Artificial Intelligence को लेकर बढ़ती चिंता के बीच आई बड़ी स्पष्टता
भारत के टेक उद्योग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर चल रही आशंकाओं के बीच NASSCOM के नए चेयरमैन श्रीकांत वेलामकन्नी ने एक बड़ा और स्पष्ट बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि AI भारतीय IT सेक्टर के लिए खतरा नहीं बल्कि एक “ग्रोथ एक्सीलरेटर” साबित होगा। उनके अनुसार, आने वाले वर्षों में AI न केवल उद्योग की क्षमता को बढ़ाएगा बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक IT सेक्टर में हायरिंग स्लोडाउन, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और AI के बढ़ते प्रभाव को लेकर लगातार बहस चल रही है। खासकर भारतीय IT कंपनियों में भर्ती की गति धीमी हुई है, जिससे युवाओं में चिंता बढ़ी है।
लेकिन वेलामकन्नी का मानना है कि यह केवल एक ट्रांजिशन फेज है, न कि गिरावट का संकेत।
AI को लेकर डर नहीं, अवसर की तरह देखें: NASSCOM चेयरमैन
श्रीकांत वेलामकन्नी ने साफ कहा कि AI को खतरे के रूप में देखना गलत होगा। उन्होंने कहा कि यह टेक्नोलॉजी भारतीय IT इंडस्ट्री को पहले से कहीं अधिक कुशल और प्रतिस्पर्धी बनाएगी।
उन्होंने कहा कि AI के आने से काम करने की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार हो रहा है। पहले जो काम कई घंटों में होता था, वह अब मशीन लर्निंग और ऑटोमेशन के जरिए काफी कम समय में पूरा किया जा सकता है।
लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि नौकरियां खत्म हो जाएंगी। इसके उलट, जैसे-जैसे AI का उपयोग बढ़ेगा, नए प्रकार के कौशल और नई भूमिकाओं की मांग भी बढ़ेगी।
“टेक इंडस्ट्री का भविष्य बेहद उज्ज्वल है”
NASSCOM चेयरमैन ने अपने बयान में यह भी कहा कि भारतीय टेक इंडस्ट्री का भविष्य बेहद मजबूत और उज्ज्वल है। उन्होंने कहा कि AI के कारण आने वाले वर्षों में यह सेक्टर एक नए स्तर पर पहुंच जाएगा।
उनके अनुसार, टेक इंडस्ट्री में पहले से ही “परफॉर्मेंस इंप्रूवमेंट” देखा जा रहा है, और कंपनियां अब पहले से ज्यादा कुशल तरीके से काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि दुनिया भारतीय टेक इंडस्ट्री की वास्तविक क्षमता को समझे और इसे वैश्विक स्तर पर और अधिक मान्यता मिले।
IT सेक्टर में भर्ती क्यों धीमी हुई? असली वजह क्या है
हाल के वर्षों में TCS, Infosys और Wipro जैसी बड़ी IT कंपनियों में भर्ती की गति धीमी हुई है। इसका कारण केवल AI नहीं है, बल्कि कई फैक्टर हैं:
- ग्लोबल डिमांड में कमी
- प्रोजेक्ट्स की डिले डिलिवरी
- जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता
- और अब AI आधारित ऑटोमेशन
उदाहरण के तौर पर TCS ने हाल ही में अपनी hiring strategy में बदलाव करते हुए 25,000 फ्रेशर्स की योजना बनाई है, जो पहले के मुकाबले कम है।
लेकिन NASSCOM का कहना है कि यह अस्थायी स्थिति है और जैसे ही इंडस्ट्री स्थिर होगी, hiring फिर से बढ़ेगी।
AI से बनेगा मल्टी-ट्रिलियन डॉलर का अवसर
वेलामकन्नी ने अपने बयान में सबसे महत्वपूर्ण बात यह कही कि AI सिर्फ खर्च कम करने का टूल नहीं है, बल्कि यह एक “मल्टी-ट्रिलियन डॉलर अवसर” है।
उनके अनुसार:
- AI से काम तेज और सस्ता होगा
- लेकिन नए use-cases तेजी से बढ़ेंगे
- जिससे टेक की मांग कई गुना बढ़ जाएगी
उन्होंने इसे “1000x expansion with 10x compression” मॉडल बताया। इसका मतलब यह है कि कुछ काम कम होंगे, लेकिन नए काम उससे कई गुना ज्यादा पैदा होंगे।
AI और नौकरी: क्या सच में खतरा है?
