Gold Price Today: कमजोर डॉलर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बदली उम्मीदों के बीच सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। स्पॉट गोल्ड 0.5% बढ़कर 4,398.58 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी मजबूत हुआ। निवेशकों की नजर अब फेड की जुलाई बैठक के मिनट्स और आगामी महंगाई आंकड़ों पर है।
Gold Price Today: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोमवार को सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिली। कमजोर अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर बदली बाजार धारणा ने कीमती धातुओं को सपोर्ट दिया। हाल के कमजोर रोजगार आंकड़ों और नियंत्रित महंगाई के संकेतों के बाद निवेशकों को अब फेड की अगली नीति को लेकर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की तुलना में नरमी की उम्मीद ज्यादा दिखाई दे रही है।
स्पॉट गोल्ड 0.5% बढ़कर 4,398.58 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, दिसंबर डिलीवरी वाला अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स करीब 0.4% चढ़कर 4,455.50 डॉलर प्रति औंस हो गया। चांदी समेत दूसरी कीमती धातुओं में भी खरीदारी का रुझान देखने को मिला।
कमजोर डॉलर ने सोने को दिया सपोर्ट
सोने की कीमतों में तेजी की एक बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी रही। सोमवार को डॉलर इंडेक्स में करीब 0.2% की गिरावट दर्ज की गई। डॉलर कमजोर होने पर दूसरी मुद्राओं में खरीदारी करने वाले निवेशकों के लिए सोना अपेक्षाकृत सस्ता हो जाता है। इससे आमतौर पर सोने की मांग को सहारा मिलता है।
बाजार में इस समय अमेरिका के आर्थिक आंकड़ों पर खास नजर है। रोजगार, महंगाई और उपभोक्ता खर्च से जुड़े कुछ आंकड़े अपेक्षाकृत नरम रहने के बाद निवेशकों की उम्मीदें बदली हैं। बाजार अब यह अनुमान लगाने में जुटा है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक आगे ब्याज दरों को किस दिशा में ले जा सकता है।
Saxo Bank के कमोडिटी स्ट्रैटेजी हेड ओले हैनसेन के मुताबिक, अमेरिका में महंगाई, रोजगार और उपभोक्ता खर्च के नरम आंकड़ों के कारण फेड की अगली बड़ी चाल को लेकर बाजार का नजरिया बदला है। पहले जहां ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका पर चर्चा हो रही थी, वहीं अब निवेशक मौद्रिक नीति में नरमी की संभावना पर भी ध्यान दे रहे हैं।
सितंबर में फेड के रेट बढ़ाने की संभावना हुई कम
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। कमजोर पेरोल डेटा और महंगाई के अपेक्षाकृत नियंत्रित रहने के बाद सितंबर की बैठक में ब्याज दर बढ़ने की संभावना कम हुई है।
CME FedWatch Tool के मुताबिक, सितंबर में फेड द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावना अब करीब 31% रह गई है। एक महीने पहले यही संभावना लगभग 51% आंकी जा रही थी।
ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों में बदलाव सोने के लिए महत्वपूर्ण है। आम तौर पर जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तो निवेशकों के लिए ब्याज देने वाली संपत्तियों का आकर्षण बढ़ता है। इसके उलट, दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ने पर सोने जैसे गैर-ब्याज वाले एसेट को सपोर्ट मिल सकता है।
हालांकि, फेड के फैसले पर अभी भी महंगाई और रोजगार के आंकड़ों का बड़ा प्रभाव रहेगा। UBS के विश्लेषक जियोवानी स्टाउनोवो ने बताया कि अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें अभी भी 4 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर हैं। ऐसे में आने वाले महंगाई आंकड़ों पर इसका असर देखने को मिल सकता है।
Gold Price Outlook: इस हफ्ते इन स्तरों पर रहेगी नजर
सोने में तेजी के बावजूद बाजार में तकनीकी स्तरों पर भी नजर रखना जरूरी है। LKP Securities के VP रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी और करेंसी) जतीन त्रिवेदी के अनुसार, COMEX पर सोना करीब 4,395 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है।
तकनीकी नजरिए से 4,410-4,415 डॉलर प्रति औंस का क्षेत्र सोने के लिए नजदीकी रेजिस्टेंस माना जा रहा है। यदि कीमत इस दायरे को मजबूती से पार करती है, तो आगे की तेजी के लिए बाजार का सेंटीमेंट मजबूत हो सकता है।
वहीं, 4,375 डॉलर प्रति औंस के आसपास मजबूत सपोर्ट देखा जा रहा है। यदि सोना इस स्तर से ऊपर बना रहता है, तो मौजूदा तेजी को कुछ हद तक मजबूती मिल सकती है।
MCX Gold के लिए अहम लेवल
घरेलू बाजार यानी MCX पर भी निवेशकों की नजर अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों पर है।
