नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में आईपीओ निवेशकों के लिए एक बार फिर हलचल बढ़ने वाली है। करीब एक महीने की सुस्ती के बाद मेनबोर्ड आईपीओ बाजार में नई एंट्री होने जा रही है। गैर-लौह धातु (Non-Ferrous Metals) रीसाइक्लिंग सेक्टर की प्रमुख कंपनी CMR Green Technologies अपना ₹630 करोड़ का आईपीओ लेकर आ रही है। यह सार्वजनिक निर्गम (IPO) 3 जून 2026 से निवेशकों के लिए खुलेगा और 5 जून तक बोली लगाने का मौका मिलेगा।
दिलचस्प बात यह है कि कंपनी का आईपीओ खुलने से पहले ही ग्रे मार्केट में इसकी चर्चा शुरू हो गई है। वर्तमान में इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) लगभग ₹27 बताया जा रहा है, जिससे निवेशकों के बीच लिस्टिंग गेन की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
एक महीने बाद लौट रही मेनबोर्ड आईपीओ की रौनक
मई 2026 के दौरान मेनबोर्ड सेगमेंट में निवेशकों को बहुत अधिक नए इश्यू देखने को नहीं मिले। ऐसे में CMR Green Technologies IPO को लेकर बाजार में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में भारतीय आईपीओ बाजार ने मजबूत प्रदर्शन किया है और कई कंपनियों ने निवेशकों को अच्छी लिस्टिंग गेन भी दी है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक और घरेलू बाजार की परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं तो यह आईपीओ भी निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर सकता है।
CMR Green Technologies IPO की प्रमुख जानकारी
कंपनी ने आईपीओ के लिए ₹182 से ₹192 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।
- IPO खुलने की तारीख: 3 जून 2026
- IPO बंद होने की तारीख: 5 जून 2026
- एंकर निवेशकों के लिए बोली: 2 जून 2026
- प्राइस बैंड: ₹182-₹192 प्रति शेयर
- इश्यू साइज: ₹630 करोड़
- लॉट साइज: 78 शेयर
- इश्यू प्रकार: पूरी तरह OFS (Offer For Sale)
निवेशकों को कम से कम एक लॉट यानी 78 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा। अपर प्राइस बैंड ₹192 के हिसाब से एक लॉट में निवेश राशि लगभग ₹14,976 होगी।
CMR Green Technologies क्या करती है?
फरीदाबाद स्थित CMR Green Technologies भारत की प्रमुख मेटल रीसाइक्लिंग कंपनियों में शामिल है। कंपनी मुख्य रूप से एल्यूमिनियम, जिंक और अन्य गैर-लौह धातुओं के पुनर्चक्रण (Recycling) का काम करती है। आज दुनिया भर में सस्टेनेबिलिटी और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग पर जोर बढ़ रहा है। ऐसे में मेटल रीसाइक्लिंग इंडस्ट्री का महत्व तेजी से बढ़ा है। ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग और औद्योगिक क्षेत्रों में रिसाइकल्ड मेटल की मांग लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार भारत में मेटल रीसाइक्लिंग सेक्टर आने वाले वर्षों में तेज वृद्धि दर्ज कर सकता है, जिसका फायदा इस क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों को मिल सकता है।
ग्रे मार्केट में क्या संकेत मिल रहे हैं?
आईपीओ बाजार में GMP यानी ग्रे मार्केट प्रीमियम को निवेशकों की शुरुआती धारणा का संकेत माना जाता है। वर्तमान में CMR Green Technologies का GMP लगभग ₹27 बताया जा रहा है। यदि यह स्तर बरकरार रहता है तो ₹192 के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले अनुमानित लिस्टिंग प्राइस लगभग ₹219 हो सकती है। इस आधार पर संभावित लिस्टिंग गेन लगभग 14.32 प्रतिशत बैठता है। यदि कोई निवेशक एक लॉट यानी 78 शेयरों के लिए आवेदन करता है और अनुमानित GMP के अनुसार लिस्टिंग होती है, तो उसे लगभग ₹2,100 से ₹2,200 तक का संभावित लाभ मिल सकता है। हालांकि निवेशकों को यह समझना चाहिए कि GMP कोई आधिकारिक संकेतक नहीं होता। वास्तविक लिस्टिंग शेयर बाजार की परिस्थितियों, निवेशकों की मांग और आईपीओ के सब्सक्रिप्शन स्तर पर निर्भर करती है।
OFS होने का निवेशकों के लिए क्या मतलब है?
