HDFC Bank Share Price: एचडीएफसी बैंक के शेयरों में सोमवार को तेज़ी देखने को मिली। बैंक को स्वतंत्र कानूनी जांच (Independent Legal Review) से बड़ी राहत मिलने के बाद निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। पूर्व पार्ट-टाइम चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती की ओर से लगाए गए आरोपों को जांच रिपोर्ट में निराधार बताया गया है। इसके बाद वैश्विक ब्रोकरेज फर्म Jefferies और JPMorgan ने बैंक पर अपनी सकारात्मक राय दोहराते हुए टारगेट प्राइस भी बढ़ा दिए हैं।
Highlights
- स्वतंत्र लॉ फर्मों ने HDFC Bank को दी क्लीन चिट।
- पूर्व चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती के आरोपों का नहीं मिला कोई सबूत।
- शेयर ₹800 के पार पहुंचा, दिन का हाई ₹802.65 रहा।
- Jefferies ने ₹1,050 और JPMorgan ने ₹990 का टारगेट दिया।
- गवर्नेंस को लेकर बनी चिंताओं में कमी आने की उम्मीद।
नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में शामिल HDFC Bank के शेयरों में सोमवार, 29 जून को शुरुआती कारोबार के दौरान शानदार तेजी देखने को मिली। बैंक के शेयर लगभग ₹802.65 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गए। यह तेजी उस समय आई जब स्वतंत्र कानूनी जांच में पूर्व पार्ट-टाइम चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती द्वारा लगाए गए आरोपों को आधारहीन बताया गया।
विश्लेषकों का मानना है कि इस रिपोर्ट से बैंक के कॉरपोरेट गवर्नेंस को लेकर पिछले कुछ महीनों से बनी अनिश्चितता काफी हद तक दूर होगी। इसका असर निवेशकों की धारणा पर भी सकारात्मक रूप से दिखाई दिया।
क्या था पूरा मामला?
पूर्व पार्ट-टाइम चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती ने मार्च 2026 में अपने इस्तीफे के दौरान बैंक के प्रबंधन और कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े कुछ गंभीर सवाल उठाए थे। इन आरोपों के बाद निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई थी और शेयर पर भी दबाव देखने को मिला।
हालांकि, बैंक द्वारा नियुक्त स्वतंत्र लॉ फर्मों ने मामले की विस्तृत जांच की। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं मिला। इससे बैंक को बड़ी राहत मिली है।
₹800 के पार पहुंचा शेयर
रिपोर्ट सामने आने के बाद बाजार में HDFC Bank के शेयरों में खरीदारी बढ़ गई। सोमवार के शुरुआती कारोबार में शेयर ₹802.65 के स्तर तक पहुंच गया।
हालांकि, पिछले एक वर्ष में बैंक का शेयर लगभग 20% तक कमजोर रहा है। इस दौरान Nifty 50 इंडेक्स में करीब 5.7% की गिरावट दर्ज की गई। फिलहाल बैंक का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹12.3 लाख करोड़ है।
Jefferies ने रखा ₹1,050 का टारगेट
ग्लोबल ब्रोकरेज Jefferies ने HDFC Bank पर अपनी ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखी है और शेयर का टारगेट प्राइस ₹1,050 तय किया है।
ब्रोकरेज का कहना है कि स्वतंत्र कानूनी जांच में पूर्व चेयरमैन के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। इससे बैंक के कॉरपोरेट गवर्नेंस को लेकर निवेशकों की चिंता कम होगी और शेयर की वैल्यूएशन में सुधार की संभावना बनेगी।
JPMorgan भी बुलिश
दूसरी वैश्विक ब्रोकरेज JPMorgan ने भी HDFC Bank पर अपनी ‘Overweight’ रेटिंग दोहराई है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस ₹990 रखा है।
JPMorgan के अनुसार, कानूनी जांच रिपोर्ट के बाद बैंक पर लगा गवर्नेंस रिस्क प्रीमियम कम हो सकता है। इससे आने वाले समय में शेयर की वैल्यूएशन बेहतर होने की उम्मीद है।
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब?
विशेषज्ञों का मानना है कि कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़ी अनिश्चितता दूर होना किसी भी बैंक के लिए सकारात्मक संकेत होता है। HDFC Bank जैसे बड़े निजी बैंक के लिए यह निवेशकों का भरोसा मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।
हालांकि, बैंक के आगामी तिमाही नतीजे, लोन ग्रोथ, डिपॉजिट ग्रोथ और ब्याज मार्जिन (NIM) जैसे कारक भी आगे शेयर की दिशा तय करेंगे।
क्या अब खरीदारी करनी चाहिए?
दो प्रमुख ग्लोबल ब्रोकरेज ने HDFC Bank पर सकारात्मक रुख बनाए रखा है और मौजूदा स्तर से बेहतर अपसाइड की संभावना जताई है। फिर भी शेयर बाजार में निवेश से पहले अपनी जोखिम क्षमता का आकलन करना और किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना उचित रहेगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले किसी प्रमाणित निवेश सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


