NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    png-istemal-karne-ke-fayde
    PNG इस्तेमाल करने के फायदे: LPG से क्यों बेहतर माना जाता है पाइप्ड नेचुरल गैस?
    1 जुलाई 2026
    cng-vs-ev-kaun-better-hindi
    CNG और EV में कौन बेहतर? जानिए माइलेज, खर्च, मेंटेनेंस और लॉन्ग टर्म बचत का पूरा हिसाब
    1 जुलाई 2026
    ghar-me-png-gas-connection-lagwane-ka-kharch-kitna-hota-hai
    घर में PNG गैस कनेक्शन लगवाने का खर्च कितना आता है? जानिए इंस्टॉलेशन चार्ज, सिक्योरिटी, मासिक बिल और पूरी प्रक्रिया
    1 जुलाई 2026
    petrol-diesel-price-kaise-tay-hote-hain
    रोज पेट्रोल-डीजल के भाव कैसे तय होते हैं? जानिए हर सुबह कीमत बदलने का पूरा गणित
    1 जुलाई 2026
    lpg-cylinder-price-kaise-tay-hoti-hai
    LPG सिलेंडर की कीमत कैसे तय होती है? जानिए हर महीने बदलने वाले रेट का पूरा गणित
    1 जुलाई 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    petrol-price-today-30-june-2026-brent-crude-petrol-diesel-rate-india
    Petrol Price Today: ब्रेंट क्रूड फिर चढ़ा, लेकिन भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर; मुंबई में पेट्रोल ₹111.21 और डीजल ₹97.83
    30 जून 2026
    petrol-price-today-29-june-2026-petrol-diesel-rate-crude-oil-price-hindi
    Petrol Price Today: फिर चढ़ा क्रूड ऑयल, जानें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता समेत सभी शहरों में पेट्रोल-डीजल का नया रेट
    29 जून 2026
    petrol-price-today-27-june-2026-crude-oil-war-premium-ended-hormuz-petrol-diesel-rate
    Petrol Price Today: होर्मुज में बढ़ी आवाजाही से क्रूड सस्ता, जानिए 27 जून के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
    27 जून 2026
    petrol-diesel-price-today-26-june-2026-indian-basket-crude-falls-noida-petrol-price
    Petrol Price Today: इंडियन बास्केट क्रूड सस्ता, नोएडा में पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹97.56 पर स्थिर
    26 जून 2026
    petrol-price-today-25-june-2026-wti-crude-oil-70-dollar-petrol-diesel-rate
    Petrol Price Today: WTI क्रूड $70 प्रति बैरल के करीब, रूस के फैसले से बढ़ी उम्मीद; जानिए आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल का भाव
    25 जून 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    rfbl-flexi-pack-sme-stock-hits-52-week-high-after-rs-20-crore-order
    शेयर बाजार में गिरावट के बीच चमका यह SME स्टॉक, 52 हफ्ते के नए हाई पर पहुंचा RFBL Flexi Pack का शेयर
    30 जून 2026
    dalmia-bharat-rs-5-dividend-agm-jp-associates-cement-plant-acquisition
    अदाणी से खरीदे JP Associates के सीमेंट प्लांट, अब निवेशकों को तोहफा; डालमिया भारत देगी ₹5 प्रति शेयर डिविडेंड, 20,000 शेयर पर मिलेंगे ₹1 लाख
    30 जून 2026
    adani-ports-vizhinjam-port-til-13000-crore-deal-share-price
    अडानी पोर्ट्स की बड़ी डील: ₹13,000 करोड़ में विदेशी कंपनी को बेची 49% हिस्सेदारी, शेयर में आई जोरदार तेजी
    30 जून 2026
    suzlon-energy-gets-105-mw-wind-energy-order-from-sunsure-energy-third-deal-in-14-months
    Suzlon Energy को मिला बड़ा ऑर्डर, 105 मेगावाट की विंड एनर्जी परियोजना जीती; SunSource नहीं, Sunsure ने फिर जताया भरोसा
    30 जून 2026
    sis-buyback-rs-120-crore-share-buyback-fifth-buyback-2026
    SIS Buyback: 5वीं बार शेयर बायबैक करेगी सिक्योरिटी कंपनी, ₹120 करोड़ तक के शेयर खरीदेगी वापस
    30 जून 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: PM Modi Austerity Measures: पेट्रोल-डीजल, खाने का तेल, सोना, फर्टिलाइजर… पीएम मोदी की सलाह मानी तो कितनी हो सकती है देश की बचत?
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

