नई दिल्ली। भारत की प्रमुख इंजीनियरिंग और पावर सॉल्यूशन कंपनी Cummins India ने वित्त वर्ष 2025-26 के चौथी तिमाही और पूरे साल के नतीजों का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने इस बार अपने निवेशकों को बड़ा तोहफा देते हुए ₹46 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की घोषणा की है। खास बात यह है कि यह डिविडेंड 2300 प्रतिशत के बराबर है, क्योंकि कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू ₹2 है।
कंपनी की ओर से जारी आधिकारिक रेगुलेटरी फाइलिंग के मुताबिक, यह डिविडेंड फरवरी 2026 में दिए गए ₹20 प्रति शेयर के इंटरिम डिविडेंड के अतिरिक्त होगा। यानी पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान निवेशकों को कुल ₹66 प्रति शेयर का डिविडेंड मिलेगा।
रिकॉर्ड डेट नोट कर लें
अगर आप इस डिविडेंड का फायदा लेना चाहते हैं, तो रिकॉर्ड डेट याद रखना बेहद जरूरी है। कंपनी ने शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। इसका मतलब है कि जिन निवेशकों के डीमैट खाते में इस तारीख तक कंपनी के शेयर मौजूद होंगे, वही डिविडेंड पाने के पात्र होंगे।
वहीं कंपनी ने कहा है कि शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद 4 सितंबर 2026 या उससे पहले डिविडेंड का भुगतान कर दिया जाएगा।
मुनाफे और आय में जबरदस्त बढ़ोतरी
कमिंस इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी की कुल आय, प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) और नेट प्रॉफिट (PAT) तीनों में डबल डिजिट ग्रोथ देखने को मिली है।
कंपनी का पूरा वित्तीय प्रदर्शन
| वित्तीय आंकड़े | FY26 | FY25 | वृद्धि |
|---|---|---|---|
| कुल आय | ₹12,660.53 करोड़ | ₹10,837.81 करोड़ | ~16.8% |
| कर पूर्व लाभ (PBT) | ₹3,085.95 करोड़ | ₹2,592.81 करोड़ | ~19% |
| शुद्ध लाभ (PAT) | ₹2,361.75 करोड़ | ₹1,999.94 करोड़ | ~18.1% |
| EPS | ₹85.20 | ₹72.15 | ~18.1% |
इन आंकड़ों से साफ है कि कंपनी ने मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और बेहतर डिमांड के दम पर अपना मुनाफा बढ़ाया है। खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर बैकअप और इंडस्ट्रियल इंजन सेगमेंट में मजबूत मांग का फायदा कंपनी को मिला।
डिविडेंड देने वाली कंपनियों पर क्यों रहती है निवेशकों की नजर?
शेयर बाजार में डिविडेंड देने वाली कंपनियों को अक्सर निवेशकों के बीच ज्यादा भरोसेमंद माना जाता है। नियमित और मजबूत डिविडेंड यह संकेत देता है कि कंपनी के पास कैश फ्लो मजबूत है और उसका बिजनेस स्थिर स्थिति में है।
कमिंस इंडिया पिछले कई वर्षों से लगातार डिविडेंड देने वाली कंपनियों में शामिल रही है। इस बार ₹66 प्रति शेयर का कुल डिविडेंड कंपनी की मजबूत बैलेंस शीट और कैश रिजर्व को दिखाता है।
AGM और ऑडिटर से जुड़े बड़े फैसले
कंपनी ने अपनी 65वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) की तारीख भी घोषित कर दी है। AGM गुरुवार, 6 अगस्त 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित होगी।
इसके अलावा बोर्ड ने Price Waterhouse & Co Chartered Accountants LLP को अगले पांच वर्षों के लिए वैधानिक ऑडिटर नियुक्त करने की सिफारिश की है।
वहीं वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ‘जोशी आप्टे एंड एसोसिएट्स’ को कॉस्ट ऑडिटर नियुक्त किया गया है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत डिविडेंड और लगातार बढ़ते मुनाफे के कारण कमिंस इंडिया लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रह सकती है। हालांकि, किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले निवेशकों को कंपनी की वैल्यूएशन, सेक्टर की स्थिति और बाजार जोखिम को जरूर समझना चाहिए।
हाल के वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक निवेश बढ़ने से पावर और इंजीनियरिंग सेक्टर की कंपनियों को फायदा मिल रहा है। ऐसे में कमिंस इंडिया जैसी कंपनियां आने वाले समय में भी मजबूत प्रदर्शन कर सकती हैं।
स्रोत
यह जानकारी BSE और NSE को दी गई कंपनी की आधिकारिक रेगुलेटरी फाइलिंग के आधार पर तैयार की गई है।
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