- MCX Gold Support: ₹1,54,750
- MCX Gold Resistance: ₹1,55,500
- COMEX Gold Support: $4,375
- COMEX Gold Resistance: $4,410-$4,415
इन स्तरों के ऊपर या नीचे टिकने से शॉर्ट टर्म में सोने की दिशा को लेकर संकेत मिल सकते हैं। हालांकि, वैश्विक बाजार में डॉलर, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, फेड की नीति और जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम जैसे कई फैक्टर कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।
Silver Price Today: चांदी में भी जोरदार तेजी
सोने के साथ-साथ चांदी में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत करीब 1.5% बढ़कर 65.61 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
चांदी की कीमतों को भी डॉलर की कमजोरी और मौद्रिक नीति से जुड़ी उम्मीदों का फायदा मिला। इसके अलावा चांदी की औद्योगिक मांग भी बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण फैक्टर है। इसलिए चांदी की कीमतों में तेजी के दौरान निवेशकों को केवल सोने के साथ इसका संबंध देखने के बजाय औद्योगिक मांग और वैश्विक आर्थिक गतिविधियों पर भी नजर रखनी चाहिए।
अन्य कीमती धातुओं में भी तेजी रही। प्लैटिनम करीब 0.7% बढ़कर 1,759.72 डॉलर प्रति औंस और पैलेडियम करीब 1.6% चढ़कर 1,333.25 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
अब फेड की जुलाई बैठक के मिनट्स पर नजर
निवेशकों की अगली नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की जुलाई बैठक के मिनट्स पर है। इन मिनट्स से यह समझने में मदद मिल सकती है कि फेड के अधिकारी महंगाई, रोजगार और ब्याज दरों को लेकर किस तरह का रुख रखते हैं।
यदि मिनट्स में महंगाई के दबाव में कमी और भविष्य में मौद्रिक नीति को नरम करने के संकेत मिलते हैं, तो यह सोने के लिए सकारात्मक हो सकता है। वहीं, अगर फेड अधिकारी महंगाई को लेकर ज्यादा सतर्क नजर आते हैं और ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने के संकेत देते हैं, तो सोने पर दबाव भी बन सकता है।
यानी आने वाले दिनों में सोने की चाल सिर्फ डॉलर की कमजोरी पर निर्भर नहीं रहेगी। अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, फेड की भाषा, बॉन्ड यील्ड और वैश्विक जोखिम भी इसकी दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
Gold Price Today: निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
सोने की मौजूदा तेजी को समझने के लिए तीन प्रमुख फैक्टर सबसे अहम हैं—डॉलर, अमेरिकी ब्याज दरें और महंगाई।
पहला, डॉलर में कमजोरी सोने की कीमत को सपोर्ट कर रही है। दूसरा, फेड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना घटने से सोने के प्रति निवेशकों का रुझान मजबूत हुआ है। तीसरा, महंगाई के आंकड़े अगर आगे भी नियंत्रित रहते हैं, तो फेड की नीति को लेकर बाजार की उम्मीदें और बदल सकती हैं।
हालांकि, सोने की कीमतों में तेजी के बाद अचानक मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है। इसलिए केवल एक दिन की तेजी देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं माना जाता। घरेलू बाजार में MCX के तकनीकी स्तरों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर और फेड से जुड़े घटनाक्रम पर नजर रखना जरूरी है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, कमजोर अमेरिकी डॉलर और फेड की ब्याज दरों को लेकर बदली उम्मीदों ने सोने और चांदी की कीमतों को मजबूती दी है। स्पॉट गोल्ड 4,400 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया है, जबकि चांदी 65 डॉलर प्रति औंस के ऊपर कारोबार कर रही है।
आने वाले दिनों में COMEX पर 4,410-4,415 डॉलर का रेजिस्टेंस और 4,375 डॉलर का सपोर्ट महत्वपूर्ण रहेगा। घरेलू बाजार में MCX Gold के लिए ₹1,54,750 सपोर्ट और ₹1,55,500 रेजिस्टेंस अहम स्तर हैं।
अब बाजार की नजर फेड की जुलाई बैठक के मिनट्स और आने वाले अमेरिकी महंगाई आंकड़ों पर रहेगी। इन संकेतों से सोने और चांदी की अगली दिशा को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है।
(रॉयटर्स से इनपुट के साथ)
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता और सूचना के उद्देश्य से है। सोने-चांदी या किसी अन्य वित्तीय उत्पाद में निवेश करने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति, जोखिम क्षमता और निवेश उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran किसी भी वित्तीय प्रोडक्ट या सर्विस में निवेश की सिफारिश नहीं करता।


