11 अप्रैल 2026 को सोना और चांदी के बाजार में बड़ा उलटफेर देखने को मिला। जहां एक तरफ Multi Commodity Exchange (MCX) पर कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोना-चांदी महंगे हो गए।
यानी निवेशकों के लिए यह दिन बेहद कन्फ्यूजन भरा रहा—गिरावट भी और तेजी भी। अब सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ और आगे कीमतें किस दिशा में जा सकती हैं?
MCX पर सोना-चांदी में बड़ी गिरावट
शुक्रवार रात करीब 10 बजे:
- सोना (जून डिलीवरी): ₹1,52,497 प्रति 10 ग्राम (₹937 की गिरावट)
- चांदी (मई डिलीवरी): ₹2,42,449 प्रति किलो (₹1,319 की गिरावट)
दिन के दौरान:
- सोना: ₹1,689 तक गिरा
- चांदी: ₹4,222 तक गिरावट
यह गिरावट बताती है कि फ्यूचर मार्केट में निवेशकों ने मुनाफावसूली (profit booking) की।
सर्राफा बाजार में उल्टा ट्रेंड—तेजी
दिल्ली सर्राफा बाजार में:
- सोना (99.9% शुद्ध): ₹1,55,300 प्रति 10 ग्राम (+₹400)
- चांदी: ₹2,47,000 प्रति किलो (+₹3,800)
यह डेटा All India Sarafa Association के अनुसार है।
👉 मतलब साफ है—जहां MCX पर ट्रेडिंग दबाव था, वहीं फिजिकल मार्केट में डिमांड मजबूत बनी हुई है।
देश के बड़े शहरों में सोने के भाव (प्रति 10 ग्राम)
24K / 22K / 18K गोल्ड रेट
- दिल्ली: ₹1,52,500 / ₹1,39,800 / ₹1,14,410
- मुंबई: ₹1,52,350 / ₹1,39,650 / ₹1,14,260
- कोलकाता: ₹1,52,350 / ₹1,39,650 / ₹1,14,260
- चेन्नई: ₹1,54,090 / ₹1,41,250 / ₹1,17,750
- लखनऊ: ₹1,52,500 / ₹1,39,800 / ₹1,14,410
- पटना: ₹1,52,400 / ₹1,39,700 / ₹1,14,310
- जयपुर: ₹1,52,500 / ₹1,39,800 / ₹1,14,410
- भोपाल/इंदौर: ₹1,52,400 / ₹1,39,700 / ₹1,14,310
शहरों के बीच यह अंतर टैक्स, मेकिंग चार्ज और डिमांड-सप्लाई पर निर्भर करता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या हुआ?
वैश्विक स्तर पर भी कीमती धातुओं में हल्की तेजी देखी गई:
- सोना: $4,777.17 प्रति औंस (+0.24%)
- चांदी: $75.91 प्रति औंस (+~1%)
अमेरिका-ईरान युद्धविराम के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आई, लेकिन अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है। इसी कारण सोना 4,700 डॉलर के ऊपर टिके रहने में सफल रहा।
MCX और सर्राफा बाजार में अंतर क्यों?
यह सबसे अहम सवाल है। इसके पीछे कई कारण हैं:
1. फ्यूचर vs फिजिकल मार्केट
- MCX = ट्रेडिंग, सट्टा, शॉर्ट टर्म मूव
- सर्राफा = वास्तविक मांग (ज्वेलरी, निवेश)
2. केंद्रीय बैंकों की खरीद
दुनिया भर के केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं, जिससे कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है।
3. भू-राजनीतिक अनिश्चितता
अमेरिका-ईरान तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, इसलिए निवेशक सोने को “सेफ हेवन” मान रहे हैं।
आगे क्या रहेगा ट्रेंड?
एक्सपर्ट्स के अनुसार:
- शॉर्ट टर्म: उतार-चढ़ाव जारी रहेगा
- मीडियम टर्म: सोना मजबूत रह सकता है
- लॉन्ग टर्म: महंगाई और ग्लोबल अनिश्चितता सपोर्ट देगी
हालांकि, अगर शेयर बाजार में तेजी बनी रहती है, तो कुछ निवेशक गोल्ड से पैसा निकाल सकते हैं।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
👉 अगर आप निवेशक हैं तो:
- गिरावट में खरीदारी का मौका मिल सकता है
- लंबी अवधि के लिए सोना अभी भी सुरक्षित विकल्प
- चांदी में ज्यादा वोलैटिलिटी (risk + opportunity दोनों)
निष्कर्ष
11 अप्रैल 2026 का दिन सोना-चांदी बाजार के लिए “मिक्स सिग्नल” वाला रहा। एक तरफ MCX पर गिरावट ने ट्रेडर्स को चौंकाया, वहीं सर्राफा बाजार की तेजी ने यह साफ कर दिया कि असली मांग अभी भी मजबूत है।
आने वाले दिनों में कीमतें पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेंगी कि वैश्विक हालात कितने स्थिर होते हैं और निवेशक किस दिशा में पैसा लगाते हैं।
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