भारत में डीजल की कीमतें एक बार फिर चर्चा में हैं। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और राज्य सरकारों के टैक्स ढांचे के कारण अलग-अलग शहरों में डीजल के रेट बदल रहे हैं। 27 मई 2026 को मुंबई में डीजल की कीमत ₹97.83 प्रति लीटर दर्ज की गई, जबकि कुछ शहरों में हल्की बढ़ोतरी और कुछ में मामूली गिरावट देखने को मिली है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की वैश्विक मांग और भारत की आयात निर्भरता आने वाले दिनों में ईंधन कीमतों को प्रभावित कर सकती है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाला हर बदलाव सीधे घरेलू ईंधन कीमतों पर असर डालता है।
भारत में रोजाना बदलती हैं डीजल की कीमतें
15 जून 2017 से भारत में डीजल की कीमतों में रोजाना संशोधन (Daily Revision) की व्यवस्था लागू है। इससे पहले डीजल के दाम हर 15 दिन में बदले जाते थे। दैनिक संशोधन प्रणाली लागू होने के बाद अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का असर उपभोक्ताओं तक तेजी से पहुंचता है।
तेल कंपनियां हर दिन सुबह 6 बजे नई कीमतें जारी करती हैं। इसमें इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) प्रमुख भूमिका निभाती हैं।
मुंबई में डीजल ₹97.83 प्रति लीटर
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आज डीजल की कीमत ₹97.83 प्रति लीटर बनी हुई है। पिछले 10 दिनों में यहां डीजल के रेट ₹93.14 से ₹97.83 के बीच रहे हैं। इससे साफ है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता का असर भारतीय बाजार पर लगातार दिखाई दे रहा है।
महानगरों में आज के डीजल रेट
| शहर | डीजल कीमत (प्रति लीटर) | बदलाव |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹95.20 | कोई बदलाव नहीं |
| कोलकाता | ₹99.82 | कोई बदलाव नहीं |
| मुंबई | ₹97.83 | कोई बदलाव नहीं |
| चेन्नई | ₹99.98 | +₹0.32 |
| गुरुग्राम | ₹95.51 | +₹0.24 |
| नोएडा | ₹95.37 | -₹0.48 |
| बेंगलुरु | ₹98.80 | कोई बदलाव नहीं |
| भुवनेश्वर | ₹100.52 | -₹0.08 |
| चंडीगढ़ | ₹89.47 | कोई बदलाव नहीं |
| हैदराबाद | ₹103.82 | कोई बदलाव नहीं |
| जयपुर | ₹97.65 | -₹0.10 |
| लखनऊ | ₹95.36 | कोई बदलाव नहीं |
| पटना | ₹99.65 | +₹0.29 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹104.12 | -₹0.29 |
अलग-अलग राज्यों में कीमतें अलग क्यों?
भारत में डीजल की कीमतें सभी राज्यों में समान नहीं होतीं। इसकी सबसे बड़ी वजह राज्य सरकारों द्वारा लगाया जाने वाला VAT और स्थानीय टैक्स है। उदाहरण के लिए महाराष्ट्र, तेलंगाना और केरल जैसे राज्यों में टैक्स ज्यादा होने के कारण डीजल महंगा मिलता है, जबकि चंडीगढ़ जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में कीमतें अपेक्षाकृत कम रहती हैं।
इसके अलावा परिवहन लागत, डीलर कमीशन और स्थानीय नगर कर भी अंतिम कीमत को प्रभावित करते हैं।
कच्चे तेल और रुपये की कमजोरी का असर
विशेषज्ञों के अनुसार यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें बढ़ती हैं और डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता है, तो भारत में डीजल और पेट्रोल दोनों महंगे हो सकते हैं। हाल के महीनों में वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति संबंधी चिंताओं ने तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ाई है।
रॉयटर्स और ब्लूमबर्ग की हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार पश्चिम एशिया की स्थिति पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। यदि वहां तनाव बढ़ता है तो तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है।
डीजल महंगा होने से किन चीजों पर पड़ता है असर?
डीजल सिर्फ वाहनों का ईंधन नहीं है, बल्कि भारत की पूरी सप्लाई चेन की रीढ़ माना जाता है। ट्रक, बस, कृषि उपकरण और मालवाहक वाहन बड़े पैमाने पर डीजल पर निर्भर हैं। डीजल महंगा होने का असर इन क्षेत्रों पर पड़ सकता है सब्जियों और फलों की कीमत, दूध और डेयरी उत्पाद, ऑनलाइन डिलीवरी चार्ज, बस और ट्रांसपोर्ट किराया, निर्माण सामग्री, खेती की लागत यही वजह है कि डीजल की कीमतों में बदलाव आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालता है।
क्या आगे और बढ़ सकते हैं दाम?
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की वैश्विक कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले हफ्तों में भारतीय तेल कंपनियां कीमतों में संशोधन कर सकती हैं। हालांकि केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स फैसले भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार स्थिर रहता है और रुपया मजबूत होता है, तो उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।
कैसे चेक करें अपने शहर का डीजल रेट?
उपभोक्ता SMS सेवा, तेल कंपनियों की वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए अपने शहर के ताजा डीजल रेट चेक कर सकते हैं। इंडियन ऑयल, BPCL और HPCL रोजाना सुबह अपडेट जारी करती हैं।
Source: GoodReturns, Indian Oil Corporation (IOC), PPAC, Reuters
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