Abhijeet Dipke: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने गुरुवार को देशव्यापी जन-संपर्क अभियान ‘क्या बोलती पब्लिक’ की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों से सीधे संवाद करना, उनकी समस्याओं को समझना और उन्हें राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बनाना है। अभियान की शुरुआत के साथ ही दिपके ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार को अपनी पहली प्राथमिकता बताया और स्कूलों, कॉलेजों व कोचिंग संस्थानों की बढ़ती फीस पर चिंता जताई।
नागरिकों से सीधे संवाद करेगा ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान
अभिजीत दिपके ने कहा कि यह अभियान देशभर में लोगों से सीधे मिलने और उनकी वास्तविक समस्याओं को समझने के लिए शुरू किया गया है। उनके मुताबिक, राजनीतिक दलों को जनता के बीच जाकर उनकी जरूरतों और चुनौतियों को सुनना चाहिए ताकि नीतियां जमीनी स्तर की जरूरतों के अनुरूप बनाई जा सकें।
उन्होंने कहा कि इस पहल के दौरान शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और अन्य जनहित के मुद्दों पर लोगों की राय ली जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार रहेगा पहली प्राथमिकता
अभियान की घोषणा के दौरान दिपके ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में लगातार बढ़ती लागत सबसे बड़ी चिंताओं में से एक है। उन्होंने दावा किया कि कई निजी स्कूलों में पहली कक्षा में प्रवेश के लिए ही सालाना फीस 1 लाख से 2 लाख रुपये तक पहुंच गई है। इसके अलावा कई संस्थानों में डोनेशन और अन्य शुल्क भी लिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि महंगी शिक्षा के कारण मध्यम वर्ग और कम आय वाले परिवारों के लिए अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।
बढ़ती फीस से परिवारों पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ
दिपके ने कहा कि स्कूलों के साथ-साथ कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों की फीस में भी लगातार वृद्धि हो रही है। उनका दावा है कि कई परिवार बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए कर्ज लेने को मजबूर हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि कोई माता-पिता अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाना चाहते हैं तो उन पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ना चाहिए। उनका मानना है कि शिक्षा ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जो हर वर्ग की पहुंच में हो, न कि केवल आर्थिक रूप से सक्षम लोगों तक सीमित रहे।
“शिक्षा व्यापार नहीं, अधिकार होनी चाहिए”
डॉ. भीमराव अंबेडकर का उल्लेख करते हुए अभिजीत दिपके ने कहा कि शिक्षा को एक मौलिक अधिकार के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा का क्षेत्र मुनाफा कमाने का माध्यम बनता जा रहा है।
दिपके ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य समाज को सशक्त बनाना होना चाहिए, न कि इसे केवल व्यवसाय के रूप में चलाया जाए। उनके अनुसार, शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए व्यापक नीति-स्तर पर बदलाव की आवश्यकता है।
अभियान के जरिए जनता से सुझाव जुटाने की तैयारी
दिपके ने बताया कि ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान के तहत विभिन्न राज्यों और शहरों में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और सुझावों को एकत्र किया जाएगा। उनका कहना है कि इन सुझावों के आधार पर पार्टी आगे की रणनीति और जनहित से जुड़े मुद्दों पर अपनी कार्ययोजना तैयार करेगी।


