EPF Inactive Account: नौकरी बदलने या छोड़ने के बाद अगर आपने अपना पुराना PF अकाउंट ट्रांसफर या क्लेम नहीं किया है, तो उसमें पड़ा पैसा निष्क्रिय खाते में जा सकता है। संसद में सरकार ने बताया कि देश में 21.55 लाख ऐसे EPF खाते हैं, जिनमें करीब ₹850 करोड़ की रकम जमा है।
Highlights
- 21.55 लाख निष्क्रिय EPF खातों में जमा हैं करीब ₹850 करोड़ रुपये।
- चार साल में इनएक्टिव PF अकाउंट की संख्या में 84% का इजाफा हुआ।
- EPFO लोगों को पुराने PF खातों का पैसा निकालने और ट्रांसफर करने के लिए जागरूक कर रहा है।
- ऑटो-क्लेम और KYC अपडेट जैसे कदमों से प्रक्रिया आसान की जा रही है।
नई दिल्ली: लाखों PF खातों में फंसा है लोगों का पैसा
नौकरीपेशा लोगों के लिए Employees Provident Fund (EPF) रिटायरमेंट की सबसे बड़ी बचत योजनाओं में से एक है। हर महीने कर्मचारी और नियोक्ता की ओर से इस खाते में योगदान जमा किया जाता है। जरूरत पड़ने पर कर्मचारी नौकरी के दौरान भी नियमों के अनुसार इस पैसे का इस्तेमाल कर सकता है।
लेकिन देश में लाखों ऐसे PF खाते हैं, जिनमें लंबे समय से कोई लेनदेन नहीं हुआ है। इन खातों में कर्मचारियों की मेहनत की कमाई जमा है, लेकिन जानकारी के अभाव या लापरवाही की वजह से लोग इसे क्लेम नहीं कर पा रहे हैं।
संसद में सरकार की ओर से दी गई जानकारी में इन निष्क्रिय PF खातों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है।
संसद में केंद्रीय मंत्री ने दी जानकारी
श्रम और रोजगार राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में निष्क्रिय EPF खातों का डेटा साझा किया।
यह जानकारी सांसद नीरज डांगी के सवाल के जवाब में दी गई, जिसमें वित्त वर्ष 2020-21 से अब तक निष्क्रिय और बिना क्लेम वाले PF खातों की संख्या के बारे में जानकारी मांगी गई थी।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक:
- वित्त वर्ष 2020-21 में निष्क्रिय EPF खातों की संख्या 11,72,923 थी।
- वित्त वर्ष 2023-24 में यह संख्या बढ़कर 21,55,387 हो गई।
यानी करीब चार साल में निष्क्रिय PF खातों की संख्या में लगभग 84% की बढ़ोतरी हुई है।
21 लाख खातों में जमा हैं ₹850 करोड़
सरकार ने यह भी बताया कि इन निष्क्रिय खातों में औसत जमा राशि लगातार बढ़ी है।
- साल 2020-21 में प्रति निष्क्रिय खाते में औसत बैलेंस: ₹33,513
- साल 2023-24 में प्रति खाते औसत बैलेंस: ₹39,460
अगर 21,55,387 निष्क्रिय खातों को औसत बैलेंस से जोड़ा जाए, तो कुल राशि करीब:
21,55,387 × ₹39,460 = ₹85,05,15,71,020
यानी लगभग ₹850 करोड़ रुपये इन खातों में जमा हैं।
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं निष्क्रिय PF खाते?
सरकार ने निष्क्रिय PF खातों के बढ़ने के पीछे कई कारण बताए हैं।
1. नौकरी बदलने के बाद PF ट्रांसफर नहीं करना
कई कर्मचारी नौकरी बदलने के बाद अपना पुराना PF अकाउंट नए खाते में ट्रांसफर नहीं कराते। ऐसे में पुराना खाता निष्क्रिय हो जाता है।
2. नौकरी छोड़ने के बाद क्लेम नहीं करना
कई लोग नौकरी छोड़ने के बाद PF राशि निकालने के लिए आवेदन नहीं करते। लंबे समय तक कोई गतिविधि नहीं होने पर खाता निष्क्रिय श्रेणी में चला जाता है।
3. अधूरी KYC जानकारी
पुराने PF खातों में कई बार आधार, जन्मतिथि या अन्य जरूरी जानकारी अपडेट नहीं होती। KYC अभियान के दौरान ऐसे कई खाते सामने आए हैं।
EPFO ने उठाए हैं ये कदम
कर्मचारियों का पैसा आसानी से उन तक पहुंचाने के लिए Employees’ Provident Fund Organisation की ओर से कई कदम उठाए गए हैं।
ऑटो-इनिशिएट क्लेम सुविधा
नई व्यवस्था के तहत PF क्लेम प्रक्रिया को आसान बनाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि पात्र कर्मचारियों को पैसा प्राप्त करने में कम परेशानी हो।
‘निधि आपके निकट’ अभियान
EPFO की ओर से ‘निधि आपके निकट (Nidhi Aapke Nikat) 2.0’ अभियान चलाया जा रहा है। इसके जरिए लोगों को पुराने PF खातों, KYC अपडेट और क्लेम प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जा रही है।
सोशल मीडिया के जरिए जागरूकता
EPFO लगातार सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से कर्मचारियों को अपने PF खाते की स्थिति जांचने और जरूरत पड़ने पर पैसा क्लेम करने की सलाह दे रहा है।
आपका PF पैसा भी हो सकता है निष्क्रिय खाते में
अगर आपने कभी नौकरी बदली है और पुराना PF अकाउंट ट्रांसफर नहीं कराया है, तो एक बार अपना EPF बैलेंस जरूर चेक करें।
आप अपने UAN (Universal Account Number) के जरिए:
- PF बैलेंस देख सकते हैं।
- पुराने खाते की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
- KYC अपडेट कर सकते हैं।
- PF ट्रांसफर या निकासी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
आपकी सालों की मेहनत की कमाई PF खाते में सुरक्षित है, लेकिन उसे समय-समय पर चेक करना भी जरूरी है।


