ICICI Lombard Share Price Fall: गुरुवार के कारोबारी सत्र में इंश्योरेंस और एसेट मैनेजमेंट सेक्टर के तीन बड़े शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। ICICI लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस, HDFC एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) और ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के शेयर तिमाही नतीजों के बाद दबाव में आ गए। सबसे ज्यादा गिरावट ICICI लोम्बार्ड के शेयर में रही, जो कारोबार के दौरान करीब 14 फीसदी तक टूट गया।
वहीं HDFC AMC और ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के शेयर भी बिकवाली की चपेट में रहे। खास बात यह है कि तीनों कंपनियों ने बुधवार को जून तिमाही (Q1FY27) के वित्तीय नतीजे जारी किए थे। हालांकि, कुछ कंपनियों के मुनाफे में बढ़ोतरी के बावजूद निवेशकों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरने के कारण शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
ICICI लोम्बार्ड के शेयर में सबसे बड़ी गिरावट
गुरुवार को शुरुआती कारोबार में ICICI लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस का शेयर सबसे ज्यादा गिरा। कंपनी का शेयर करीब 14 फीसदी तक फिसल गया। सुबह करीब 10 बजे BSE पर यह शेयर 204 रुपये की गिरावट के साथ 1,610 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था।
निवेशकों की चिंता कंपनी के कमजोर तिमाही प्रदर्शन को लेकर रही। ICICI लोम्बार्ड का नेट प्रॉफिट जून तिमाही में सालाना आधार पर 46 फीसदी घटकर 403 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा इससे काफी अधिक था।
कंपनी के प्रदर्शन पर दो बड़े फैक्टर का असर पड़ा:
- आग से जुड़े इंश्योरेंस क्लेम के कारण दबाव बढ़ा।
- मोटर थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस पोर्टफोलियो पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का असर देखने को मिला।
इसके अलावा कंपनी का कंबाइंड रेश्यो भी खराब हुआ। यह इंश्योरेंस कंपनियों के अंडरराइटिंग प्रदर्शन को मापने वाला अहम पैमाना है। जून तिमाही में ICICI लोम्बार्ड का कंबाइंड रेश्यो बढ़कर 107.2 फीसदी हो गया, जबकि एक साल पहले यह 102.9 फीसदी था।
हालांकि, कंपनी का ग्रॉस डायरेक्ट प्रीमियम इनकम (GDPI) 7.5 फीसदी बढ़कर 8,318 करोड़ रुपये रहा, लेकिन यह इंडस्ट्री की 10.9 फीसदी ग्रोथ से कम रहा। यही वजह रही कि बाजार ने नतीजों को नकारात्मक तरीके से लिया।
HDFC AMC का शेयर भी दबाव में
HDFC एसेट मैनेजमेंट कंपनी (HDFC AMC) के शेयरों में भी गुरुवार को गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में शेयर 5 फीसदी से ज्यादा गिर गया। सुबह करीब 10 बजे यह 4 फीसदी की गिरावट के साथ 2,620 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
हालांकि कंपनी के वित्तीय नतीजे मजबूत रहे। जून तिमाही में HDFC AMC का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 12 फीसदी बढ़कर 837 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा 748 करोड़ रुपये था।
कंपनी का रेवेन्यू भी 14 फीसदी बढ़कर 1,100 करोड़ रुपये पहुंच गया।
HDFC AMC के प्रदर्शन से जुड़े प्रमुख आंकड़े:
- तिमाही औसत AUM (Assets Under Management) 13 फीसदी बढ़कर 9.35 लाख करोड़ रुपये हुआ।
- कंपनी के यूनिक निवेशकों की संख्या बढ़कर 1.71 करोड़ हो गई।
- सिस्टमैटिक ट्रांजैक्शन (SIP सहित) बढ़कर 4,810 करोड़ रुपये पहुंच गए।
इसके बावजूद शेयर में गिरावट का कारण वैल्यूएशन को लेकर चिंता और मार्केट शेयर में मामूली कमी माना जा रहा है। जून तिमाही में कंपनी का मार्केट शेयर थोड़ा घटकर 11.2 फीसदी रह गया।
ICICI प्रूडेंशियल लाइफ के शेयर भी फिसले
ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के शेयर में भी गुरुवार को बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में यह शेयर करीब 4.5 फीसदी तक गिर गया और बाद में करीब 2.8 फीसदी की कमजोरी के साथ 510 रुपये के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
हालांकि कंपनी के जून तिमाही के नतीजे मजबूत रहे।
ICICI प्रूडेंशियल लाइफ का स्टैंडअलोन प्रॉफिट सालाना आधार पर 27.8 फीसदी बढ़कर 386 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी के अन्य प्रमुख आंकड़े:
- कुल प्रीमियम आय 14.5 फीसदी बढ़कर 10,251 करोड़ रुपये रही।
- नए बिजनेस प्रीमियम में 21.3 फीसदी की वृद्धि हुई।
- नए बिजनेस प्रीमियम बढ़कर 4,866 करोड़ रुपये पहुंच गया।
मजबूत नतीजों के बावजूद शेयर में गिरावट बताती है कि बाजार पहले से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रहा था और निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी।
अच्छे नतीजों के बाद भी क्यों गिर रहे हैं शेयर?
शेयर बाजार में सिर्फ मुनाफा बढ़ना ही काफी नहीं होता। निवेशक कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन, ग्रोथ की रफ्तार, मार्जिन और वैल्यूएशन को भी देखते हैं।
इन तीनों शेयरों में गिरावट के पीछे कुछ प्रमुख कारण हो सकते हैं:
1. उम्मीदों से कमजोर प्रदर्शन
कई बार कंपनियां अच्छा प्रदर्शन करती हैं, लेकिन अगर बाजार की उम्मीदें उससे ज्यादा होती हैं तो शेयर गिर सकते हैं।
2. ऊंचा वैल्यूएशन
HDFC AMC और ICICI प्रूडेंशियल जैसे क्वालिटी शेयरों में पहले से मजबूत तेजी रही है। ऐसे में अच्छे नतीजों के बाद भी निवेशक मुनाफावसूली कर सकते हैं।
3. मार्जिन और ग्रोथ पर चिंता
ICICI लोम्बार्ड के मामले में कमजोर अंडरराइटिंग मार्जिन और बढ़ता कंबाइंड रेश्यो निवेशकों की चिंता का कारण बना।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
ICICI लोम्बार्ड, HDFC AMC और ICICI प्रूडेंशियल लाइफ जैसी कंपनियां अपने-अपने सेक्टर की प्रमुख कंपनियां हैं। हालांकि, किसी भी शेयर में निवेश से पहले कंपनी के तिमाही प्रदर्शन, वैल्यूएशन, सेक्टर आउटलुक और भविष्य की ग्रोथ को समझना जरूरी है।
शॉर्ट टर्म में नतीजों के आधार पर उतार-चढ़ाव रह सकता है, जबकि लंबी अवधि के निवेशकों को कंपनी के फंडामेंटल और बिजनेस मॉडल पर ध्यान देना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से दी गई है। NewsJagran किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


