FD Rate Hike: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी के बाद लोन लेने वालों पर ब्याज दर बढ़ने का दबाव बढ़ सकता है। वहीं, दूसरी तरफ फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में पैसा लगाने वाले निवेशकों के लिए राहत की खबर सामने आई है। बजाज फाइनेंस ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर दी है।
कंपनी ने अलग-अलग अवधि की FD पर 15 से 40 बेसिस प्वाइंट तक ब्याज दर बढ़ाई है। नई दरें 7 अक्टूबर से लागू मानी जा रही हैं। खास बात यह है कि कंपनी की ओर से वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य निवेशकों की तुलना में अतिरिक्त ब्याज का लाभ दिया जा रहा है। लंबी अवधि की FD पर वरिष्ठ नागरिकों को अधिकतम 8.25% सालाना ब्याज मिल सकता है।
Highlights
- RBI ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की।
- बजाज फाइनेंस ने FD की ब्याज दरों में 15 से 40 बेसिस प्वाइंट तक इजाफा किया।
- 31 से 60 महीने की FD पर सामान्य निवेशकों को 7.75% ब्याज मिलेगा।
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए इसी अवधि पर ब्याज दर 8.15% तक पहुंच गई है।
- रिन्यूअल वाली FD पर वरिष्ठ नागरिकों को अधिकतम 8.25% ब्याज मिल सकता है।
बजाज फाइनेंस ने FD पर कितना बढ़ाया ब्याज?
नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी बजाज फाइनेंस ने अलग-अलग टेन्योर वाली फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरों में बदलाव किया है। कंपनी ने खास तौर पर लंबी अवधि के निवेश पर अपेक्षाकृत ज्यादा बढ़ोतरी की है।
31 से 60 महीने की अवधि वाली FD पर सामान्य निवेशकों के लिए ब्याज दर में 35 बेसिस प्वाइंट तक की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों को इस अवधि पर 40 बेसिस प्वाइंट तक अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।
इसके अलावा, FD के रिन्यूअल पर भी अतिरिक्त ब्याज का प्रावधान है। इससे उन निवेशकों को फायदा मिल सकता है जो अपनी मौजूदा FD को मैच्योरिटी के बाद दोबारा कंपनी के साथ निवेश करना चाहते हैं।
किस अवधि की FD पर कितना ब्याज मिलेगा?
| FD की अवधि | सामान्य निवेशक | वरिष्ठ नागरिक | रिन्यूअल पर सामान्य निवेशक | रिन्यूअल पर वरिष्ठ नागरिक |
|---|---|---|---|---|
| 12 से 17 महीने | 6.80% | 7.20% | 6.90% | 7.30% |
| 18 से 30 महीने | 7.00% | 7.40% | 7.10% | 7.50% |
| 31 से 60 महीने | 7.75% | 8.15% | 7.85% | 8.25% |
तालिका के मुताबिक, सामान्य निवेशकों के लिए सबसे ज्यादा ब्याज 31 से 60 महीने की अवधि वाली FD पर 7.75% है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह दर 8.15% तक है। यदि FD का रिन्यूअल कराया जाता है तो वरिष्ठ नागरिकों के लिए अधिकतम ब्याज दर 8.25% तक पहुंच सकती है।
रेपो रेट बढ़ने से FD निवेशकों को कैसे फायदा?
रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI बैंकों को अल्प अवधि के लिए पैसा उपलब्ध कराता है। जब केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में बदलाव करता है तो इसका असर बैंकिंग और वित्तीय बाजार की ब्याज दरों पर भी पड़ सकता है।
रेपो रेट में बढ़ोतरी के बाद कर्ज की लागत बढ़ने की संभावना रहती है। इसका असर होम लोन, कार लोन और दूसरे फ्लोटिंग रेट वाले कर्ज पर देखने को मिल सकता है। दूसरी ओर, बैंक और वित्तीय संस्थान जमा और FD पर ब्याज दरों में भी बदलाव कर सकते हैं।
इसी वजह से ब्याज दरों के बढ़ते माहौल में FD जैसे निश्चित रिटर्न वाले निवेश विकल्प उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण हो जाते हैं जो अपने पैसे पर पहले से तय ब्याज कमाना चाहते हैं।
RBI ने क्यों बढ़ाया रेपो रेट?
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा के संबोधन में वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता, मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को प्रमुख चिंता के तौर पर सामने रखा गया। महंगे कच्चे तेल का असर परिवहन लागत से लेकर उत्पादन और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों तक पड़ सकता है।
ऐसे माहौल में महंगाई को नियंत्रित रखना केंद्रीय बैंक के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है। इसी क्रम में RBI ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की है। साथ ही मौद्रिक नीति के रुख में भी बदलाव किया गया है।
FD कराने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
FD पर 8.25% तक ब्याज सुनने में आकर्षक लग सकता है, लेकिन निवेश करने से पहले केवल ब्याज दर को देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। निवेशक को FD की अवधि, समय से पहले निकासी के नियम, टैक्स देनदारी और कंपनी की क्रेडिट प्रोफाइल जैसी बातों को भी देखना चाहिए।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपलब्ध अतिरिक्त ब्याज दर उनके लिए अलग लाभ प्रदान कर सकती है, लेकिन लंबी अवधि के निवेश में पैसा लॉक होने की स्थिति को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
इसलिए FD में निवेश करने से पहले अपनी लिक्विडिटी जरूरत, निवेश अवधि और जोखिम क्षमता के अनुसार विकल्प चुनना बेहतर रहता है।
Source: उपलब्ध जानकारी और कंपनी की FD दरों के आधार पर तैयार रिपोर्ट।
डिस्क्लेमर: FD में निवेश से पहले संबंधित कंपनी की मौजूदा ब्याज दरों, नियम एवं शर्तों और लागू टैक्स नियमों की जानकारी जरूर लें। ब्याज दरों में भविष्य में बदलाव संभव है।


