नई दिल्ली: भारत में सोने और चांदी की तस्करी (Gold & Silver Smuggling) के मामलों में एक बार फिर तेज उछाल देखने को मिला है। सरकार द्वारा 12 मई को सोने और चांदी पर आयात शुल्क (Import Duty) 6% से बढ़ाकर 15% किए जाने के बाद तस्करी के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। संसद में सरकार ने स्वीकार किया कि आयात शुल्क बढ़ने के बाद इन बहुमूल्य धातुओं की अवैध तस्करी के मामलों में तेजी आई है।
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता है और अपनी जरूरत का अधिकांश सोना विदेशों से आयात करता है। ऐसे में आयात शुल्क बढ़ने से कानूनी आयात महंगा हो गया, जिसका फायदा तस्करों ने उठाने की कोशिश की।
संसद में सरकार ने क्या बताया?
लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि 13 मई से 30 जून 2026 के बीच देशभर में सोने की तस्करी के 287 मामले दर्ज किए गए।
इस अवधि में:
- 160.91 टन सोना बरामद किया गया।
- 116 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
- सोने की तस्करी के मामलों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज हुई।
सरकार के अनुसार यह वृद्धि 12 मई को आयात शुल्क बढ़ाने के बाद देखने को मिली।
186% बढ़ी सोने की स्मगलिंग
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 1 अप्रैल से 12 मई के बीच:
- सोने की तस्करी के 165 मामले सामने आए थे।
- 86.16 टन सोना जब्त किया गया था।
- 67 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी।
जबकि 13 मई से 30 जून के बीच:
- मामले बढ़कर 287 हो गए।
- 160.91 टन सोना जब्त हुआ।
- गिरफ्तारियां बढ़कर 116 पहुंच गईं।
यानी जब्त किए गए सोने की मात्रा में लगभग 186% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
चांदी की तस्करी 10 गुना से ज्यादा बढ़ी
सोने के साथ-साथ चांदी की तस्करी में भी बड़ा उछाल देखने को मिला।
13 मई से 30 जून के बीच:
- चांदी की तस्करी के 16 मामले पकड़े गए।
- 535.92 टन चांदी बरामद हुई।
- 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
इसके मुकाबले 1 अप्रैल से 12 मई के दौरान केवल 49.53 टन चांदी बरामद हुई थी। यानी चांदी की जब्ती में 10 गुना से अधिक वृद्धि दर्ज की गई।
सरकार ने आयात शुल्क क्यों बढ़ाया?
सरकार ने 12 मई को सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया था।
इस फैसले के पीछे प्रमुख वजहें थीं:
- विदेशी मुद्रा (Forex) की बचत करना।
- पश्चिम एशिया में तनाव और ईरान संकट के बीच बढ़ते आयात पर नियंत्रण।
- गैर-जरूरी आयात को कम करना।
- चालू खाते के घाटे (Current Account Deficit) पर दबाव कम करना।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि आयात शुल्क बढ़ने से वैध आयात महंगा हो जाता है, जिससे तस्करी को बढ़ावा मिलने का जोखिम भी बढ़ जाता है।
भारत में कितना सोना और चांदी आयात होता है?
भारत अपनी घरेलू मांग का अधिकांश हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। खासकर आभूषण उद्योग (Jewellery Industry) की जरूरतों के कारण सोने का आयात काफी अधिक रहता है।
पिछले वित्त वर्ष में भारत ने:
- 72 अरब डॉलर का सोना आयात किया।
- 12 अरब डॉलर की चांदी आयात की।
भारत चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गोल्ड कंज्यूमर माना जाता है।
किन देशों से होती है सबसे ज्यादा तस्करी?
जांच एजेंसियों के अनुसार भारत में सोने की तस्करी मुख्य रूप से उन देशों से होती है जहां सोना अपेक्षाकृत सस्ता मिलता है।
इनमें प्रमुख देश शामिल हैं:
- दुबई (UAE)
- थाईलैंड
- सिंगापुर
- बैंकॉक रूट
- खाड़ी देश
- अफ्रीकी देश
तस्कर अक्सर यात्रियों, एयर कार्गो और अन्य अवैध तरीकों का इस्तेमाल कर सोना और चांदी भारत लाने की कोशिश करते हैं।
2024 में सरकार ने घटाई थी ड्यूटी
गौरतलब है कि 2024 के केंद्रीय बजट में सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क 15% से घटाकर 6% कर दिया था ताकि तस्करी पर रोक लगाई जा सके और वैध आयात को बढ़ावा मिले।
लेकिन मई 2026 में आयात तेजी से बढ़ने और विदेशी मुद्रा पर दबाव बढ़ने के बाद सरकार ने दोबारा शुल्क बढ़ाकर 15% कर दिया। इसके तुरंत बाद तस्करी के मामलों में तेज उछाल दर्ज किया गया।
आगे क्या हो सकती है चुनौती?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आयात शुल्क लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बना रहता है तो:
- अवैध तस्करी नेटवर्क और सक्रिय हो सकते हैं।
- सरकार को सीमा शुल्क निगरानी और सख्त करनी होगी।
- एयरपोर्ट और समुद्री बंदरगाहों पर जांच बढ़ानी पड़ सकती है।
- वैध ज्वेलरी उद्योग की लागत भी प्रभावित हो सकती है।
सरकार के सामने अब दोहरी चुनौती है—एक ओर विदेशी मुद्रा की बचत करना और दूसरी ओर सोने-चांदी की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखना।