PM Modi Austerity Measures: पेट्रोल-डीजल, खाने का तेल, सोना, फर्टिलाइजर… पीएम मोदी की सलाह मानी तो कितनी हो सकती है देश की बचत?

Namam Sharma
Last updated: 2026/06/27 at 10:34 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
11 Min Read
pm-modi-austerity-measures-india-oil-gold-import-savings
SHARE

पश्चिम एशिया में जारी ईरान युद्ध अब केवल भू-राजनीतिक संकट नहीं रह गया है, बल्कि इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमतें लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं, रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच चुका है और महंगाई ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। भारत जैसे देश के लिए यह संकट इसलिए और गंभीर है क्योंकि देश अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल, गैस, खाद और खाद्य तेल विदेशों से आयात करता है।

Contents
ईरान युद्ध ने क्यों बढ़ा दी भारत की चिंता?भारत का आयात बिल कितना बड़ा है?भारत के प्रमुख आयात (FY25)पीएम मोदी की अपील से कितनी बचत हो सकती है?1. पेट्रोल-डीजल की खपत कम हुई तो सबसे बड़ा फायदा2. सोना खरीदना कम हुआ तो डॉलर की बड़ी बचत3. खाने के तेल की खपत में कमी से भी राहत4. फर्टिलाइजर उपयोग कम हुआ तो सब्सिडी बोझ भी घटेगा5. विदेश यात्रा कम करने से भी अरबों डॉलर बचेंगेचालू खाते का घाटा क्यों है बड़ी चिंता?क्या केवल जनता की बचत से समस्या हल हो जाएगी?सरकार के सामने बड़ी चुनौतियांआम आदमी पर क्या असर पड़ सकता है?क्या भारत संकट से निकल पाएगा?

ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, एक साल तक सोना नहीं खरीदने, रासायनिक खाद का सीमित उपयोग करने और गैर-जरूरी विदेश यात्राओं से बचने की अपील की है। सरकार का मानना है कि यदि लोग इन सुझावों को गंभीरता से अपनाते हैं तो भारत अरबों डॉलर की विदेशी मुद्रा बचा सकता है। इससे चालू खाते के घाटे (Current Account Deficit) पर दबाव कम होगा और रुपये को भी सहारा मिल सकता है।

ईरान युद्ध ने क्यों बढ़ा दी भारत की चिंता?

ढाई महीने से अधिक समय से जारी ईरान युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को झकझोर दिया है। तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में तेज उछाल आया है। युद्ध शुरू होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में करीब 50 फीसदी तक तेजी दर्ज की गई है।

भारत अपनी जरूरत का लगभग 90 फीसदी कच्चा तेल और 50 फीसदी प्राकृतिक गैस आयात करता है। ऐसे में तेल की कीमतों में हर बढ़ोतरी सीधे भारत के आयात बिल और महंगाई पर असर डालती है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ती है, जिसका असर खाद्य पदार्थों, FMCG सामान, दवाओं और रोजमर्रा की चीजों तक पहुंचता है।

इसी बीच रुपया भी लगातार कमजोर हो रहा है। डॉलर के मुकाबले रुपया 96 के पार पहुंच चुका है और कई विदेशी संस्थाओं ने चेतावनी दी है कि अगर तेल कीमतों में तेजी जारी रही तो रुपया 100 प्रति डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर को भी पार कर सकता है।

भारत का आयात बिल कितना बड़ा है?

