GIFT Nifty Indicator: भारतीय शेयर बाजार बुधवार को हल्की बढ़त के साथ शुरुआत कर सकता है। मंगलवार की बड़ी गिरावट के बाद अब निवेशकों की नजर ग्लोबल संकेतों और GIFT Nifty पर टिकी हुई है। शुरुआती कारोबार में GIFT Nifty हरे निशान में कारोबार करता दिखा, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि निफ्टी 50 अपने पिछले बंद स्तर के आसपास या मामूली बढ़त के साथ खुल सकता है। हालांकि, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव निवेशकों की चिंता अभी भी बढ़ा रहे हैं।
GIFT Nifty दे रहा सकारात्मक संकेत
बुधवार सुबह करीब 8:15 बजे GIFT Nifty 28.50 अंक (0.12%) की बढ़त के साथ 24,047 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इससे संकेत मिल रहा है कि भारतीय बाजार की शुरुआत मंगलवार के 24,052.05 के बंद स्तर के आसपास हो सकती है।
हालांकि यह बढ़त बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन मंगलवार की भारी बिकवाली के बाद निवेशकों के लिए राहत का संकेत जरूर मानी जा रही है।
मंगलवार को बाजार में रही बड़ी गिरावट
मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार दबाव में रहा और प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
- सेंसेक्स 561.46 अंक (0.72%) गिरकर 77,054.94 पर बंद हुआ।
- निफ्टी 50 158.95 अंक (0.66%) टूटकर 24,052.05 पर बंद हुआ।
बाजार में सबसे अधिक दबाव आईटी, ऑटो और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला। इसकी बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक अनिश्चितता रही।
अमेरिकी बाजारों से मिला सहारा
रातभर के कारोबार में अमेरिकी शेयर बाजारों ने मजबूती दिखाई। अमेरिका में महंगाई के आंकड़े उम्मीद से बेहतर आने और बड़े बैंकों के मजबूत तिमाही नतीजों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
अमेरिकी बाजारों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा—
- Nasdaq 0.90% चढ़ा।
- S&P 500 में 0.38% की तेजी रही।
- Dow Jones 0.02% की मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ।
कम महंगाई के आंकड़ों के बाद यह उम्मीद मजबूत हुई कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व फिलहाल ब्याज दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं करेगा। इससे वैश्विक निवेशकों का जोखिम लेने का रुझान बढ़ा।
टेक शेयरों और बैंकिंग सेक्टर ने बढ़ाया भरोसा
अमेरिका के प्रमुख बैंकों के बेहतर वित्तीय नतीजों ने बाजार को मजबूती दी। वहीं सेमीकंडक्टर और टेक्नोलॉजी कंपनियों में खरीदारी बढ़ने से Nasdaq को खास समर्थन मिला।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि वैश्विक माहौल स्थिर रहता है तो इसका सकारात्मक असर भारतीय आईटी कंपनियों पर भी देखने को मिल सकता है।
एशियाई बाजारों में भी दिखी तेजी
अमेरिकी बाजारों की मजबूती का असर बुधवार को एशियाई शेयर बाजारों पर भी देखने को मिला।
- MSCI Asia Pacific ex-Japan Index लगभग 1.7% मजबूत रहा।
- दक्षिण कोरिया का KOSPI करीब 6% उछला।
- जापान का Nikkei लगभग 0.4% की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।
इसके अलावा अमेरिकी इक्विटी फ्यूचर्स भी शुरुआती कारोबार में मजबूती के साथ ट्रेड करते नजर आए।
कच्चे तेल की कीमतें अभी भी चिंता का विषय
हालांकि वैश्विक शेयर बाजारों में तेजी है, लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारतीय बाजार के लिए सबसे बड़ा जोखिम बनी हुई हैं।
- ब्रेंट क्रूड लगभग 1.7% बढ़कर 86.20 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया।
- WTI Crude भी 80 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है।
सिर्फ एक सप्ताह में कच्चे तेल की कीमतों में 12% से अधिक की तेजी दर्ज की गई है।
मिडिल ईस्ट तनाव बढ़ा रहा जोखिम
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव तथा होर्मुज स्ट्रेट के आसपास बढ़ती गतिविधियों ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
यदि यह तनाव आगे बढ़ता है तो तेल की कीमतों में और उछाल आ सकता है, जिसका असर भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों पर पड़ सकता है। इससे महंगाई बढ़ने, आयात बिल महंगा होने और कंपनियों के मुनाफे पर दबाव आने की आशंका बनी रहेगी।
FII और DII का रुख
मंगलवार को विदेशी निवेशकों ने बिकवाली जारी रखी।
- Foreign Institutional Investors (FII) ने करीब 739 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की।
- Domestic Institutional Investors (DII) ने 2,927 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया।
घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने विदेशी बिकवाली का बड़ा हिस्सा संभाल लिया, जिससे बाजार में बड़ी गिरावट सीमित रही।
आज किन बातों पर रहेगी निवेशकों की नजर?
बुधवार के कारोबार में निवेशक इन प्रमुख संकेतों पर नजर रखेंगे—
- GIFT Nifty की दिशा
- कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
- अमेरिका और ईरान से जुड़ी भू-राजनीतिक खबरें
- विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों का निवेश रुख
- आईटी, बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में खरीदारी या बिकवाली
बाजार के लिए क्या हैं संकेत?
फिलहाल GIFT Nifty हल्की सकारात्मक शुरुआत का संकेत दे रहा है और अमेरिकी व एशियाई बाजारों से भी समर्थन मिल रहा है। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव भारतीय बाजार के लिए निकट अवधि का सबसे बड़ा जोखिम बने हुए हैं। ऐसे में बाजार में शुरुआती तेजी के बावजूद उतार-चढ़ाव बना रह सकता है और निवेशकों को सतर्क रहकर कारोबार करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से है। NewsJagran किसी भी निवेश की सलाह नहीं देता। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


