Gold Silver Price Today: हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार, 27 जुलाई को सोने और चांदी की कीमतों में शानदार तेजी देखने को मिली। कमजोर अमेरिकी डॉलर, ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की बढ़ती मांग ने दोनों कीमती धातुओं को मजबूती दी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड और COMEX गोल्ड फ्यूचर्स दोनों में बढ़त दर्ज की गई, जबकि चांदी की कीमतों में भी 1.5% से ज्यादा की तेजी देखने को मिली। घरेलू वायदा बाजार MCX पर भी सोना और चांदी दोनों हरे निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतें
वैश्विक बाजार में निवेशकों की खरीदारी बढ़ने से सोने की कीमतों में मजबूती बनी रही।
- स्पॉट गोल्ड लगभग 4,104 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।
- COMEX गोल्ड फ्यूचर्स 0.77% बढ़कर 4,102.10 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
- COMEX सिल्वर 1.59% की तेजी के साथ 59.845 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा।
विशेषज्ञों का मानना है कि डॉलर इंडेक्स में कमजोरी और बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने बुलियन की मांग को बढ़ावा दिया है।
MCX पर क्या रहे सोने और चांदी के भाव?
घरेलू कमोडिटी एक्सचेंज MCX पर भी सोने और चांदी में अच्छी तेजी देखने को मिली।
- MCX Gold Price करीब 0.67% बढ़कर ₹1,43,784 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता दिखा।
- MCX Silver Price लगभग 1.09% की तेजी के साथ ₹2,24,550 प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गई।
पिछले कुछ दिनों की उतार-चढ़ाव भरी चाल के बाद दोनों कीमती धातुओं में आई यह मजबूती निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
क्यों बढ़ी सोने और चांदी की कीमत?
सोने-चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे कई वैश्विक कारण हैं।
1. कमजोर हुआ अमेरिकी डॉलर
जब अमेरिकी डॉलर कमजोर होता है तो अन्य देशों के निवेशकों के लिए सोना खरीदना सस्ता हो जाता है। इससे अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ती है और कीमतों में तेजी आती है।
2. ट्रेजरी यील्ड में गिरावट
अमेरिका के 10 वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में गिरावट आई है। क्योंकि सोना कोई ब्याज (Yield) नहीं देता, इसलिए जब बॉन्ड यील्ड घटती है तो निवेशकों का रुझान सोने की ओर बढ़ जाता है।
3. पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और नहीं बढ़ने की उम्मीद से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई। इससे महंगाई बढ़ने की आशंका कम हुई और बाजार को राहत मिली। ऐसे माहौल में निवेशकों ने फिर से कीमती धातुओं में निवेश बढ़ाया।
फेडरल रिजर्व के फैसले पर टिकी बाजार की नजर
इस सप्ताह निवेशकों की सबसे बड़ी नजर अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve की मौद्रिक नीति बैठक पर रहेगी।
बाजार की उम्मीद है कि फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। हालांकि निवेशक यह जानना चाहेंगे कि आने वाले महीनों में फेड का रुख क्या रहेगा। ब्याज दरों को लेकर दिए जाने वाले संकेत सोने और चांदी की कीमतों की अगली दिशा तय कर सकते हैं।
निवेशकों की खरीदारी भी बनी मजबूत
यूएस कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (CFTC) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 21 जुलाई को समाप्त सप्ताह में सट्टेबाज निवेशकों ने COMEX गोल्ड में अपनी नेट लॉन्ग पोजीशन 4,438 कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाकर 1,23,586 कर दी।
यह संकेत देता है कि बड़े निवेशकों का भरोसा अभी भी सोने पर बना हुआ है और वे आगे भी तेजी की संभावना देख रहे हैं।
चांदी में भी लौटी मजबूती
सोने के साथ-साथ चांदी में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। इसके अलावा प्लैटिनम और पैलेडियम जैसी अन्य कीमती धातुओं में भी खरीदारी बढ़ी।
विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले सप्ताह की तेज गिरावट और उतार-चढ़ाव के बाद निवेशकों ने फिर से बुलियन सेक्टर में खरीदारी शुरू की है, जिसका फायदा चांदी को भी मिला।
आगे किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर?
आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों की दिशा इन प्रमुख कारकों पर निर्भर करेगी।
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व का ब्याज दर फैसला
- अमेरिकी ड्यूरेबल गुड्स ऑर्डर सहित प्रमुख आर्थिक आंकड़े
- डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड की चाल
- पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति
- वैश्विक निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग
यदि डॉलर में कमजोरी बनी रहती है और ट्रेजरी यील्ड नीचे रहती है, तो सोने और चांदी में तेजी का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। कमोडिटी बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है। NewsJagran.in किसी भी निवेश की सलाह नहीं देता। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