वित्त वर्ष 2025 में भारत का कुल आयात लगभग 775 अरब डॉलर रहा। इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी ऊर्जा और कमोडिटी आयात की रही।

भारत के प्रमुख आयात (FY25)

वस्तुआयात बिल
कच्चा तेल134.7 अरब डॉलर
सोना72 अरब डॉलर
वनस्पति तेल19.5 अरब डॉलर
फर्टिलाइजर14.5 अरब डॉलर

इन चार कैटेगरी का कुल आयात करीब 240.7 अरब डॉलर रहा, जो देश के कुल आयात का लगभग 31 फीसदी है।

सबसे ज्यादा तेजी सोने और फर्टिलाइजर आयात में देखने को मिली। सोने का आयात करीब 24 फीसदी बढ़ा जबकि फर्टिलाइजर आयात में 77 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। यह भारत के विदेशी मुद्रा भंडार और चालू खाते के घाटे पर अतिरिक्त दबाव डाल रहा है।

पीएम मोदी की अपील से कितनी बचत हो सकती है?

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि अगर देश में बड़े स्तर पर ईंधन, सोना और विदेशी खर्च में कटौती होती है तो भारत अरबों डॉलर की विदेशी मुद्रा बचा सकता है।

1. पेट्रोल-डीजल की खपत कम हुई तो सबसे बड़ा फायदा

भारत का सबसे बड़ा आयात खर्च कच्चे तेल पर होता है। यदि देश में तेल की खपत में सिर्फ 5 फीसदी की भी कमी आती है तो अनुमान के अनुसार सालाना 6 से 7 अरब डॉलर तक की विदेशी मुद्रा बच सकती है।

सरकार पहले ही पेट्रोल और डीजल की कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर से अधिक बढ़ोतरी कर चुकी है। इससे पहले सरकारी तेल कंपनियों को हर महीने करीब 30,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) समेत कई वैश्विक संस्थाओं ने भारत को सलाह दी थी कि तेल कीमतों का वास्तविक बोझ ग्राहकों तक पहुंचाया जाए।

अब सरकार लोगों को कार पूलिंग, सार्वजनिक परिवहन और गैर-जरूरी यात्रा कम करने के लिए प्रेरित कर रही है।

2. सोना खरीदना कम हुआ तो डॉलर की बड़ी बचत

भारत दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड इंपोर्टर्स में शामिल है। पिछले वित्त वर्ष में देश ने 72 अरब डॉलर का सोना आयात किया था।

अगर एक साल तक गोल्ड डिमांड में 25 फीसदी भी गिरावट आती है तो भारत करीब 18 अरब डॉलर तक की विदेशी मुद्रा बचा सकता है। यही वजह है कि सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में सोना केवल निवेश नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जरूरत भी है। शादी-ब्याह और त्योहारों में गोल्ड डिमांड काफी बढ़ जाती है। ऐसे में सरकार लोगों को फिलहाल गैर-जरूरी खरीदारी टालने की सलाह दे रही है।

3. खाने के तेल की खपत में कमी से भी राहत

भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। वित्त वर्ष 2025 में वनस्पति तेल आयात पर 19.5 अरब डॉलर खर्च हुए।

अगर खाने के तेल की खपत में 10 फीसदी कमी आती है या घरेलू उत्पादन बढ़ता है तो करीब 2 अरब डॉलर तक की बचत संभव है। सरकार पहले से ही पाम ऑयल पर निर्भरता कम करने और सरसों, सोयाबीन तथा सूरजमुखी तेल के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है।

4. फर्टिलाइजर उपयोग कम हुआ तो सब्सिडी बोझ भी घटेगा

भारत ने पिछले वित्त वर्ष में 14.5 अरब डॉलर के फर्टिलाइजर आयात किए। युद्ध और गैस कीमतों में तेजी के कारण उर्वरकों की अंतरराष्ट्रीय कीमतें काफी बढ़ चुकी हैं।

अगर किसान रासायनिक खाद का संतुलित उपयोग करें और जैविक विकल्पों की तरफ बढ़ें तो सरकार का सब्सिडी बोझ भी कम हो सकता है। इससे विदेशी मुद्रा की बचत के साथ-साथ कृषि लागत पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।

5. विदेश यात्रा कम करने से भी अरबों डॉलर बचेंगे

भारतीयों के विदेश यात्रा खर्च में भी लगातार तेजी आई है। अनुमान है कि 2026 में भारतीय नागरिक विदेश यात्राओं पर करीब 23.4 अरब डॉलर खर्च कर सकते हैं।

अगर गैर-जरूरी विदेश यात्राओं में कमी आती है तो देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा। सरकार की कोशिश है कि घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देकर विदेशी मुद्रा का बहिर्गमन कम किया जाए।

चालू खाते का घाटा क्यों है बड़ी चिंता?

