Anil Agarwal Daughter Priya Agarwal Hebbar: वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल की बेटी प्रिया अग्रवाल हेब्बर इन दिनों कंपनी की रणनीतिक जिम्मेदारियों में अहम भूमिका निभा रही हैं। भाई अग्निवेश अग्रवाल के निधन के बाद वह परिवार और कारोबार दोनों की बड़ी जिम्मेदारी संभाल रही हैं। हिंदुस्तान जिंक की चेयरपर्सन के रूप में वह भारत की सबसे बड़ी चांदी उत्पादक कंपनी का नेतृत्व भी कर रही हैं।
Highlights
- भाई अग्निवेश अग्रवाल के निधन के बाद परिवार और कारोबार की बड़ी जिम्मेदारी संभाली।
- हिंदुस्तान जिंक की चेयरपर्सन के तौर पर निभा रही हैं अहम भूमिका।
- ESG, ग्रीन माइनिंग और कर्मचारी कल्याण पर विशेष फोकस।
- अनुमानित संपत्ति करीब 17,000 करोड़ रुपये बताई जाती है।
- वेदांता समूह की अगली पीढ़ी के नेतृत्व का प्रमुख चेहरा मानी जाती हैं।
नई दिल्ली:
भारत के बड़े उद्योगपतियों में शामिल वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने खनन और प्राकृतिक संसाधनों के क्षेत्र में एक विशाल कारोबारी साम्राज्य खड़ा किया है। अब इस समूह की अगली पीढ़ी में उनकी बेटी प्रिया अग्रवाल हेब्बर सबसे प्रमुख चेहरा बनकर उभरी हैं। वह न केवल वेदांता लिमिटेड के बोर्ड में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रही हैं, बल्कि देश की सबसे बड़ी जिंक और चांदी उत्पादक कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (HZL) की चेयरपर्सन भी हैं।
हाल के वर्षों में कंपनी की रणनीति, टिकाऊ विकास (Sustainability) और पर्यावरण-अनुकूल खनन को लेकर उनके नेतृत्व की काफी चर्चा रही है।
भाई के निधन के बाद बढ़ी जिम्मेदारी
इस वर्ष जनवरी में अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल के निधन के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। ऐसे कठिन समय में प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने न केवल परिवार का संबल बनने का काम किया, बल्कि वेदांता समूह की विभिन्न रणनीतिक जिम्मेदारियों को भी मजबूती से संभाला।
व्यापार जगत में उन्हें नई पीढ़ी की ऐसी लीडर माना जा रहा है जो पारिवारिक विरासत को आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ा रही हैं।
वेदांता में क्या है प्रिया अग्रवाल की भूमिका?
प्रिया अग्रवाल हेब्बर वेदांता लिमिटेड में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। कंपनी में उनकी प्राथमिकता केवल वित्तीय प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि वह ESG (Environmental, Social & Governance) मानकों को मजबूत करने पर भी जोर देती हैं।
उनके नेतृत्व में कंपनी ने कई पहलें शुरू की हैं, जिनमें शामिल हैं—
- पर्यावरण-अनुकूल खनन तकनीकों को बढ़ावा।
- कार्बन उत्सर्जन कम करने की रणनीति।
- कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य संस्कृति।
- महिला नेतृत्व और विविधता को प्रोत्साहन।
- सामाजिक विकास और सामुदायिक परियोजनाओं पर निवेश।
हिंदुस्तान जिंक की चेयरपर्सन
प्रिया अग्रवाल हेब्बर हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन भी हैं। यह कंपनी भारत की सबसे बड़ी और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड जिंक उत्पादक कंपनियों में शामिल है।
इसके अलावा, हिंदुस्तान जिंक देश की सबसे बड़ी चांदी उत्पादक कंपनी भी है। कंपनी लगातार उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ ग्रीन एनर्जी और टिकाऊ खनन परियोजनाओं पर निवेश कर रही है।
करीब ₹2.26 लाख करोड़ के बाजार पूंजीकरण वाली यह कंपनी भारतीय धातु उद्योग की सबसे मूल्यवान कंपनियों में गिनी जाती है।
कर्मचारियों के लिए बदली कार्य संस्कृति
प्रिया अग्रवाल का मानना है कि किसी भी कंपनी की सबसे बड़ी ताकत उसके कर्मचारी होते हैं। इसी सोच के तहत उन्होंने वेदांता समूह में आधुनिक HR नीतियों, बेहतर कार्य संस्कृति, नेतृत्व विकास कार्यक्रमों और कर्मचारियों के कल्याण से जुड़ी कई पहल को बढ़ावा दिया है।
उनका फोकस केवल कारोबार बढ़ाने पर नहीं, बल्कि एक ऐसी कॉर्पोरेट संस्कृति बनाने पर है जिसमें कर्मचारी लंबे समय तक जुड़कर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
कितनी है प्रिया अग्रवाल की नेटवर्थ?
विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रिया अग्रवाल हेब्बर की अनुमानित संपत्ति करीब 17,000 करोड़ रुपये बताई जाती है। हालांकि, उनकी व्यक्तिगत नेटवर्थ को लेकर कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
उनकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा वेदांता समूह और उससे जुड़ी कंपनियों में हिस्सेदारी से जुड़ा माना जाता है।
क्या प्रिया अग्रवाल बनेंगी वेदांता की अगली वारिस?
भाई अग्निवेश अग्रवाल के निधन के बाद यह सवाल लगातार चर्चा में है कि वेदांता समूह की अगली पीढ़ी का नेतृत्व कौन करेगा। प्रिया अग्रवाल हेब्बर पहले से ही समूह की कई अहम कंपनियों में नेतृत्वकारी भूमिका निभा रही हैं। ऐसे में उद्योग जगत के कई विशेषज्ञ उन्हें वेदांता की भविष्य की प्रमुख नेतृत्वकर्ता के रूप में देखते हैं।
हालांकि, वेदांता समूह ने उत्तराधिकार (Succession Plan) को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है। इसलिए उन्हें आधिकारिक तौर पर “एकमात्र वारिस” या भविष्य की प्रमुख उत्तराधिकारी कहना अभी उचित नहीं होगा।


