ITR Filing 2026: असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 तेजी से नजदीक आ रही है। ऐसे में सबसे बड़ी गलती जो कई टैक्सपेयर्स करते हैं, वह है गलत ITR फॉर्म का चयन। यदि आपने अपनी आय के स्रोत के अनुसार सही फॉर्म नहीं चुना, तो आपका रिटर्न डिफेक्टिव घोषित हो सकता है, प्रोसेसिंग में देरी हो सकती है या आयकर विभाग की ओर से नोटिस भी आ सकता है। इसलिए ITR-1, ITR-2, ITR-3 और ITR-4 के बीच का अंतर समझना बेहद जरूरी है।
ITR फाइलिंग से पहले सही फॉर्म चुनना क्यों जरूरी?
हर टैक्सपेयर की आय का स्रोत अलग होता है। कोई सैलरी से कमाता है, कोई पेंशन लेता है, कोई शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में निवेश करता है, तो कोई बिजनेस या प्रोफेशन से आय अर्जित करता है। आयकर विभाग ने इन्हीं अलग-अलग परिस्थितियों के लिए अलग-अलग ITR फॉर्म निर्धारित किए हैं।
अगर आपने गलत फॉर्म में रिटर्न भर दिया तो—
- रिटर्न रिजेक्ट हो सकता है।
- डिफेक्टिव रिटर्न का नोटिस मिल सकता है।
- रिफंड मिलने में देरी हो सकती है।
- दोबारा सही ITR दाखिल करना पड़ सकता है।
- कुछ मामलों में पेनल्टी या ब्याज भी देना पड़ सकता है।
ITR-1 (Sahaj) किसके लिए है?
ITR-1 सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाला फॉर्म है। यह उन व्यक्तियों के लिए है जिनकी आय अपेक्षाकृत सरल है।
ITR-1 भर सकते हैं यदि—
- सैलरी या पेंशन से आय है।
- एक हाउस प्रॉपर्टी से आय है।
- बैंक ब्याज या अन्य सामान्य स्रोतों से आय है।
- सेक्शन 112A के तहत LTCG ₹1.25 लाख तक है।
- कुल वार्षिक आय ₹50 लाख तक है।
- कृषि आय ₹5,000 तक है।
ITR-1 नहीं भर सकते यदि—
- शेयरों से शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) हुआ है।
- LTCG ₹1.25 लाख से अधिक है।
- विदेश में संपत्ति या विदेशी आय है।
- अनलिस्टेड शेयर होल्ड करते हैं।
- बिजनेस या प्रोफेशन से आय है।
ITR-2 किसके लिए है?
यदि आपकी आय केवल सैलरी तक सीमित नहीं है और आपने शेयर, म्यूचुअल फंड, प्रॉपर्टी या अन्य कैपिटल एसेट बेचे हैं, तो ITR-2 आपके लिए हो सकता है।
ITR-2 में शामिल हैं
- सैलरी या पेंशन
- एक या अधिक हाउस प्रॉपर्टी
- शेयर बाजार से STCG और LTCG
- म्यूचुअल फंड की बिक्री से कैपिटल गेन
- जमीन, मकान या सोना बेचने से लाभ
- विदेशी संपत्ति या विदेशी आय
- कुल आय ₹50 लाख से अधिक
- कृषि आय ₹5,000 से अधिक
ITR-3 किसके लिए है?
ITR-3 उन लोगों के लिए है जिनकी आय बिजनेस या प्रोफेशन से होती है।
यह फॉर्म किनके लिए है?
- व्यापारी
- डॉक्टर
- वकील
- चार्टर्ड अकाउंटेंट
- फ्रीलांसर
- कंसल्टेंट
- पार्टनरशिप फर्म के पार्टनर
- बिजनेस के साथ शेयर बाजार से आय वाले व्यक्ति
यदि आपकी आय बिजनेस और निवेश दोनों से है, तो अधिकांश मामलों में ITR-3 लागू होता है।
ITR-4 (Sugam) किसके लिए है?
ITR-4 उन छोटे कारोबारियों और प्रोफेशनल्स के लिए बनाया गया है जो Presumptive Taxation Scheme के तहत टैक्स भरते हैं।
ITR-4 का उपयोग कब करें?
