Asian Market: गुरुवार, 27 अगस्त को एशियाई शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिली। Nvidia की उम्मीद से बेहतर कमाई और मजबूत बिक्री अनुमान के बाद निवेशकों का भरोसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों और टेक्नोलॉजी शेयरों पर बढ़ा है। बाजार में यह उम्मीद मजबूत हुई है कि AI से जुड़ी निवेश और ग्रोथ की कहानी आगे भी जारी रह सकती है।
शुरुआती कारोबार में MSCI Asia-Pacific इंडेक्स 0.6% ऊपर था। दक्षिण कोरिया का Kospi इस तेजी का प्रमुख केंद्र रहा और इसमें 2.22% की बढ़त दर्ज की गई। AI चिप्स और टेक्नोलॉजी कंपनियों में मजबूत निवेश के कारण Kospi को ग्लोबल AI ट्रेड का अहम संकेतक माना जाता है।
वहीं, जापान के Nikkei 225 में 0.41% और व्यापक Topix इंडेक्स में 0.32% की तेजी रही। हालांकि, Hang Seng Futures में करीब 0.2% की गिरावट देखने को मिली।
Nvidia की कमाई ने बढ़ाया बाजार का भरोसा
एशियाई बाजारों की तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिकी चिप कंपनी Nvidia के मजबूत तिमाही नतीजे रहे। कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल दोगुने से अधिक बढ़कर 96.22 अरब डॉलर पहुंच गया। यह एनालिस्ट्स के 92.17 अरब डॉलर के अनुमान से काफी ज्यादा रहा।
Nvidia ने प्रति शेयर 2.22 डॉलर की कमाई (EPS) दर्ज की, जबकि बाजार का अनुमान करीब 2.10 डॉलर था। कंपनी के बेहतर नतीजों से यह संकेत मिला कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस्ड चिप्स की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की तीसरी तिमाही के लिए करीब 108 अरब डॉलर के रेवेन्यू का अनुमान दिया है। इसमें दोनों तरफ करीब 2% का संभावित अंतर बताया गया है।
वित्त वर्ष 2028 को लेकर भी Nvidia का आउटलुक मजबूत है। कंपनी को उम्मीद है कि रेवेन्यू में करीब 70% की वृद्धि हो सकती है। अर्निंग्स कॉल के दौरान CFO Colette Kress ने भी ग्राहकों की मजबूत मांग और ग्रोथ की संभावनाओं की ओर संकेत किया।
Kospi में 2% से ज्यादा की छलांग
दक्षिण कोरिया का Kospi इंडेक्स गुरुवार के कारोबार में 2.22% चढ़ा। AI से जुड़े सेमीकंडक्टर और टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी ने इस इंडेक्स को सपोर्ट दिया।
दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार में बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों का महत्वपूर्ण योगदान है। इसलिए Nvidia के मजबूत नतीजों का असर वहां के चिप और इलेक्ट्रॉनिक्स शेयरों पर भी दिखाई दिया।
जापान में भी निवेशकों का सेंटीमेंट सकारात्मक रहा। Nikkei 225 में 0.41% और Topix में 0.32% की बढ़त दर्ज की गई।
वॉल स्ट्रीट में भी टेक शेयरों का दबदबा
बुधवार रात अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स में भी तेजी रही। निवेशकों ने Nvidia समेत बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के तिमाही नतीजों का आकलन किया।
Dow Jones Industrial Average Futures में 242 अंक यानी करीब 0.5% की तेजी रही। S&P 500 Futures 0.6% ऊपर रहा, जबकि Nasdaq 100 Futures में करीब 1.07% की बढ़त दर्ज की गई।
हालांकि, बुधवार के रेगुलर कारोबार में अमेरिका के तीनों प्रमुख शेयर इंडेक्स लगभग सपाट बंद हुए थे। अब निवेशकों की नजर कमाई के बाकी नतीजों के साथ-साथ अमेरिकी फेडरल रिजर्व के Jackson Hole Symposium पर है।
Jackson Hole पर टिकी निवेशकों की नजर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व का सालाना Jackson Hole Symposium गुरुवार से शुरू हो रहा है। निवेशक इस बैठक में फेड अधिकारियों के बयानों से ब्याज दरों की अगली दिशा के संकेत तलाशेंगे।
महंगाई अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। ऐसे में बाजार यह जानने की कोशिश कर रहा है कि फेड आगे ब्याज दरों में कटौती करेगा या महंगाई को देखते हुए दरों को ऊंचा बनाए रखेगा।
