Bajaj Finance Q1 Results: देश की प्रमुख नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) बजाज फाइनेंस ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के शानदार नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 27% बढ़कर 5,985.75 करोड़ रुपये पहुंच गया। मजबूत लोन ग्रोथ, बढ़ती ब्याज आय और एसेट क्वालिटी में सुधार की वजह से कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 20% बढ़कर 23,165.45 करोड़ रुपये हो गया। नतीजों के बाद शेयर बाजार में भी बजाज फाइनेंस का शेयर हरे निशान में बंद हुआ।
27% बढ़ा कंपनी का मुनाफा
शेयर बाजार को दी गई जानकारी के मुताबिक, जून 2026 तिमाही में बजाज फाइनेंस का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 5,985.75 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी ने 4,699.61 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। यानी कंपनी के मुनाफे में करीब 27% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई।
यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि कंपनी की लोन बुक लगातार मजबूत हो रही है और ग्राहकों की मांग भी बेहतर बनी हुई है।
रेवेन्यू में 20% का इजाफा
बजाज फाइनेंस का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू भी मजबूत रहा। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 23,165.45 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह 19,372.67 करोड़ रुपये था। इस तरह कंपनी के रेवेन्यू में करीब 20% की वृद्धि दर्ज की गई।
खर्च भी बढ़ा
बेहतर कारोबार के साथ कंपनी के खर्चों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली।
- जून 2026 तिमाही में कुल खर्च: 15,022.53 करोड़ रुपये
- जून 2025 तिमाही में कुल खर्च: 13,009.59 करोड़ रुपये
हालांकि खर्च बढ़ने के बावजूद कंपनी ने मजबूत मुनाफा दर्ज किया, जो उसके बिजनेस मॉडल की मजबूती को दर्शाता है।
AUM पहली बार ₹4 लाख करोड़ के पार
बजाज फाइनेंस की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक Assets Under Management (AUM) का रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचना रहा।
| विवरण | जून 2026 | जून 2025 | बदलाव |
|---|---|---|---|
| AUM | ₹4,00,389 करोड़ | ₹3,25,438 करोड़ | +23% |
AUM का 4 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचना कंपनी के तेजी से बढ़ते लोन पोर्टफोलियो को दर्शाता है।
नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 24% की बढ़ोतरी
कंपनी की शुद्ध ब्याज आय (Net Interest Income – NII) भी मजबूत रही।
- जून 2026: 11,495 करोड़ रुपये
- जून 2025: 9,270 करोड़ रुपये
यानी NII में 24% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई।
एसेट क्वालिटी में सुधार
बजाज फाइनेंस की एसेट क्वालिटी भी पहले से बेहतर हुई है।
| NPA | जून 2026 | जून 2025 |
|---|---|---|
| ग्रॉस NPA | 1.20% | 1.28% |
| नेट NPA | 0.49% | 0.63% |
ग्रॉस और नेट NPA दोनों में गिरावट इस बात का संकेत है कि कंपनी की रिकवरी बेहतर हुई है और खराब ऋणों पर नियंत्रण मजबूत बना हुआ है।
प्रमोटर्स की हिस्सेदारी
जून 2026 तिमाही के अंत तक कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 54.67% रही। इससे स्पष्ट है कि प्रमोटर समूह का कंपनी में मजबूत विश्वास बरकरार है।
शेयर का प्रदर्शन
तिमाही नतीजों के दिन 30 जुलाई 2026 को बजाज फाइनेंस का शेयर BSE पर 0.18% की बढ़त के साथ 1,056.05 रुपये पर बंद हुआ।
- दिन का हाई: ₹1,067.05
- दिन का लो: ₹1,035.50
- मार्केट कैप: ₹6.57 लाख करोड़ से अधिक
- फेस वैल्यू: ₹1
- पिछले 3 महीनों का रिटर्न: लगभग 13%
विश्लेषकों का मानना है कि मजबूत AUM ग्रोथ, बेहतर NPA और लगातार बढ़ती ब्याज आय कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?
बजाज फाइनेंस ने एक बार फिर मजबूत तिमाही नतीजे पेश किए हैं। मुनाफे, रेवेन्यू, AUM और NII में दोहरे अंकों की वृद्धि के साथ-साथ NPA में कमी यह दिखाती है कि कंपनी का लोन बिजनेस मजबूत गति से आगे बढ़ रहा है। यदि आने वाली तिमाहियों में यही प्रदर्शन जारी रहता है तो निवेशकों की नजर इस शेयर पर बनी रह सकती है। हालांकि किसी भी निवेश का फैसला करने से पहले अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें। NewsJagran किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता।


