L&T ने ओमान की Petroleum Development Oman (PDO) के साथ 6 साल का EPC Framework Agreement साइन किया है। जानिए इस डील का कंपनी, मिडिल ईस्ट एनर्जी मार्केट और निवेशकों पर क्या असर पड़ेगा।
L&T Oman Deal: मिडिल ईस्ट के ऑयल-गैस सेक्टर में L&T की बड़ी एंट्री
भारत की दिग्गज इंफ्रास्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने खाड़ी क्षेत्र में अपनी मौजूदगी और मजबूत करते हुए ओमान की प्रमुख तेल एवं गैस कंपनी Petroleum Development Oman (PDO) के साथ 6 साल का इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) फ्रेमवर्क एग्रीमेंट साइन किया है।
यह समझौता L&T के लिए सिर्फ एक नया कॉन्ट्रैक्ट नहीं, बल्कि मिडिल ईस्ट के तेजी से बढ़ते ऊर्जा बाजार में अपनी दीर्घकालिक रणनीति को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
चार कंपनियों में L&T को मिली जगह
इस फ्रेमवर्क एग्रीमेंट के तहत L&T उन चार वैश्विक कॉन्ट्रैक्टर्स में शामिल है जिन्हें आने वाले छह वर्षों के दौरान PDO द्वारा शुरू किए जाने वाले Front-End Engineering Design (FEED) और EPC प्रोजेक्ट्स के लिए चुना गया है।
इसका मतलब है कि भविष्य में PDO जिन बड़े ऑयल और गैस प्रोजेक्ट्स को शुरू करेगा, उनमें L&T को भी काम मिलने की मजबूत संभावना रहेगी।
इंजीनियरिंग विशेषज्ञता का मिलेगा फायदा
L&T अपने व्यापक इंजीनियरिंग अनुभव, अत्याधुनिक तकनीकी विशेषज्ञता और वैश्विक स्तर पर बड़े ऊर्जा प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की क्षमता का उपयोग करते हुए PDO की परियोजनाओं को समयबद्ध और सुरक्षित तरीके से पूरा करेगी।
कंपनी लंबे समय से रिफाइनरी, गैस प्रोसेसिंग प्लांट, पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स और LNG टर्मिनल जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करती रही है।
ओमान में स्थानीय विकास और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
इस समझौते की एक खास बात यह भी है कि L&T ने ओमान सरकार की In-Country Value (ICV) नीति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
इसके तहत कंपनी—
- स्थानीय सप्लायर्स को प्राथमिकता देगी।
- स्थानीय सब-कॉन्ट्रैक्टर्स के साथ काम करेगी।
- ओमान के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाएगी।
- स्थानीय उद्योग और अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में योगदान करेगी।
इस पहल से ओमान के घरेलू व्यवसायों और कुशल कार्यबल को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।
L&T ने क्या कहा?
L&T Energy Hydrocarbon Onshore के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एवं हेड ई.एस. सत्यनारायणन ने कहा कि यह समझौता PDO के साथ कंपनी के लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि कंपनी सुरक्षित, नवाचार आधारित और टिकाऊ समाधान उपलब्ध कराते हुए ओमान के ऊर्जा क्षेत्र और आर्थिक विकास में दीर्घकालिक योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
दुनिया की बड़ी EPC कंपनियों में शामिल है L&T
करीब 32 अरब डॉलर के वार्षिक टर्नओवर वाली L&T दुनिया की प्रमुख इंजीनियरिंग एवं निर्माण कंपनियों में गिनी जाती है।
कंपनी ने दुनिया के कई देशों में—
- ऑयल रिफाइनरी
- पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स
- गैस प्रोसेसिंग प्लांट
- LNG टर्मिनल
- ऑफशोर एवं ऑनशोर ऊर्जा परियोजनाएं
सफलतापूर्वक विकसित की हैं।
ओमान के साथ हुआ यह नया समझौता कंपनी के अंतरराष्ट्रीय पोर्टफोलियो को और मजबूत करेगा।
निवेशकों के लिए क्यों अहम है यह डील?
ऊर्जा क्षेत्र में लंबे समय के फ्रेमवर्क एग्रीमेंट आमतौर पर कंपनियों के लिए लगातार नए ऑर्डर मिलने का आधार बनते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के समझौते से—
- भविष्य में बड़े EPC ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ती है।
- अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर बुक मजबूत होती है।
- मिडिल ईस्ट में कंपनी की प्रतिस्पर्धी स्थिति बेहतर होती है।
- लंबी अवधि में राजस्व और कारोबार को समर्थन मिल सकता है।
L&T शेयर पर नजर
शुक्रवार को L&T का शेयर लगभग ₹3,937 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹5.42 लाख करोड़ है, जिससे यह भारत की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर एवं इंजीनियरिंग कंपनियों में शामिल है।
निष्कर्ष
ओमान की Petroleum Development Oman के साथ हुआ छह साल का फ्रेमवर्क एग्रीमेंट L&T के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह डील न केवल कंपनी की मिडिल ईस्ट में मौजूदगी को मजबूत करेगी, बल्कि आने वाले वर्षों में बड़े ऑयल और गैस EPC प्रोजेक्ट्स हासिल करने के अवसर भी बढ़ाएगी। साथ ही, ओमान में स्थानीय उद्योग, रोजगार और आर्थिक विकास को भी इससे महत्वपूर्ण समर्थन मिलने की उम्मीद है।