CMR Green Technologies का यह आईपीओ पूरी तरह से Offer For Sale (OFS) है। OFS का मतलब है कि कंपनी नए शेयर जारी नहीं कर रही है। इसके बजाय प्रमोटर और मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेच रहे हैं। इस स्थिति में आईपीओ से मिलने वाली राशि सीधे कंपनी के पास नहीं जाती बल्कि शेयर बेचने वाले निवेशकों को प्राप्त होती है। हालांकि OFS होना हमेशा नकारात्मक संकेत नहीं माना जाता। कई स्थापित कंपनियां भी OFS के जरिए बाजार में अपनी हिस्सेदारी कम करती हैं। निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, व्यवसाय मॉडल और विकास की संभावनाओं का अलग से मूल्यांकन करना चाहिए।
कर्मचारियों के लिए भी विशेष व्यवस्था
कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए भी विशेष प्रावधान किया है। आईपीओ में लगभग ₹2.5 करोड़ मूल्य के शेयर कर्मचारियों के लिए आरक्षित रखे गए हैं। इसके अलावा कर्मचारियों को इश्यू प्राइस पर विशेष छूट भी मिलने वाली है। आमतौर पर कर्मचारियों के लिए आरक्षण कंपनी के भीतर विश्वास और दीर्घकालिक भागीदारी को दर्शाता है।
किन निवेशकों के लिए कितना हिस्सा आरक्षित?
सेबी के नियमों के अनुसार कंपनी ने विभिन्न निवेशक श्रेणियों के लिए अलग-अलग हिस्सेदारी निर्धारित की है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आरक्षित रखा गया है। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) के लिए कम से कम 15 प्रतिशत हिस्सा निर्धारित किया गया है। वहीं खुदरा निवेशकों (Retail Investors) के लिए कम से कम 35 प्रतिशत हिस्सा उपलब्ध रहेगा। इससे छोटे निवेशकों को भी आईपीओ में भागीदारी का पर्याप्त अवसर मिलेगा।
IPO निवेशकों को किन जोखिमों पर ध्यान देना चाहिए?
किसी भी आईपीओ में निवेश से पहले केवल GMP देखकर निर्णय लेना उचित नहीं माना जाता। CMR Green Technologies के मामले में भी कुछ महत्वपूर्ण जोखिम मौजूद हैं। पहला जोखिम मेटल कीमतों में उतार-चढ़ाव का है। यदि वैश्विक धातु बाजार में कमजोरी आती है तो इसका असर कंपनी के कारोबार पर पड़ सकता है। दूसरा जोखिम प्रतिस्पर्धा का है। रीसाइक्लिंग उद्योग में कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सक्रिय हैं। तीसरा जोखिम वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों से जुड़ा है। ऑटोमोबाइल और औद्योगिक उत्पादन में गिरावट आने पर रिसाइकल्ड मेटल की मांग प्रभावित हो सकती है। इसीलिए निवेशकों को केवल संभावित लिस्टिंग गेन के बजाय कंपनी के दीर्घकालिक व्यवसाय मॉडल का भी मूल्यांकन करना चाहिए।
सेबी से मंजूरी पाने वाली अन्य कंपनियां
CMR Green Technologies के अलावा हाल ही में तीन अन्य कंपनियों को भी सेबी से आईपीओ लाने की मंजूरी मिली है। इनमें Rodek Pharma, Ranee Strips और Krishna Buildspace शामिल हैं। Rodek Pharma पशु चिकित्सा दवा क्षेत्र में कार्यरत कंपनी है। Ranee Strips इस्पात संरचनात्मक उत्पादों का निर्माण करती है, जबकि Krishna Buildspace विनिर्माण क्षेत्र से जुड़ी कंपनी है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में आईपीओ बाजार और अधिक सक्रिय हो सकता है।
क्या निवेश करना चाहिए?
CMR Green Technologies IPO उन निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है जो लिस्टिंग गेन की तलाश में रहते हैं। वर्तमान GMP सकारात्मक संकेत दे रहा है, लेकिन अंतिम निर्णय लेने से पहले निवेशकों को कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, मूल्यांकन, जोखिम और उद्योग की संभावनाओं का अध्ययन करना चाहिए। यदि आईपीओ को मजबूत सब्सक्रिप्शन मिलता है और बाजार का माहौल सकारात्मक रहता है तो इसकी लिस्टिंग निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। हालांकि शेयर बाजार में निवेश हमेशा जोखिमों के अधीन होता है और किसी भी निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की राय लेना उचित माना जाता है।
(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसे निवेश सलाह न समझें। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।)
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