ब्याज दरों का रुख टेक शेयरों के साथ-साथ सोना, डॉलर और बॉन्ड यील्ड के लिए भी महत्वपूर्ण है।
US-ईरान तनाव और Strait of Hormuz पर नजर
मध्य पूर्व में चल रहे घटनाक्रम का असर भी ग्लोबल बाजारों पर बना हुआ है। ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, ईरान और ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य के नियंत्रण से जुड़े समझौते की डिटेल्स को अंतिम रूप देने के करीब हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। संघर्ष के कारण इस रास्ते से तेल की आवाजाही प्रभावित हुई है। शिप-ट्रैकिंग आंकड़ों के अनुसार, तनाव बढ़ने के बाद यहां से तेल का प्रवाह संघर्ष से पहले के स्तर के मुकाबले काफी नीचे चला गया।
अगर इस समुद्री मार्ग पर स्थिति सामान्य होती है तो वैश्विक तेल आपूर्ति को राहत मिल सकती है। इसी उम्मीद का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है।
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट
गुरुवार को भी कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी रही। बाजार में यह उम्मीद बढ़ी कि ईरान और क्षेत्रीय देशों के बीच बातचीत से होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से सामान्य रूप से खुल सकता है और सप्लाई से जुड़ी चिंताएं कम हो सकती हैं।
ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स करीब 0.7% गिरकर 87.24 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। यह लगातार चौथे कारोबारी सत्र की गिरावट है।
वहीं, WTI क्रूड फ्यूचर्स 0.7% की गिरावट के साथ 81.67 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। WTI में यह लगातार पांचवें सत्र की गिरावट है।
तेल की कीमतों में गिरावट से भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों को फायदा हो सकता है। हालांकि, मध्य पूर्व की स्थिति और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ा कोई भी नया घटनाक्रम कीमतों की दिशा बदल सकता है।
सोने की कीमतों में हल्की तेजी
दूसरी ओर, सोने की कीमतों में गुरुवार को मामूली सुधार देखने को मिला। निवेशक Jackson Hole Symposium से पहले अमेरिकी फेड के रुख का आकलन कर रहे हैं।
स्पॉट गोल्ड करीब 0.5% बढ़कर 4,615.27 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स करीब 0.4% की बढ़त के साथ 4,669.50 डॉलर प्रति औंस रहा।
हालांकि, इससे पहले सोने में 1.4% की गिरावट आई थी। अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों ने बाजार में यह चिंता बढ़ाई कि फेड ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है।
ऊंची ब्याज दरें आम तौर पर सोने जैसी ऐसी संपत्तियों के लिए चुनौती होती हैं, जिनसे नियमित ब्याज या आय नहीं मिलती। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर में भी मजबूत तेजी देखने को मिली और बॉन्ड यील्ड बढ़ी, जिससे सोने पर दबाव बना।
आगे क्या देखेंगे निवेशक?
फिलहाल ग्लोबल बाजारों में तीन प्रमुख फैक्टर सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं—AI कंपनियों की कमाई, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति और मध्य पूर्व में तेल सप्लाई की स्थिति।
Nvidia के मजबूत नतीजों ने AI से जुड़े शेयरों में निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। अगर दूसरी बड़ी टेक कंपनियों के नतीजे भी मजबूत रहते हैं तो AI रैली को आगे सहारा मिल सकता है।
दूसरी ओर, Jackson Hole से फेड की ब्याज दर नीति को लेकर मिलने वाले संकेत डॉलर, बॉन्ड और सोने के साथ-साथ शेयर बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ा घटनाक्रम कच्चे तेल की कीमतों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
इस तरह गुरुवार का कारोबार एशियाई बाजारों के लिए सकारात्मक रहा, लेकिन आगे की दिशा तय करने में अमेरिकी मौद्रिक नीति और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम की अहम भूमिका रहेगी।
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