Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 9 अगस्त के पूर्वानुमान के मुताबिक, 9 से 15 अगस्त के बीच पश्चिमी हिमालयी राज्यों समेत कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। वहीं 13 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी में बनने वाले मौसम सिस्टम के कारण पूर्वी और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। दिल्ली-NCR में भी अगले कुछ दिनों तक बादल और बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
मानसून फिर होगा सक्रिय, 13 अगस्त के बाद बढ़ेगा बारिश का जोर
देश के कई हिस्सों में मानसून पहले से सक्रिय है, लेकिन आने वाले दिनों में बारिश का दायरा और बढ़ सकता है। खासतौर पर 13 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के आसपास बनने वाला मौसम सिस्टम अहम माना जा रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, 11 अगस्त के आसपास इस क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने की संभावना है। इसके बाद करीब 13 अगस्त के आसपास कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो सकता है। इस सिस्टम के प्रभाव से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और बिहार सहित आसपास के इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
इसका असर केवल पूर्वी भारत तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। सिस्टम के आगे बढ़ने के साथ मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी मानसूनी गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
उत्तर-पश्चिम भारत में 15 अगस्त तक बारिश
उत्तर-पश्चिम भारत में इस सप्ताह मानसून की सक्रियता बनी रह सकती है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में 9 से 15 अगस्त के बीच कई जगह बारिश होने का अनुमान है।
उत्तराखंड में बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
पंजाब में 10-11 अगस्त और फिर 13-14 अगस्त को कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। वहीं हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 10-11 अगस्त तथा 13 अगस्त को बारिश की संभावना है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13-14 अगस्त के दौरान बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में भी 9 से 13 अगस्त के बीच बारिश जारी रहने की संभावना है।
इन राज्यों में बहुत भारी बारिश का खतरा
कुछ क्षेत्रों में सामान्य बारिश के मुकाबले ज्यादा तेज बारिश की स्थिति बन सकती है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के क्षेत्रों में 11 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 10-11 अगस्त तथा उत्तराखंड में 9-10 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।
पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के दौरान स्थानीय स्तर पर सड़कें प्रभावित होने, भूस्खलन और अचानक जलभराव जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी तेज बारिश
मध्य भारत में भी आने वाले दिनों में मानसून सक्रिय रह सकता है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में कई जगह बारिश होने की संभावना है।
पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा विदर्भ में 9 से 11 अगस्त के बीच बारिश का दौर रह सकता है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 9-10 अगस्त को बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
छत्तीसगढ़ में 9-10 अगस्त के बाद एक बार फिर 13-15 अगस्त के दौरान बारिश बढ़ने का अनुमान है। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 9 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।
13 अगस्त के बाद बंगाल की खाड़ी में बनने वाले सिस्टम का प्रभाव मध्य भारत के कुछ इलाकों में भी देखने को मिल सकता है। इससे छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियों में दोबारा तेजी आने की संभावना है।
पूर्वी भारत में 13 अगस्त से बदल सकता है मौसम
पूर्वी भारत के लिए 13 अगस्त के बाद का समय महत्वपूर्ण रहने वाला है। पश्चिम बंगाल, झारखंड और सिक्किम में 9 से 15 अगस्त के दौरान कई जगह बारिश होने की संभावना है।
ओडिशा में 9-10 अगस्त के अलावा 13-15 अगस्त के दौरान भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं बिहार में 13-15 अगस्त के बीच कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार, 13 अगस्त के बाद बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इसका प्रमुख कारण बंगाल की खाड़ी के आसपास विकसित होने वाला मौसम सिस्टम माना जा रहा है।
इस दौरान कुछ इलाकों में भारी बारिश होने पर निचले क्षेत्रों में जलभराव की समस्या भी बढ़ सकती है।
पूर्वोत्तर भारत में बारिश के साथ बिजली गिरने का अलर्ट
पूर्वोत्तर राज्यों में भी मानसून सक्रिय बना रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और आसपास के इलाकों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की संभावना है।
अरुणाचल प्रदेश में 12-15 अगस्त के दौरान कई जगह बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में 9 अगस्त के साथ-साथ 12-15 अगस्त के बीच भी बारिश होने की संभावना है।
