नई दिल्ली: हॉलीवुड के मशहूर निर्देशक क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म ‘द ओडिसी’ (The Odyssey) सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर ही सफलता हासिल नहीं कर रही, बल्कि इसने भारत में किताबों की दुनिया में भी एक नया ट्रेंड शुरू कर दिया है। प्राचीन यूनानी कवि होमर के करीब 3,000 साल पुराने महाकाव्य पर आधारित इस फिल्म ने युवाओं, खासकर Gen Z को क्लासिक साहित्य की ओर आकर्षित किया है। फिल्म 17 जुलाई को भारत में रिलीज हुई थी और अब तक 140 करोड़ रुपये से अधिक का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कर चुकी है। इसके साथ ही ‘द ओडिसी’ की प्रिंट कॉपी और ग्रीक मिथकों पर आधारित दूसरी क्लासिक किताबों की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है।
फिल्म ने जगाई 3,000 साल पुराने महाकाव्य में दिलचस्पी
होमर के प्रसिद्ध महाकाव्य ‘द ओडिसी’ का 2018 में विदुषी एमिली विल्सन ने आधुनिक अंग्रेजी में अनुवाद किया था। इसकी शुरुआती पंक्ति—“हमारे आधुनिक समय के लिए पुरानी कहानी सुनाओ”—आज के दौर में बिल्कुल सटीक साबित होती दिख रही है।
क्रिस्टोफर नोलन की सिनेमाई प्रस्तुति ने न सिर्फ फिल्म प्रेमियों को प्रभावित किया, बल्कि हजारों युवा पाठकों को मूल किताब और उससे जुड़े साहित्य की ओर भी खींचा है। यही वजह है कि फिल्म रिलीज होने से पहले ही किताबों की बिक्री तेज हो गई थी।
NielsenIQ के आंकड़ों में दिखा बड़ा उछाल
NielsenIQ BookData India के अनुसार, 18 जुलाई 2026 तक भारत में ‘द ओडिसी’ की 6,500 से अधिक प्रिंट कॉपियां बिक चुकी हैं। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में दोगुने से भी अधिक है।
डेटा के मुताबिक,
- 21 जून से 18 जुलाई के बीच 2,000 से ज्यादा प्रतियां बिकीं।
- यह 2025 की समान चार सप्ताह की अवधि की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक बिक्री है।
- फिल्म रिलीज के बाद बिक्री की रफ्तार और तेज हो गई।
Amazon India पर पांच गुना बढ़े ऑर्डर
Amazon India में किताबों की कैटेगरी लीडर राशि बहादुर के अनुसार, फिल्म रिलीज होने के बाद केवल एक सप्ताह के भीतर प्रिंट एडिशन के ऑर्डर लगभग पांच गुना बढ़ गए।
सबसे ज्यादा मांग पेपरबैक एडिशन की रही, क्योंकि यह किफायती होने के साथ नए पाठकों के लिए आसान विकल्प माना जा रहा है।
बुकस्टोर्स में तीन गुना तक बढ़ी बिक्री
क्रॉसवर्ड बुकस्टोर्स के CEO आकाश गुप्ता ने बताया कि फिल्म रिलीज होने के बाद केवल दो सप्ताह में ‘द ओडिसी’ की बिक्री तीन गुना तक बढ़ चुकी है।
वहीं, बेंगलुरु के ब्लॉसम बुक हाउस के मायी गौड़ा का कहना है कि दिसंबर 2024 में नोलन द्वारा फिल्म की घोषणा के बाद से ही इस किताब की मांग लगातार बढ़ रही थी।
उनका मानना है कि फिल्म ने पहले से तैयार हो रहे ट्रेंड को और मजबूत कर दिया।
Gen Z में क्लासिक साहित्य पढ़ने का नया ट्रेंड
प्रकाशकों और बुकस्टोर संचालकों का कहना है कि इस उछाल की सबसे बड़ी वजह Gen Z है।