भारत का चालू खाते का घाटा (CAD) पिछले वित्त वर्ष में जीडीपी का लगभग 0.8 फीसदी रहने का अनुमान है। लेकिन तेल और सोने के बढ़ते आयात के कारण यह इस वित्त वर्ष में 2 फीसदी से ऊपर जा सकता है।

चालू खाते का घाटा बढ़ने का मतलब है कि देश ज्यादा डॉलर खर्च कर रहा है और कम कमा रहा है। इससे रुपये पर दबाव बढ़ता है और विदेशी निवेशकों का भरोसा भी कमजोर हो सकता है।

स्थिति को और गंभीर विदेशी निवेशकों की बिकवाली बना रही है। ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से करीब 20 अरब डॉलर निकाल चुके हैं। इससे शेयर बाजार और रुपये दोनों पर दबाव बढ़ा है।

क्या केवल जनता की बचत से समस्या हल हो जाएगी?

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि केवल लोगों की खपत कम करने से पूरी समस्या हल नहीं होगी, लेकिन इससे दबाव जरूर कम हो सकता है। सरकार को साथ-साथ कई मोर्चों पर काम करना होगा।

सरकार के सामने बड़ी चुनौतियां

  • ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम करना
  • घरेलू तेल और गैस उत्पादन बढ़ाना
  • इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को तेजी से बढ़ावा देना
  • एथेनॉल ब्लेंडिंग बढ़ाना
  • सोलर और ग्रीन एनर्जी क्षमता बढ़ाना
  • कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाना

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत को लंबे समय में “ऊर्जा सुरक्षा” और “आयात निर्भरता” दोनों पर गंभीर रणनीति बनानी होगी।

आम आदमी पर क्या असर पड़ सकता है?

यदि तेल कीमतों में तेजी जारी रहती है तो आने वाले महीनों में महंगाई और बढ़ सकती है। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से दूध, सब्जी, दाल, आटा, FMCG उत्पाद, ऑनलाइन डिलीवरी और हवाई यात्रा तक महंगी हो सकती है।

कई कंपनियां पहले ही कीमतें बढ़ाने या पैकेट का वजन कम करने की तैयारी कर रही हैं। यही कारण है कि सरकार अभी से खपत कम करने और विदेशी मुद्रा बचाने पर जोर दे रही है।

क्या भारत संकट से निकल पाएगा?

भारत के पास अभी भी मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार, बड़ी घरेलू अर्थव्यवस्था और तेज खपत बाजार जैसी ताकतें हैं। लेकिन लंबे समय तक ऊंची तेल कीमतें बनी रहीं तो आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।

ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी की अपील केवल बचत अभियान नहीं बल्कि आर्थिक स्थिरता बनाए रखने की रणनीति के रूप में देखी जा रही है। अगर देश बड़े स्तर पर ईंधन, सोना और गैर-जरूरी विदेशी खर्च कम करता है तो इससे रुपये को सहारा मिल सकता है और चालू खाते के घाटे को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

लेटेस्ट रेट्स और मार्केट अपडेट्स के लिए NewsJagran पर आज का सोने का भाव, आज का चांदी का भाव, आज का पेट्रोल-डीजल भाव, आज का LPG रेट, CNG रेट, PNG रेट, कच्चे तेल का भाव, डॉलर-रुपया रेट और IPO GMP Today देखें।

You Might Also Like

PNG इस्तेमाल करने के फायदे: LPG से क्यों बेहतर माना जाता है पाइप्ड नेचुरल गैस?

