5 Mistakes in Paying Rent Online: क्रेडिट कार्ड ने किराया चुकाने का तरीका काफी आसान बना दिया है। अब किराएदार ऑनलाइन कुछ ही क्लिक में मकान मालिक को भुगतान कर सकते हैं। हालांकि, क्रेडिट कार्ड से हर महीने किराया देना सुविधाजनक होने के साथ-साथ महंगा भी पड़ सकता है। फीस, क्रेडिट लिमिट और ब्याज से जुड़ी कुछ गलतियां आपकी जेब पर भारी पड़ सकती हैं।
अगर आप किराए के भुगतान के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो केवल यह देखना पर्याप्त नहीं है कि पेमेंट हो गया। आपको यह भी समझना चाहिए कि इस ट्रांजैक्शन पर कितनी फीस लग रही है, आपकी क्रेडिट लिमिट का कितना हिस्सा इस्तेमाल हो रहा है और बिल का भुगतान किस तरह किया जा रहा है। छोटी-सी लापरवाही लंबे समय में बड़ा खर्च बढ़ा सकती है।
बिना फीस चेक किए क्रेडिट कार्ड से किराया देना
क्रेडिट कार्ड से किराए का भुगतान करने पर कुछ प्लेटफॉर्म या सेवाएं प्रोसेसिंग अथवा कन्वीनियंस फीस ले सकती हैं। यह शुल्क आपके कुल किराए की लागत बढ़ा देता है। उदाहरण के लिए, अगर ₹30,000 के मासिक किराए पर 2% शुल्क लगता है तो हर महीने ₹600 अतिरिक्त देने पड़ सकते हैं। एक साल में यह रकम ₹7,200 तक पहुंच सकती है।
इसके ऊपर लागू टैक्स भी हो सकता है। इसलिए केवल रिवॉर्ड पॉइंट्स या कैशबैक देखकर क्रेडिट कार्ड से किराया देना समझदारी नहीं है। पहले यह हिसाब लगाएं कि आपको मिलने वाला रिवॉर्ड वास्तविक शुल्क से ज्यादा है या नहीं। एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने भी क्रेडिट कार्ड से किराया देते समय अतिरिक्त शुल्क और रिवॉर्ड से मिलने वाले फायदे की तुलना करने की सलाह दी है।
क्रेडिट लिमिट के बड़े हिस्से का इस्तेमाल करना
किराए का भुगतान आपकी उपलब्ध क्रेडिट लिमिट का एक बड़ा हिस्सा इस्तेमाल कर सकता है। मान लीजिए आपके क्रेडिट कार्ड की लिमिट ₹1 लाख है और आप हर महीने ₹40,000 का किराया कार्ड से चुकाते हैं। यानी किराए के भुगतान से ही आपकी लिमिट का 40% इस्तेमाल हो गया।
इसे क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो कहा जाता है। इसके अलावा अगर आप कार्ड से रोजमर्रा के दूसरे खर्च भी करते हैं तो इस्तेमाल की गई लिमिट और बढ़ सकती है। लगातार अधिक क्रेडिट यूटिलाइजेशन आपके क्रेडिट प्रोफाइल के लिए अच्छा नहीं माना जाता।
इसलिए अगर किराए के कारण हर महीने कार्ड की लिमिट का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल हो रहा है तो अपने कुल खर्च और उपलब्ध लिमिट पर नजर रखना जरूरी है।
सिर्फ मिनिमम अमाउंट ड्यू का भुगतान करना
क्रेडिट कार्ड बिल में ‘Minimum Amount Due’ देखकर कई लोगों को लगता है कि फिलहाल इतना भुगतान करना पर्याप्त है। लेकिन ऐसा करने से बाकी बकाया रकम पर ब्याज लग सकता है।
अगर आपने किराए के भुगतान के बाद पूरा क्रेडिट कार्ड बिल समय पर नहीं चुकाया और केवल न्यूनतम राशि जमा की, तो बकाया रकम आगे बढ़ सकती है। इसके साथ ब्याज जुड़ने से किराए की वास्तविक लागत बढ़ती जाएगी।
