Aaj Ka Mausam: देश के कई हिस्सों में मानसून अभी भी सक्रिय है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 सितंबर के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है। वहीं दिल्ली, बिहार, पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट है।
मौसम विभाग ने बारिश के साथ आकाशीय बिजली, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। समुद्री इलाकों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण रहने की संभावना है, जहां 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं।
यूपी, उत्तराखंड समेत इन राज्यों में बहुत भारी बारिश

IMD के अनुसार 2 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
इन इलाकों में बारिश के दौरान गरज-चमक और आकाशीय बिजली की घटनाएं भी हो सकती हैं। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर भूस्खलन जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
उत्तर प्रदेश के लिए खास तौर पर मौसम पर नजर रखना जरूरी है, क्योंकि राज्य के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में बारिश की तीव्रता अलग-अलग रह सकती है।
दिल्ली, बिहार, पंजाब और हरियाणा में भी बारिश का अलर्ट
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में 2 सितंबर को मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। IMD ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, विदर्भ, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी तेज बारिश हो सकती है।
बारिश के कारण दिल्ली-एनसीआर सहित कई शहरों में सड़क यातायात प्रभावित होने, निचले इलाकों में पानी जमा होने और विजिबिलिटी कम होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी मूसलाधार बारिश का अनुमान
पूर्वोत्तर भारत में भी मानसून का असर मजबूत रहने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
पहाड़ी और ढलान वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को लगातार बारिश के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी होने वाली चेतावनियों और यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करना जरूरी रहेगा।
आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को लेकर भी अलर्ट
IMD ने बारिश के अलावा कई राज्यों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली को लेकर चेतावनी जारी की है।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, ओडिशा और रायलसीमा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। इनकी रफ्तार अधिकतम 60 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास पहुंचने की संभावना है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।
वहीं बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, आंतरिक कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान तथा जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मराठवाड़ा, विदर्भ और पूर्वोत्तर राज्यों में भी कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।
आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में सतही हवाएं
दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक में तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।
बारिश और तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों पर रहने, पेड़ों के नीचे खड़े होने और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचना बेहतर रहेगा।
समुद्री इलाकों में तूफानी हवाओं का खतरा
समुद्र में मौसम काफी खराब रहने की संभावना है। IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के पास तथा पश्चिम-मध्य अरब सागर के बड़े हिस्सों में तेज हवाएं चल सकती हैं।
इन क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है और झोंकों के साथ इसकी गति करीब 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। दक्षिण-पश्चिम तथा उत्तर और पूर्व-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्से भी प्रभावित हो सकते हैं।
बंगाल की खाड़ी में भी खराब मौसम
बंगाल की खाड़ी में दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी के कुछ हिस्सों और दक्षिण श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
इन इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और झोंकों के साथ इनकी गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
अंडमान सागर में भी 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह
समुद्री इलाकों में तेज हवाओं और खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को प्रभावित क्षेत्रों में समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को भी मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी पर नजर रखने की जरूरत है। समुद्र में ऊंची लहरों और तेज हवाओं की स्थिति में समुद्र के नजदीक जाने से बचना चाहिए।
2 सितंबर को किन राज्यों में ज्यादा असर?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 2 सितंबर को बारिश का असर कई राज्यों में देखने को मिल सकता है। खास तौर पर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।
इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, विदर्भ और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भी बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है।
ऐसे में लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने और तेज बारिश या आकाशीय बिजली के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।


