भारत में सोने की कीमतों में मंगलवार (26 मई 2026) को गिरावट दर्ज की गई। इंडियन बुलियन मार्केट में 24 कैरेट सोना ₹15,889 प्रति ग्राम पर पहुंच गया, जबकि 22 कैरेट गोल्ड का रेट ₹14,565 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोने का भाव ₹11,917 प्रति ग्राम दर्ज किया गया। वैश्विक बाजार में डॉलर की चाल, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और पश्चिम एशिया के तनाव के बीच निवेशकों की नजर अब सोने की अगली दिशा पर टिक गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हालिया गिरावट के बावजूद सोना लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अब भी मजबूत विकल्प बना हुआ है। भारत में शादी-विवाह सीजन और सुरक्षित निवेश की मांग सोने को सपोर्ट दे रही है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में मुनाफावसूली और डॉलर इंडेक्स में मजबूती के कारण कीमतों पर दबाव देखा जा रहा है।
भारत में आज का सोने का भाव (26 मई 2026)
| गोल्ड कैटेगरी | आज का रेट (प्रति ग्राम) | बदलाव |
|---|---|---|
| 24 कैरेट गोल्ड | ₹15,889 | ₹49 की गिरावट |
| 22 कैरेट गोल्ड | ₹14,565 | ₹45 की गिरावट |
| 18 कैरेट गोल्ड | ₹11,917 | ₹37 की गिरावट |
Source: Goodreturns Gold Rates
हिंदी भाषी प्रमुख शहरों में आज का सोने का भाव (1 ग्राम)
| शहर | 24 कैरेट | 22 कैरेट | 18 कैरेट |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹15,904 | ₹14,580 | ₹11,932 |
| जयपुर | ₹15,904 | ₹14,580 | ₹11,932 |
| लखनऊ | ₹15,904 | ₹14,580 | ₹11,932 |
| पटना | ₹15,894 | ₹14,570 | ₹11,922 |
| चंडीगढ़ | ₹15,904 | ₹14,580 | ₹11,932 |
| अयोध्या | ₹15,904 | ₹14,580 | ₹11,932 |
| गुरुग्राम | ₹15,904 | ₹14,580 | ₹11,932 |
| गाजियाबाद | ₹15,904 | ₹14,580 | ₹11,932 |
| नोएडा | ₹15,904 | ₹14,580 | ₹11,932 |
आखिर क्यों गिर रहे हैं सोने के दाम?
हाल के दिनों में वैश्विक स्तर पर कई ऐसे संकेत मिले हैं, जिनका असर सीधे गोल्ड मार्केट पर पड़ा है। अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर फेडरल रिजर्व का रुख अब भी सख्त माना जा रहा है। इससे डॉलर मजबूत हुआ है और निवेशकों ने सोने में मुनाफावसूली शुरू की है।
इसके अलावा, अमेरिका-ईरान वार्ता और पश्चिम एशिया के तनाव में उतार-चढ़ाव से भी निवेशकों की रणनीति बदल रही है। जब वैश्विक तनाव बढ़ता है तो सोने में खरीदारी बढ़ती है, लेकिन जैसे ही बाजार को राहत के संकेत मिलते हैं, कीमतों में दबाव दिखाई देता है।
क्या यह सोना खरीदने का सही समय है?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मौजूदा स्तर आकर्षक हो सकते हैं। भारत में त्योहारों और शादी सीजन से पहले ज्वेलरी डिमांड बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाई जा सकती है।
हालांकि, अल्पकाल में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। अगर अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में तेजी बनी रहती है तो सोने में और करेक्शन देखने को मिल सकता है।
निवेशकों को किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?
सोने में निवेश करने से पहले केवल कीमत नहीं, बल्कि कई अन्य फैक्टर्स पर भी ध्यान देना जरूरी है।
- ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज अलग से जुड़ता है
- BIS हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें
- निवेश के लिए डिजिटल गोल्ड या गोल्ड ETF भी विकल्प हो सकते हैं
- अंतरराष्ट्रीय बाजार और डॉलर इंडेक्स पर नजर रखें
- लंबी अवधि में सोना अब भी सुरक्षित निवेश माना जाता है
भारत में सोने की मांग क्यों बनी रहती है?
भारत दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड उपभोक्ता देशों में शामिल है। यहां सोना केवल निवेश नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा भी माना जाता है। शादी-विवाह, त्योहार और पारिवारिक बचत में गोल्ड की अहम भूमिका रहती है।
भारतीय परिवार आर्थिक अनिश्चितता के समय भी सोने को सुरक्षित संपत्ति मानते हैं। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद घरेलू बाजार में सोने की मांग पूरी तरह कमजोर नहीं पड़ती।
आगे क्या हो सकता है?
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले हफ्तों में सोने की दिशा काफी हद तक अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, फेडरल रिजर्व की नीति और भू-राजनीतिक हालात पर निर्भर करेगी। अगर वैश्विक तनाव फिर बढ़ता है तो सोने में दोबारा तेजी लौट सकती है।
दूसरी तरफ, अगर डॉलर मजबूत बना रहता है और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कमजोर पड़ती है, तो कीमतों पर दबाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी के बजाय चरणबद्ध निवेश रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।
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