एयर ट्रैवल के दौरान ज्यादातर लोग फ्लाइट पकड़ने की जल्दी में सिक्योरिटी चेक के बाद सीधे बोर्डिंग गेट की ओर बढ़ जाते हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार यही वह समय होता है जब आपको अपनी कुछ जरूरी चीजों को साफ करना चाहिए। एयरपोर्ट की सिक्योरिटी ट्रे में रखे फोन, पासपोर्ट, लैपटॉप और दूसरे सामान पर मौजूद बैक्टीरिया और वायरस आपके हाथों और फिर शरीर तक पहुंच सकते हैं।
कई रिसर्च में सामने आया है कि एयरपोर्ट की सिक्योरिटी ट्रे जैसी हाई-टच सतहों पर कई तरह के माइक्रोऑर्गेनिज्म मौजूद हो सकते हैं। इसलिए सिक्योरिटी चेक पूरा होने के बाद सिर्फ हाथों को सैनिटाइज करना ही काफी नहीं है, बल्कि फोन, पासपोर्ट और अन्य जरूरी सामान को भी साफ करना एक अच्छी स्वास्थ्य आदत मानी जाती है।
सिक्योरिटी ट्रे क्यों हो सकती है संक्रमण का कारण?
एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी जांच के दौरान हर यात्री को अपना सामान प्लास्टिक की ट्रे में रखना पड़ता है। इसमें मोबाइल फोन, वॉलेट, पासपोर्ट, लैपटॉप, बेल्ट और बैग जैसी चीजें शामिल होती हैं।
ये ट्रे कुछ ही समय में कई यात्रियों के संपर्क में आती रहती हैं। इनमें किसी यात्री के जूते, बैग या दूसरी ऐसी चीजें भी रखी जा सकती हैं, जिन पर धूल, गंदगी या कीटाणु मौजूद हो सकते हैं। यही वजह है कि सिक्योरिटी ट्रे को एयरपोर्ट की सबसे ज्यादा छुई जाने वाली सतहों में गिना जाता है।
रिसर्च में क्या सामने आया?
फिनलैंड के हेलसिंकी-वंटा एयरपोर्ट पर की गई एक रिसर्च में एयरपोर्ट की कई सतहों की जांच की गई थी। इस अध्ययन में पाया गया कि सिक्योरिटी ट्रे पर कई अन्य सतहों की तुलना में ज्यादा वायरस मौजूद थे।
रिसर्च में राइनोवायरस (Rhinovirus) जैसे वायरस मिले, जो सामान्य सर्दी-जुकाम का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा इन्फ्लूएंजा जैसे रेस्पिरेटरी वायरस की मौजूदगी भी पाई गई। शोधकर्ताओं ने पाया कि कुछ मामलों में सिक्योरिटी ट्रे पर वायरस की मौजूदगी टॉयलेट की सतहों से भी ज्यादा थी।
फोन और पासपोर्ट को ज्यादा खतरा क्यों?
सिक्योरिटी चेक के दौरान आपका फोन, पासपोर्ट, बोर्डिंग पास और लैपटॉप सीधे ट्रे के संपर्क में आते हैं। इसके बाद लोग अक्सर इन्हें बिना साफ किए इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं।
मोबाइल फोन सबसे ज्यादा जोखिम वाली चीजों में से एक है क्योंकि इसे हम बार-बार हाथ लगाते हैं और कई बार चेहरे के पास भी ले जाते हैं। अगर फोन की सतह पर बैक्टीरिया या वायरस मौजूद हैं, तो वे हाथों के जरिए शरीर तक पहुंच सकते हैं।
इसी तरह पासपोर्ट और बोर्डिंग पास भी कई लोगों के हाथों से गुजरते हैं, इसलिए इन्हें भी साफ रखना जरूरी है।
सिर्फ हाथ सैनिटाइज करना काफी नहीं
आमतौर पर लोग सिक्योरिटी चेक के बाद सिर्फ हाथों पर सैनिटाइजर लगाते हैं। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार अगर फोन और दूसरी चीजें साफ नहीं की जातीं, तो हाथ दोबारा दूषित हो सकते हैं।
इन चीजों को समय-समय पर साफ करना चाहिए:
- मोबाइल फोन
- पासपोर्ट कवर
- लैपटॉप और टैबलेट
- ईयरबड्स
- स्मार्टवॉच
- बोर्डिंग पास होल्डर
सफाई के लिए डिसइंफेक्टेंट वाइप्स या इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए सुरक्षित क्लीनिंग सॉल्यूशन का इस्तेमाल किया जा सकता है।
एयरपोर्ट की ये जगहें भी होती हैं हाई-टच
सिक्योरिटी ट्रे के अलावा एयरपोर्ट पर कई ऐसी जगहें होती हैं जिन्हें हजारों लोग छूते हैं। इनमें शामिल हैं:
- सेल्फ चेक-इन कियोस्क
- एस्केलेटर और सीढ़ियों की रेलिंग
- ट्रॉली के हैंडल
- पेमेंट मशीन
- पासपोर्ट कंट्रोल काउंटर
- वेटिंग एरिया की सीटें और आर्मरेस्ट
इन जगहों को छूने के बाद बिना हाथ साफ किए आंख, नाक या मुंह छूने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
यात्रा के दौरान खुद को कैसे रखें सुरक्षित?
अगर आप अक्सर फ्लाइट से यात्रा करते हैं तो कुछ छोटी आदतें आपको संक्रमण से बचाने में मदद कर सकती हैं:
- बैग में हमेशा छोटा हैंड सैनिटाइजर रखें।
- सिक्योरिटी चेक के तुरंत बाद हाथ साफ करें।
- फोन और अन्य जरूरी सामान को भी डिसइंफेक्ट करें।
- बिना हाथ धोए चेहरे को छूने से बचें।
- जरूरत पड़ने पर डिसइंफेक्टेंट वाइप्स साथ रखें।
- यात्रा के दौरान पर्याप्त पानी पिएं और साफ-सफाई का ध्यान रखें।
छोटी सी सावधानी से यात्रा हो सकती है सुरक्षित
एयरपोर्ट जैसी जगहों पर रोजाना हजारों लोग एक ही सुविधाओं और सामान का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में यह पता लगाना मुश्किल होता है कि आपकी सिक्योरिटी ट्रे में आपसे पहले किसका सामान रखा गया था।
इसलिए सिक्योरिटी चेक के बाद कुछ सेकंड निकालकर हाथों के साथ-साथ अपने फोन, पासपोर्ट और दूसरी जरूरी चीजों को साफ करना एक आसान लेकिन प्रभावी आदत हो सकती है। यह न सिर्फ आपको बल्कि आपके साथ यात्रा कर रहे परिवार के सदस्यों को भी संक्रमण से बचाने में मदद कर सकती है।


