Annu Projects IPO Listing: टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर, सीवरेज और गैस पाइपलाइन के लिए EPC सेवाएं देने वाली अन्नू प्रोजेक्ट्स के शेयरों ने बुधवार को घरेलू शेयर बाजार में कमजोर शुरुआत की। ₹99 के इश्यू प्राइस के मुकाबले कंपनी का शेयर BSE पर ₹75 और NSE पर ₹72 पर लिस्ट हुआ। यानी IPO निवेशकों को लिस्टिंग के साथ ही करीब 24-27% का नुकसान उठाना पड़ा।
हालांकि, लिस्टिंग के बाद शेयर में खरीदारी देखने को मिली और NSE पर अन्नू प्रोजेक्ट्स का शेयर बढ़कर ₹75.60 के अपर सर्किट तक पहुंच गया। इसके बावजूद IPO प्राइस के मुकाबले निवेशक अभी भी करीब 23.64% नुकसान में हैं।
अन्नू प्रोजेक्ट्स IPO ऐसे समय में लिस्ट हुआ है जब शेयर बाजार में भी दबाव देखने को मिल रहा है। बुधवार के शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 800 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 23,800 के स्तर से नीचे फिसल गया।
₹99 के IPO प्राइस के मुकाबले कितना नुकसान?
अन्नू प्रोजेक्ट्स ने IPO के तहत शेयरों का इश्यू प्राइस ₹99 प्रति शेयर तय किया था। लेकिन लिस्टिंग के समय BSE पर शेयर ₹75 और NSE पर ₹72 पर खुला।
इस हिसाब से:
- IPO इश्यू प्राइस: ₹99
- BSE लिस्टिंग प्राइस: ₹75
- NSE लिस्टिंग प्राइस: ₹72
- NSE अपर सर्किट: ₹75.60
- ₹99 के मुकाबले ₹75.60 पर नुकसान: करीब 23.64%
यानी जिन निवेशकों को IPO में ₹99 प्रति शेयर के भाव पर शेयर मिले, उन्हें लिस्टिंग के बाद भी अपने निवेश पर नुकसान झेलना पड़ रहा है।
Annu Projects IPO को मिला था करीब 3 गुना सब्सक्रिप्शन
अन्नू प्रोजेक्ट्स का ₹175 करोड़ का IPO 25 अगस्त से 28 अगस्त 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इश्यू को निवेशकों की ओर से ठीक-ठाक प्रतिक्रिया मिली और यह कुल मिलाकर 2.93 गुना सब्सक्राइब हुआ।
कैटेगरी के हिसाब से देखें तो:
- QIB हिस्सा: 1.72 गुना
- NII हिस्सा: 3.55 गुना
- रिटेल निवेशक हिस्सा: 2.68 गुना
इसके बावजूद शेयर की लिस्टिंग इश्यू प्राइस से काफी नीचे हुई। इससे साफ है कि IPO का सब्सक्रिप्शन मजबूत होने के बावजूद लिस्टिंग के समय बाजार की धारणा और मौजूदा मार्केट सेंटीमेंट का शेयर पर असर पड़ा।
IPO से जुटाए पैसों का क्या करेगी कंपनी?
अन्नू प्रोजेक्ट्स के IPO में पूरी तरह फ्रेश इश्यू शामिल था। कंपनी ने ₹10 फेस वैल्यू वाले कुल 1,76,83,000 नए शेयर जारी किए हैं।
IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी अलग-अलग कारोबारी जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी। इसका बड़ा हिस्सा वर्किंग कैपिटल में लगाया जाएगा।
| इस्तेमाल | रकम |
|---|---|
| मशीनरी और इक्विपमेंट्स की खरीद | ₹15.41 करोड़ |
| वर्किंग कैपिटल | ₹115 करोड़ |
| सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्य | ₹24.16 करोड़ |
| IPO से जुड़े खर्च | ₹20.49 करोड़ |
इसमें सबसे बड़ा हिस्सा ₹115 करोड़ वर्किंग कैपिटल के लिए निर्धारित किया गया है। EPC कारोबार में प्रोजेक्ट पूरा करने के दौरान फंड की जरूरत अधिक होती है, इसलिए कंपनी के लिए यह राशि कारोबारी गतिविधियों को सपोर्ट करने में अहम हो सकती है।
क्या करती है Annu Projects?
अन्नू प्रोजेक्ट्स एक EPC यानी Engineering, Procurement and Construction कंपनी है। कंपनी मुख्य रूप से टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर, सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर और गैस पाइपलाइन से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करती है।
जून 2026 तक कंपनी के पास करीब ₹1,959.35 करोड़ के 23 प्रोजेक्ट्स चल रहे थे। इनमें:
- 4 टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स
- 14 सीवरेज प्रोजेक्ट्स
- 4 गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट्स
- 1 रेलवे सिग्नलिंग प्रोजेक्ट
शामिल हैं।
कंपनी का यह प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो बताता है कि इसका कारोबार कई इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट में फैला हुआ है।
Annu Projects की वित्तीय स्थिति कैसी है?
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में भी पिछले कुछ वर्षों में सुधार देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2024 से वित्त वर्ष 2026 के बीच कंपनी का शुद्ध मुनाफा करीब 38% CAGR की दर से बढ़कर ₹33.03 करोड़ हो गया।
इसी अवधि में कंपनी की कुल आय 25% से अधिक CAGR की दर से बढ़कर ₹244.59 करोड़ पहुंच गई।
मार्च 2026 के अंत में कंपनी पर कुल कर्ज करीब ₹52.54 करोड़ था। वहीं, कंपनी के रिजर्व और सरप्लस करीब ₹107.45 करोड़ थे।
यानी कंपनी की आय और मुनाफे में बढ़ोतरी के साथ-साथ उसकी बैलेंस शीट पर भी नजर रखना जरूरी होगा, खासकर तब जब IPO से जुटाई गई बड़ी रकम वर्किंग कैपिटल में इस्तेमाल की जानी है।
IPO निवेशकों के लिए क्या संकेत?
अन्नू प्रोजेक्ट्स की कमजोर लिस्टिंग उन निवेशकों के लिए बड़ा झटका है, जिन्होंने ₹99 के इश्यू प्राइस पर शेयर हासिल किए थे। हालांकि, लिस्टिंग के बाद अपर सर्किट लगना यह दिखाता है कि निचले स्तरों पर शेयर में खरीदारी देखने को मिली।
फिर भी, केवल लिस्टिंग के बाद की तेजी को देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं होगा। कंपनी के ऑर्डर बुक, प्रोजेक्ट्स के निष्पादन, मार्जिन, कर्ज, कैश फ्लो और भविष्य की कमाई जैसे पहलुओं पर नजर रखना जरूरी है।
खासकर EPC कंपनियों में प्रोजेक्ट पूरा होने की गति और वर्किंग कैपिटल की जरूरत कारोबार के प्रदर्शन पर महत्वपूर्ण असर डाल सकती है।
Disclaimer
यह लेख केवल जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर या IPO में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़ों और जोखिमों का स्वतंत्र रूप से अध्ययन करें और जरूरत पड़ने पर अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी निवेश की गारंटी या व्यक्तिगत निवेश सलाह नहीं देता है।