टीनएज और 20 वर्ष की उम्र के युवा अब केवल आधुनिक उपन्यास ही नहीं, बल्कि क्लासिक साहित्य भी पढ़ना चाहते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार पिछले दो वर्षों से भारत में युवाओं के बीच क्लासिक किताबों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही थी और नोलन की फिल्म ने इसे नई रफ्तार दे दी।
सबसे ज्यादा बिक रहे हैं किफायती पेपरबैक
पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के सेल्स वाइस प्रेसिडेंट समीर महाले ने बताया कि कंपनी के ₹499 वाले ‘ब्लैक क्लासिक्स’ एडिशन की बिक्री में लगभग 10 गुना की बढ़ोतरी हुई है।
मुंबई के प्रसिद्ध बुकस्टोर किताबखाना के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर जगत टेकाटे ने भी बताया कि उनके यहां सबसे अधिक बिक्री इसी एडिशन की हुई है।
इसके अलावा,
- ₹1,000 से ₹2,000 तक के अकादमिक अनुवाद भी तेजी से बिक रहे हैं।
- रॉबर्ट फैगल्स का अनुवाद कलेक्टर्स के बीच लोकप्रिय है।
- एमिली विल्सन के अनुवाद की मांग इतनी बढ़ गई कि कई स्टोर्स में इसका स्टॉक खत्म हो गया।
- स्टीफन फ्राई द्वारा सरल भाषा में लिखा गया संस्करण भी युवाओं को खूब पसंद आ रहा है।
सिर्फ ‘द ओडिसी’ नहीं, दूसरी किताबों की भी बढ़ी मांग
बुकस्टोर्स का कहना है कि जो ग्राहक ‘द ओडिसी’ खरीदने आते हैं, वे अक्सर ग्रीक मिथकों और क्लासिक साहित्य से जुड़ी दूसरी किताबें भी खरीद रहे हैं।
सबसे ज्यादा मांग इन पुस्तकों की देखी जा रही है—
- इलियड (The Iliad)
- Circe
- The Song of Achilles
- ग्रीक माइथोलॉजी कलेक्शन
- Percy Jackson सीरीज से जुड़ी किताबें
आकाश गुप्ता का कहना है कि जब 10 साल का बच्चा Percy Jackson पढ़ने के बाद ग्रीक मिथकों के बारे में सवाल पूछता है, तो वह केवल एक किताब नहीं, बल्कि जीवनभर पढ़ने वाला पाठक बन सकता है।
फिल्मों से किताबों की बिक्री को मिल रहा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि किताबों पर आधारित फिल्मों और वेब सीरीज का असर अब स्पष्ट दिखाई देने लगा है।
इस साल Project Hail Mary, Dune और अब The Odyssey जैसी फिल्मों ने संबंधित पुस्तकों की बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज कराई है।
बुकस्टोर मालिकों का कहना है कि Project Hail Mary अभी भी बिक्री के मामले में आगे है, लेकिन ‘द ओडिसी’ के विभिन्न संस्करणों की मांग भी लगभग उसी स्तर तक पहुंच चुकी है।
क्या कहता है यह ट्रेंड?
डिजिटल दौर में जहां यह माना जाता है कि युवा किताबों से दूर हो रहे हैं, वहीं ‘द ओडिसी’ की बढ़ती बिक्री एक अलग तस्वीर पेश करती है। यह साबित करता है कि यदि किसी क्लासिक कहानी को आधुनिक अंदाज में पेश किया जाए, तो नई पीढ़ी उसे अपनाने के लिए तैयार रहती है।
क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म ने केवल एक महाकाव्य को बड़े पर्दे पर जीवंत नहीं किया, बल्कि हजारों युवाओं को फिर से किताबों की दुनिया से जोड़ने का काम भी किया है। आने वाले समय में यह ट्रेंड भारतीय पुस्तक बाजार और प्रकाशन उद्योग के लिए नई संभावनाएं लेकर आ सकता है।