यह सबसे बड़ा सवाल है जो आज हर IT प्रोफेशनल और स्टूडेंट के मन में है। क्या AI नौकरी छीन लेगा?
NASSCOM चेयरमैन के अनुसार इसका जवाब है — नहीं।
उनका कहना है कि AI:
- repetitive tasks को खत्म करेगा
- लेकिन high-skill jobs बढ़ाएगा
- और human-AI collaboration पर आधारित नए रोल बनाएगा
यानी भविष्य में “AI operators”, “AI trainers”, “AI system designers” जैसी नई नौकरियां तेजी से उभरेंगी।
भारत की टेक इंडस्ट्री 300 बिलियन डॉलर की ओर
NASSCOM के अनुसार भारतीय IT सेक्टर FY 2026 तक लगभग 300 बिलियन डॉलर के राजस्व तक पहुंचने की ओर अग्रसर है।
FY25 में यह आंकड़ा लगभग 282 बिलियन डॉलर था। इसका मतलब है कि इंडस्ट्री अभी भी लगातार ग्रोथ कर रही है, भले ही ग्रोथ रेट थोड़ा धीमा हो।
यह दिखाता है कि भारत अभी भी दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते टेक हब में से एक है।
जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता का असर
वेलामकन्नी ने यह भी स्वीकार किया कि दुनिया में चल रही जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता का असर IT सेक्टर पर पड़ रहा है।
उनके अनुसार, जब बाजार में अनिश्चितता होती है तो:
- कंपनियां निर्णय लेने में देरी करती हैं
- बड़े प्रोजेक्ट्स टाल दिए जाते हैं
- और निवेश धीमा हो जाता है
लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि इस स्थिति को बदला नहीं जा सकता, बल्कि इससे निपटने के लिए इंडस्ट्री को अधिक “resilient” बनाना होगा।
AI से बदल रहा है बिजनेस मॉडल
AI सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं बदल रहा, बल्कि पूरा बिजनेस मॉडल बदल रहा है।
अब कंपनियां:
- automation पर ज्यादा निर्भर हो रही हैं
- data-driven decisions ले रही हैं
- और human effort को optimize कर रही हैं
इससे productivity बढ़ रही है, लेकिन साथ ही कंपनियों को नए स्किल सेट की जरूरत भी पड़ रही है।
भारत के लिए AI क्यों महत्वपूर्ण है
भारत के लिए AI केवल एक टेक्नोलॉजी नहीं बल्कि एक आर्थिक अवसर है।
इसके प्रमुख फायदे:
- ग्लोबल कॉम्पिटिशन में बढ़त
- IT निर्यात में वृद्धि
- नए स्टार्टअप्स का विकास
- और लाखों नए रोजगार अवसर
भारत पहले से ही IT सेवाओं में वैश्विक लीडर है, और AI इस स्थिति को और मजबूत कर सकता है।
निष्कर्ष: AI खतरा नहीं, भविष्य का इंजन है
NASSCOM चेयरमैन का यह बयान भारतीय टेक इंडस्ट्री के लिए एक सकारात्मक संकेत है। उनके अनुसार AI को डर के रूप में नहीं बल्कि अवसर के रूप में देखना चाहिए।
AI आने वाले वर्षों में:
- नौकरियां खत्म नहीं करेगा
- बल्कि उन्हें transform करेगा
- और एक नए डिजिटल इकोसिस्टम का निर्माण करेगा
भारत की IT इंडस्ट्री पहले ही एक बड़े बदलाव के दौर में है, और AI इस बदलाव को और तेज करेगा।
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