- सेक्शन 44AD के तहत बिजनेस
- सेक्शन 44ADA के तहत प्रोफेशन
- सेक्शन 44AE के तहत ट्रांसपोर्ट बिजनेस
- सैलरी या पेंशन भी हो सकती है
- कुल आय निर्धारित सीमा के भीतर हो
शेयर बाजार से कमाई होने पर कौन-सा ITR फॉर्म भरें?
| आय का प्रकार | सही ITR फॉर्म |
|---|---|
| LTCG (₹1.25 लाख तक, Sec 112A) | ITR-1, ITR-2, ITR-3, ITR-4 (पात्रता के अनुसार) |
| LTCG ₹1.25 लाख से अधिक | ITR-2 या ITR-3 |
| STCG (शेयर/म्यूचुअल फंड) | ITR-2 या ITR-3 |
| Unlisted Shares | ITR-2 या ITR-3 |
| प्रॉपर्टी, गोल्ड बेचने से कैपिटल गेन | ITR-2 या ITR-3 |
बैंक ब्याज, डिविडेंड और लॉटरी की आय पर कौन-सा फॉर्म?
| आय का स्रोत | उपयुक्त फॉर्म |
|---|---|
| बैंक ब्याज | ITR-1, 2, 3, 4 |
| सामान्य डिविडेंड | ITR-1, 2, 3, 4 |
| लॉटरी या घुड़दौड़ से जीत | ITR-2 या ITR-3 |
| विशेष टैक्स रेट वाली आय | ITR-2 या ITR-3 |
| अधिक डिविडेंड (जहां लागू नियम लागू हों) | ITR-2 या ITR-3 |
किन स्थितियों में ITR-1 नहीं भर सकते?
यदि निम्न में से कोई भी स्थिति है, तो ITR-1 उपयुक्त नहीं होगा—
- कुल आय ₹50 लाख से अधिक
- कृषि आय ₹5,000 से ज्यादा
- विदेशी संपत्ति
- विदेशी आय
- पुराने नुकसान (Loss) को Carry Forward करना
- कैपिटल गेन की जटिल स्थिति
- बिजनेस या प्रोफेशन की आय
कम आय होने पर भी ITR भरना क्यों जरूरी हो सकता है?
कई लोग मानते हैं कि टैक्स नहीं बनता तो ITR भी जरूरी नहीं है। लेकिन कुछ परिस्थितियों में कम आय होने पर भी ITR दाखिल करना अनिवार्य हो सकता है।
ऐसी प्रमुख स्थितियां हैं—
- विदेश में संपत्ति या विदेशी आय होना
- करंट अकाउंट में ₹1 करोड़ से अधिक जमा
- विदेश यात्रा पर ₹2 लाख से अधिक खर्च
- बिजली बिल ₹1 लाख से अधिक
- सेविंग अकाउंट में ₹50 लाख या उससे अधिक जमा
- TDS/TCS निर्धारित सीमा से अधिक कटना
- बिजनेस टर्नओवर ₹60 लाख से अधिक
- प्रोफेशनल रिसीप्ट ₹10 लाख से अधिक
ITR भरने से पहले रखें इन बातों का ध्यान
- AIS और Form 26AS का मिलान जरूर करें।
- Form 16 और बैंक ब्याज की जानकारी जांच लें।
- सभी कैपिटल गेन सही तरीके से दर्ज करें।
- सही बैंक खाता प्री-वैलिडेट करें।
- रिटर्न दाखिल करने के बाद समय पर ई-वेरिफिकेशन जरूर करें।
निष्कर्ष
असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ITR दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है। रिटर्न भरने से पहले यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि आपकी आय के स्रोत के अनुसार सही ITR फॉर्म चुना गया है। सैलरी, पेंशन, शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, बिजनेस या प्रोफेशन—हर स्थिति के लिए अलग नियम हैं। सही फॉर्म चुनने से न केवल रिटर्न आसानी से प्रोसेस होता है, बल्कि नोटिस, देरी और अनावश्यक परेशानियों से भी बचा जा सकता है।
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