अरुणाचल प्रदेश में 14-15 अगस्त तथा असम और मेघालय में 14-15 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।
इसके अलावा 9 से 13 अगस्त के बीच पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। ऐसे मौसम में खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और जलाशयों के आसपास जाने से बचना बेहतर रहेगा।
महाराष्ट्र और गुजरात में भी बारिश का दौर
पश्चिम भारत के राज्यों में भी मानसून की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। कोंकण और गोवा में 9 से 15 अगस्त तक कई जगह बारिश होने की संभावना है।
गुजरात में 10-12 अगस्त के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। 11 अगस्त को राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने का अनुमान है।
मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 9-10 अगस्त को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। महाराष्ट्र के तटीय और आसपास के इलाकों में लगातार बारिश की वजह से कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है।
दक्षिण भारत में भी बारिश और तेज हवाएं
दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी मानसून का असर देखने को मिलेगा। केरल, कर्नाटक के तटीय हिस्सों और लक्षद्वीप में 9 से 15 अगस्त के बीच कई जगह बारिश हो सकती है।
केरल, लक्षद्वीप और तमिलनाडु में 9-10 अगस्त के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों के दौरान इसकी गति करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकती है। ऐसे में समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों और मछुआरों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी दिल्ली में भी आने वाले दिनों में मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है। 9 से 12 अगस्त के बीच आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और अलग-अलग समय पर बारिश देखने को मिल सकती है।
9 और 10 अगस्त को दिल्ली में कई जगह हल्की बारिश और कुछ इलाकों में मध्यम बारिश होने की संभावना है। 11 अगस्त को सुबह से दोपहर तक बारिश हो सकती है। इसके अलावा शाम या रात में भी हल्की बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
12 अगस्त को दोपहर से शाम के बीच हल्की बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
बारिश के कारण तापमान में कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन उमस बनी रहने की संभावना है। दिल्ली-NCR में बारिश के दौरान ट्रैफिक की रफ्तार प्रभावित होने और निचले इलाकों में पानी जमा होने की स्थिति भी बन सकती है।
13 अगस्त क्यों है खास?
इस पूरे मौसम पूर्वानुमान में 13 अगस्त की तारीख सबसे महत्वपूर्ण नजर आ रही है। बंगाल की खाड़ी के आसपास बनने वाला साइक्लोनिक सर्कुलेशन और उसके बाद संभावित कम दबाव का क्षेत्र पूर्वी भारत में मानसून को सक्रिय कर सकता है।
इसका असर पश्चिम बंगाल और ओडिशा से लेकर झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ तक दिखाई दे सकता है। ऐसे में 13 अगस्त के बाद इन राज्यों में बारिश की तीव्रता और दायरा बढ़ने की संभावना है।
हालांकि मौसम प्रणालियों की स्थिति और दिशा में बदलाव संभव होता है। इसलिए किसी विशेष जिले में बहुत भारी बारिश का सटीक अनुमान लगाने के लिए स्थानीय मौसम चेतावनी को देखना जरूरी है।
बारिश के दौरान लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
भारी बारिश और गरज-चमक के दौरान लोगों को कुछ सामान्य सावधानियां बरतनी चाहिए। बिजली चमकने की स्थिति में खुले मैदान में खड़े होने से बचना चाहिए। पेड़ के नीचे खड़े होने के बजाय सुरक्षित पक्की जगह पर रहना बेहतर है।
पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले या यात्रा करने वाले लोगों को भूस्खलन और अचानक बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना चाहिए। नदी, नाले और जलभराव वाले रास्तों को पार करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
बारिश के दौरान वाहन चलाने वालों को भी सावधानी बरतनी चाहिए, खासकर उन सड़कों पर जहां पानी भरने की संभावना रहती है।
15 अगस्त तक देश के कई हिस्सों में सक्रिय रहेगा मानसून
कुल मिलाकर 9 से 15 अगस्त के बीच देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम भारत में पहाड़ी राज्यों से लेकर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पूर्वी उत्तर प्रदेश तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।
मध्य भारत में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में बारिश देखने को मिलेगी, जबकि पूर्वी भारत में 13 अगस्त के बाद गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। पूर्वोत्तर राज्यों में भी भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका वाले दिन रहेंगे।
दक्षिण और पश्चिम भारत में भी कई राज्यों में बारिश जारी रहने का अनुमान है। ऐसे में अगले एक सप्ताह के दौरान मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 13 अगस्त के बाद बनने वाला सिस्टम इस पूरे मौसम का अहम चरण हो सकता है। हालांकि बारिश की तीव्रता और स्थानीय प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों में अलग हो सकते हैं, इसलिए लोगों को अपने जिले की ताजा मौसम चेतावनी पर नजर बनाए रखनी चाहिए।