यानी क्रेडिट कार्ड से किराया देना तभी ज्यादा फायदेमंद हो सकता है जब आप हर महीने पूरा बिल ड्यू डेट से पहले चुका सकें। केवल न्यूनतम भुगतान के भरोसे किराए का बड़ा खर्च कार्ड पर डालना महंगा पड़ सकता है।
यह मान लेना कि किराया देने से अपने आप क्रेडिट स्कोर बढ़ेगा
एक आम गलतफहमी यह भी है कि ऑनलाइन किराया देने से हर महीने क्रेडिट हिस्ट्री बेहतर होती जाएगी। लेकिन केवल किराए का भुगतान कर देने से यह जरूरी नहीं कि वह पेमेंट आपके क्रेडिट ब्यूरो रिकॉर्ड में उसी तरह दिखाई दे जैसे लोन या क्रेडिट कार्ड की पेमेंट हिस्ट्री दिखाई देती है।
यूपीआई या बैंक ट्रांसफर से किए गए सामान्य किराए के भुगतान की जानकारी आम तौर पर क्रेडिट ब्यूरो को लोन या क्रेडिट कार्ड भुगतान की तरह रिपोर्ट नहीं होती। कुछ फिनटेक प्लेटफॉर्म किराए की रिपोर्टिंग या अलग तरह की स्कोरिंग सुविधा दे सकते हैं, लेकिन इसका इस्तेमाल करने से पहले यह समझना जरूरी है कि पेमेंट वास्तव में किस क्रेडिट ब्यूरो को रिपोर्ट किया जा रहा है और उसका आपके क्रेडिट स्कोर पर क्या असर होगा।
इसलिए सिर्फ यह सोचकर क्रेडिट कार्ड से किराया न दें कि इससे आपका क्रेडिट स्कोर निश्चित रूप से बढ़ जाएगा।
क्रेडिट कार्ड बिल की ड्यू डेट भूल जाना
यह सबसे महंगी गलतियों में से एक हो सकती है। अगर आपने क्रेडिट कार्ड से किराया तो दे दिया, लेकिन बाद में कार्ड बिल की ड्यू डेट तक भुगतान नहीं किया, तो ब्याज और अन्य शुल्क लग सकते हैं। इसके अलावा भुगतान में देरी क्रेडिट हिस्ट्री पर भी नकारात्मक असर डाल सकती है।
खासकर तब समस्या बढ़ सकती है जब किराया हर महीने आपकी कार्ड लिमिट का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल कर रहा हो और आप बिल का पूरा भुगतान करने की स्थिति में न हों।
इसलिए क्रेडिट कार्ड से किराया चुकाने वालों को बिल की ड्यू डेट हमेशा याद रखनी चाहिए। बेहतर है कि पूरा बकाया समय पर चुकाने के लिए ऑटो-पे या रिमाइंडर जैसी सुविधा का इस्तेमाल किया जाए।
क्रेडिट कार्ड से किराया देना कब सही हो सकता है?
क्रेडिट कार्ड से किराया देना हर व्यक्ति के लिए गलत नहीं है। अगर कार्ड पर मिलने वाले रिवॉर्ड या अन्य फायदे प्रोसेसिंग फीस से अधिक हैं, आपके पास पर्याप्त क्रेडिट लिमिट है और आप हर महीने पूरा बिल समय पर चुका सकते हैं, तो यह सुविधा उपयोगी हो सकती है।
लेकिन अगर इसके लिए आपको हर महीने अतिरिक्त फीस देनी पड़ रही है, कार्ड की लिमिट का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल हो रहा है या बिल का भुगतान अगले महीने तक टालना पड़ रहा है, तो किराया चुकाने का यह तरीका महंगा साबित हो सकता है।
निष्कर्ष: क्रेडिट कार्ड से किराया देने से पहले फीस, रिवॉर्ड, क्रेडिट यूटिलाइजेशन और बिल भुगतान की क्षमता—इन चारों चीजों का हिसाब जरूर लगाएं। सुविधा के साथ लागत को समझना ही सबसे जरूरी है।


