नई दिल्ली। पिछले कई हफ्तों से रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच रहे सोने और चांदी के दाम में अब बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। शनिवार को सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में करीब ₹10,000 प्रति किलो की भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोना भी लगभग ₹1,000 तक सस्ता हो गया। इससे निवेशकों, ज्वेलर्स और आम खरीदारों के बीच हलचल बढ़ गई है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत डॉलर, मुनाफावसूली और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है। पिछले कुछ दिनों में सोने और चांदी ने रिकॉर्ड तेजी दिखाई थी, जिसके बाद निवेशकों ने बड़े पैमाने पर बिकवाली शुरू कर दी। इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला।
हालांकि, जानकार इसे सिर्फ सामान्य गिरावट नहीं मान रहे। कई विश्लेषकों के मुताबिक यह बाजार में “करेक्शन फेज” की शुरुआत हो सकती है। दूसरी ओर कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट खरीदारी का अवसर भी बन सकती है।
आज कितना सस्ता हुआ सोना और चांदी?
गुड रिटर्न्स के अनुसार, शनिवार सुबह सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत में करीब ₹980 की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद यह ₹1,56,930 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह 22 कैरेट सोना लगभग ₹900 सस्ता होकर ₹1,43,850 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। वहीं 18 कैरेट सोने में करीब ₹730 की गिरावट दर्ज हुई और इसका भाव लगभग ₹1,17,700 के आसपास पहुंच गया।
सबसे बड़ी गिरावट चांदी में देखने को मिली। चांदी का भाव करीब ₹10,000 टूटकर ₹2,80,000 प्रति किलो तक पहुंच गया। इससे पहले शुक्रवार को वायदा बाजार में चांदी में एक समय ₹20,000 प्रति किलो तक की भारी गिरावट दर्ज की गई थी।
प्रमुख शहरों में क्या चल रहा है गोल्ड रेट?
24K, 22K और 18K गोल्ड रेट (आज सुबह)
| शहर | 24K | 22K | 18K |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹1,57,080 | ₹1,44,000 | ₹1,17,850 |
| मुंबई | ₹1,56,930 | ₹1,43,850 | ₹1,17,700 |
| कोलकाता | ₹1,56,930 | ₹1,43,850 | ₹1,17,770 |
| चेन्नई | ₹1,60,910 | ₹1,47,500 | ₹1,23,100 |
| लखनऊ | ₹1,57,080 | ₹1,44,000 | ₹1,17,850 |
| कानपुर | ₹1,57,080 | ₹1,44,000 | ₹1,17,850 |
| पटना | ₹1,56,980 | ₹1,43,900 | ₹1,17,750 |
| जयपुर | ₹1,57,080 | ₹1,44,000 | ₹1,17,850 |
| इंदौर | ₹1,57,960 | ₹1,43,900 | ₹1,17,500 |
| भोपाल | ₹1,57,960 | ₹1,43,900 | ₹1,17,500 |
स्रोत: Goodreturns
पिछले सत्र में क्यों आई थी रिकॉर्ड गिरावट?
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने और चांदी दोनों में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना ₹3,200 टूटकर ₹1,62,000 प्रति 10 ग्राम रह गया।
वहीं चांदी ₹21,600 लुढ़ककर ₹2.75 लाख प्रति किलो तक पहुंच गई। यह हाल के महीनों की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक मानी जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ समय में सोने और चांदी में जिस तेजी से उछाल आया था, उसके बाद निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर भारी मुनाफावसूली शुरू कर दी। इससे बाजार में दबाव बढ़ गया।
मजबूत डॉलर बना सबसे बड़ा कारण
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती सोने की कीमतों पर लगातार दबाव बना रही है। जब डॉलर मजबूत होता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना महंगा पड़ने लगता है, जिससे मांग कमजोर हो जाती है।
एलकेपी सिक्योरिटीज के जिंस एवं मुद्रा शोध विश्लेषक जतिन त्रिवेदी के अनुसार,
“सोने और चांदी में पिछले कुछ सत्रों में रिकॉर्ड तेजी आई थी। ऊंचे स्तरों पर निवेशकों ने आक्रामक मुनाफावसूली की, जिससे बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली।”
उन्होंने यह भी कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक अनिश्चितता फिलहाल बाजार को अस्थिर बनाए रख सकती हैं।
कच्चे तेल और पश्चिम एशिया संकट का क्या असर?
पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब सिर्फ तेल बाजार तक सीमित नहीं रह गया है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से डॉलर मजबूत हुआ है और वैश्विक निवेशकों ने सुरक्षित निवेश रणनीति बदलनी शुरू कर दी है।
आमतौर पर भू-राजनीतिक तनाव के समय सोने में तेजी आती है, लेकिन इस बार निवेशकों ने रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद तेजी से प्रॉफिट बुकिंग शुरू कर दी। यही वजह है कि सोने और चांदी दोनों में अचानक बड़ी गिरावट दर्ज हुई।
क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा?
यह सवाल फिलहाल सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है।
कई बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट खरीदारी का मौका हो सकती है। वजह यह है कि:
- वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है
- कई देशों के केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं
- पश्चिम एशिया तनाव खत्म नहीं हुआ है
- डॉलर और तेल बाजार में अस्थिरता जारी है
हालांकि, अल्पकालिक निवेशकों को अभी सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है क्योंकि बाजार में उतार-चढ़ाव काफी तेज बना हुआ है।
अप्रैल में क्यों बढ़ गया सोने और चांदी का आयात?
दिलचस्प बात यह है कि रिकॉर्ड ऊंची कीमतों के बावजूद भारत में सोने और चांदी का आयात तेजी से बढ़ा है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल में सोने का आयात 81.69% बढ़कर 5.62 अरब डॉलर पहुंच गया, चांदी का आयात 157.16% बढ़कर 41.1 करोड़ डॉलर हो गया
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का सोना आयात मूल्य के हिसाब से रिकॉर्ड 71.98 अरब डॉलर तक पहुंच गया। हालांकि मात्रा के लिहाज से आयात में गिरावट दर्ज हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि शादी-विवाह सीजन, निवेश मांग और वैश्विक अनिश्चितता के कारण लोगों ने तेजी से खरीदारी की।
सरकार के फैसले का भी दिख रहा असर
सरकार ने 13 मई से सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में इसका असर मांग पर दिखाई दे सकता है।
उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि आयात शुल्क बढ़ने से ज्वेलरी कारोबार की लागत बढ़ेगी और इससे घरेलू बाजार में कीमतों में अस्थिरता बनी रह सकती है।
आगे क्या रहेगा बाजार का रुख?
आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा कई बड़े फैक्टर्स तय करेंगे:
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति
- डॉलर इंडेक्स की चाल
- कच्चे तेल की कीमतें
- पश्चिम एशिया की स्थिति
- भारत में शादी और त्योहारों की मांग
अगर वैश्विक तनाव और डॉलर की मजबूती जारी रहती है तो कीमती धातुओं में और दबाव देखने को मिल सकता है। लेकिन लंबे समय के निवेशकों के लिए सोना अभी भी सुरक्षित निवेश विकल्प माना जा रहा है।
निष्कर्ष
सोने और चांदी की कीमतों में आई यह बड़ी गिरावट बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है। रिकॉर्ड तेजी के बाद आई इस गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। हालांकि बाजार विशेषज्ञ इसे पूरी तरह कमजोरी नहीं मान रहे, बल्कि कई लोग इसे “हेल्दी करेक्शन” बता रहे हैं।
अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या आने वाले दिनों में बाजार और नीचे जाएगा या फिर यहां से नई तेजी शुरू होगी। फिलहाल इतना तय है कि सोना और चांदी आने वाले हफ्तों में निवेशकों के लिए सबसे ज्यादा चर्चा वाले बाजार बने रहने वाले हैं।
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