30 जुलाई के कारोबार में भारतीय शेयर बाजार ने उतार-चढ़ाव के बावजूद मजबूती दिखाई। सेंसेक्स 273.55 अंक (0.35%) चढ़कर 77,928.15 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 66.95 अंक (0.28%) की बढ़त के साथ 24,317.15 पर बंद होने में सफल रहा। हालांकि बाजार की चौड़ाई (Market Breadth) कमजोर रही, जिससे संकेत मिलता है कि चुनिंदा बड़े शेयरों ने बाजार को सहारा दिया।
अब निवेशकों की नजर 31 जुलाई के ट्रेडिंग सेशन पर है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी के लिए 24,200 का स्तर बेहद अहम सपोर्ट रहेगा। यदि यह स्तर बरकरार रहता है तो बाजार में तेजी का सिलसिला जारी रह सकता है।
बाजार में क्या रहा आज का हाल?
गुरुवार को दिनभर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन अंतिम घंटों में खरीदारी बढ़ने से दोनों प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए।
मार्केट ब्रेथ
- बढ़ने वाले शेयर: 1,620
- गिरने वाले शेयर: 2,408
- बिना बदलाव वाले शेयर: 188
कमजोर मार्केट ब्रेथ यह दर्शाती है कि अधिकांश शेयर दबाव में रहे, जबकि कुछ बड़े शेयरों की मजबूती से इंडेक्स संभला रहा।
निफ्टी के टॉप गेनर्स और लूजर्स
सबसे ज्यादा बढ़ने वाले शेयर
- M&M
- आयशर मोटर्स
- मारुति सुजुकी
- कोल इंडिया
- टेक महिंद्रा
सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर
- अदाणी पोर्ट्स
- श्रीराम फाइनेंस
- HDFC लाइफ
- अल्ट्राटेक सीमेंट
- जियो फाइनेंशियल
सेक्टोरल प्रदर्शन
आज निफ्टी ऑटो इंडेक्स सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा, जिसमें करीब 1.6% की तेजी दर्ज की गई।
वहीं निफ्टी रियल्टी इंडेक्स करीब 2% की गिरावट के साथ सबसे कमजोर सेक्टर साबित हुआ।
ब्रॉडर मार्केट में भी दबाव देखने को मिला।
- निफ्टी मिडकैप इंडेक्स: 0.4% की गिरावट
- निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स: 0.6% की गिरावट
ग्लोबल संकेतों का बाजार पर असर
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करना बाजार की उम्मीदों के अनुरूप रहा, लेकिन महंगाई पर सख्त रुख बनाए रखने से निवेशकों में सतर्कता बनी रही।
उन्होंने कहा कि:
- अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी आई।
- भविष्य में ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे रहने की आशंका बनी हुई है।
- पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है।
हालांकि इन वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय बाजार को कुछ सकारात्मक घरेलू कारकों का सहारा मिला।
इनमें शामिल हैं:
- विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी
- रुपये की मजबूती
- जून तिमाही (Q1 FY27) के बेहतर कॉरपोरेट नतीजे
इन्हीं वजहों से गिरावट के दौरान निवेशकों ने चुनिंदा गुणवत्ता वाले शेयरों में खरीदारी की।
31 जुलाई के लिए निफ्टी पर क्या है एक्सपर्ट की राय?
कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान का कहना है कि बाजार ने पूरे कारोबारी सत्र में 20-डे सिंपल मूविंग एवरेज (20-DMA) के ऊपर कारोबार किया, जो तकनीकी रूप से सकारात्मक संकेत है।
उनके मुताबिक:
- डेली चार्ट पर बुलिश कैंडल बनी है।
- इंट्राडे चार्ट पर अपट्रेंड कायम है।
- इससे आगे भी तेजी जारी रहने की संभावना बढ़ी है।
निफ्टी के अहम स्तर
सपोर्ट: 24,200
रेजिस्टेंस: 24,450–24,500
यदि निफ्टी 24,200 के ऊपर बना रहता है, तो बाजार में नई खरीदारी देखने को मिल सकती है और इंडेक्स 24,500 की ओर बढ़ सकता है।
वहीं यदि यह स्तर टूटता है तो तेजी कमजोर पड़ सकती है और ट्रेडर्स को अपनी लॉन्ग पोजीशन पर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बैंक निफ्टी पर क्या है नजरिया?
LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी फिलहाल एक कंजेशन जोन में कारोबार कर रहा है।
तकनीकी चार्ट के अनुसार इंडेक्स अभी प्रमुख मूविंग एवरेज के बीच फंसा हुआ है।
बैंक निफ्टी के अहम स्तर
- सपोर्ट: 56,500 (50-DMA के पास)
- रेजिस्टेंस: 57,500 (200-DMA के पास)
उनका मानना है कि फिलहाल इंडेक्स में कुछ और समय तक कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है।
जब तक स्पष्ट ब्रेकआउट नहीं मिलता, तब तक:
- सपोर्ट के पास खरीदारी
- रेजिस्टेंस के पास मुनाफावसूली या सीमित शॉर्ट ट्रेड
की रणनीति बेहतर मानी जा सकती है।
31 जुलाई के लिए निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?
- निफ्टी का 24,200 का सपोर्ट
- बैंक निफ्टी का 56,500 स्तर
- FII और DII की खरीद-बिक्री
- वैश्विक बाजारों का रुख
- कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
- पहली तिमाही (Q1 FY27) के कॉरपोरेट नतीजे
निष्कर्ष
भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को सीमित दायरे में कारोबार करते हुए मजबूती दिखाई। तकनीकी संकेत फिलहाल सकारात्मक बने हुए हैं, लेकिन ग्लोबल अनिश्चितताओं के कारण उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। यदि निफ्टी 24,200 के ऊपर टिकता है तो 24,450-24,500 तक तेजी की संभावना बनी रहेगी। वहीं बैंक निफ्टी में फिलहाल रेंज-बाउंड कारोबार की उम्मीद है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश का कोई भी निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