CNG और EV में कौन बेहतर? जानिए माइलेज, खर्च, मेंटेनेंस और लॉन्ग टर्म बचत का पूरा हिसाब

घर में PNG गैस कनेक्शन लगवाने का खर्च कितना आता है? जानिए इंस्टॉलेशन चार्ज, सिक्योरिटी, मासिक बिल और पूरी प्रक्रिया

रोज पेट्रोल-डीजल के भाव कैसे तय होते हैं? जानिए हर सुबह कीमत बदलने का पूरा गणित

LPG सिलेंडर की कीमत कैसे तय होती है? जानिए हर महीने बदलने वाले रेट का पूरा गणित

TAGGED: business news india, Crude Oil, Current Account Deficit, Economy News, Edible Oil, Fertilizer Import, Forex Reserves, Fuel Prices, Gold Import, indian economy, Inflation, Iran War, Petrol Diesel Price, PM modi, Rupee Crisis
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article fii-selling-reliance-hdfc-bank-tcs-infosys-top-10-stocks-foreign-investors-sold FII Selling: रिलायंस, HDFC Bank समेत इन 10 दिग्गज शेयरों में विदेशी निवेशकों ने की भारी बिकवाली, बाजार पर बढ़ा दबाव
Next Article oil-gas-exploration-deadline-oalp-bid-extension-middle-east-crisis Oil-Gas Exploration Deadline: मिडिल ईस्‍ट संकट के बीच सरकार ने फिर बढ़ाई डेडलाइन, जानिए इसके पीछे की बड़ी वजह

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

usd-inr-live-chart-dollar-vs-rupee-exchange-rate-hindi
USD/INR Live Chart: डॉलर बनाम रुपया, आज का एक्सचेंज रेट, लाइव चार्ट और पूरा विश्लेषण
फाइनेंस
pm-kisan-yojana-23rd-installment-live-20-june-2026
PM Kisan Yojana 23rd Installment: पीएम मोदी ने जारी की 23वीं किस्त, आपके खाते में 2000 रुपये आए या नहीं? ऐसे करें चेक
फाइनेंस
8th-pay-commission-complete-guide-2026-fitment-factor-salary-hike-pension-update
8th Pay Commission Complete Guide 2026: Fitment Factor, Salary Hike, Pension Update, Pay Matrix और पूरी जानकारी
फाइनेंस
ipo-gmp-complete-guide-2026-allotment-listing-gain-sme-mainboard-ipo
IPO & GMP Complete Guide 2026: IPO क्या है, GMP कैसे काम करता है, Allotment, Listing Gain और निवेश की पूरी जानकारी
फाइनेंस
gold-silver-hallmark-complete-guide-2026-bis-huid-999-gold-925-silver
Gold & Silver Hallmark Complete Guide 2026: BIS Hallmark, HUID, 999 Gold, 916 Gold, 925 Silver और शुद्धता की पूरी जानकारी
फाइनेंस
epfo-pf-pension-complete-guide-2026-uan-withdrawal-eps-edli
EPFO, PF & Pension Complete Guide 2026: UAN, PF Withdrawal, EPS Pension, EDLI और Claim Process की पूरी जानकारी
फाइनेंस
income-tax-itr-complete-guide-2026-tax-regime-itr-filing-tax-saving
Income Tax & ITR Complete Guide 2026: New Tax Regime, Old Tax Regime, ITR Filing, Deductions और Tax Saving की पूरी जानकारी
फाइनेंस
rbi-repo-rate-banking-complete-guide-2026-fd-loan-inflation
RBI, Repo Rate & Banking Complete Guide 2026: Repo Rate, Inflation, FD Interest, Loan Rates और Monetary Policy की पूरी जानकारी
फाइनेंस
mutual-fund-complete-guide-2026-sip-elss-large-cap-small-cap
Mutual Fund Complete Guide 2026: SIP, ELSS, Large Cap, Small Cap, Debt Fund और निवेश की पूरी जानकारी
फाइनेंस
stock-market-complete-guide-2026-share-market-nifty-sensex-dividend
Stock Market Complete Guide 2026: Share Market, Nifty, Sensex, IPO, Dividend, Bonus Share और निवेश की पूरी जानकारी
फाइनेंस

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?