बेंचमार्क को पछाड़ा
जुलाई 2026 में भी मल्टी-कैप फंड्स का प्रदर्शन मजबूत रहा। जहां निफ्टी 500 मल्टी-कैप 50:25:25 TRI ने लगभग 2% रिटर्न दिया, वहीं कई फंड्स ने इससे बेहतर प्रदर्शन कर निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया।
जुलाई 2026 के टॉप परफॉर्मिंग मल्टी-कैप फंड्स
| फंड | जुलाई रिटर्न |
|---|---|
| मोतीलाल ओसवाल मल्टी कैप फंड | 6.80% |
| पीजीआईएम इंडिया मल्टी कैप फंड | 3.14% |
| व्हाइटओक कैपिटल मल्टी कैप फंड | 3.08% |
| केनरा रोबेको मल्टी कैप फंड | 2.83% |
| एक्सिस मल्टीकैप फंड | 2.79% |
इन आंकड़ों से पता चलता है कि सक्रिय फंड मैनेजमेंट वाले कई मल्टी-कैप फंड्स ने बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया।
एक साल में किन फंड्स ने किया सबसे अच्छा प्रदर्शन?
28 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुछ मल्टी-कैप फंड्स ने एक साल में निवेशकों को आकर्षक रिटर्न दिया।
एक वर्ष के टॉप रिटर्न देने वाले फंड्स
| फंड | 1 वर्ष का रिटर्न |
|---|---|
| ग्रो मल्टीकैप डायरेक्ट | 15.38% |
| ट्रस्ट एमएफ मल्टीकैप डायरेक्ट | 15.18% |
| बैंक ऑफ इंडिया मल्टीकैप डायरेक्ट | 13.18% |
हालांकि सभी योजनाओं का प्रदर्शन समान नहीं रहा।
कमजोर प्रदर्शन करने वाले फंड्स
- सैमको मल्टी कैप फंड: -9.19%
- SBI मल्टीकैप फंड
- HDFC मल्टी कैप फंड
- इनवेस्को इंडिया मल्टीकैप फंड
इन स्कीम्स ने पिछले एक वर्ष में नकारात्मक रिटर्न दर्ज किया।
निवेश से पहले किन बातों का रखें ध्यान?
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स के अनुसार मल्टी-कैप फंड्स उन निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं जो 5 वर्ष या उससे अधिक समय के लिए निवेश करना चाहते हैं।
निवेश से पहले इन बातों पर ध्यान देना जरूरी है:
- अपने निवेश लक्ष्य स्पष्ट रखें।
- निवेश की समय अवधि तय करें।
- अपनी जोखिम क्षमता (Risk Profile) का आकलन करें।
- पिछले प्रदर्शन के साथ फंड मैनेजर का रिकॉर्ड भी देखें।
- केवल रिटर्न देखकर निवेश का फैसला न लें।
चूंकि इन फंड्स में मिड कैप और स्मॉल कैप कंपनियों में अनिवार्य निवेश होता है, इसलिए इनमें उतार-चढ़ाव अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है। ऐसे में लंबी अवधि का नजरिया रखना बेहतर माना जाता है।
निष्कर्ष
शेयर बाजार में अस्थिरता के बावजूद मल्टी-कैप म्यूचुअल फंड्स में लगातार निवेश बढ़ना इस बात का संकेत है कि निवेशक विविधीकृत (Diversified) पोर्टफोलियो को प्राथमिकता दे रहे हैं। छह महीने में 18,077 करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो और जुलाई में कई फंड्स का बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन इस कैटेगरी की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। हालांकि निवेश से पहले अपनी वित्तीय जरूरतों, जोखिम क्षमता और निवेश अवधि का आकलन करना हमेशा जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे किसी भी म्यूचुअल फंड या निवेश योजना में निवेश की सलाह न समझें। म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। निवेश करने से पहले वित्तीय सलाहकार की राय अवश्य लें।


