Blue Star Q1 Results: कूलिंग और एयर कंडीशनिंग सॉल्यूशन बनाने वाली ब्लू स्टार लिमिटेड के जून 2026 तिमाही (Q1FY27) के नतीजों ने निवेशकों को निराश किया है। कंपनी का रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद मुनाफे की रफ्तार कमजोर रही और EBITDA व मार्जिन में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। नतीजों के बाद गुरुवार, 6 अगस्त को कंपनी का शेयर इंट्राडे कारोबार में करीब 6% तक टूट गया। बाजार की उम्मीदों से कमजोर प्रदर्शन और मार्जिन पर दबाव निवेशकों की चिंता का मुख्य कारण बना।
रेवेन्यू बढ़ा, लेकिन अनुमान से रहा कम
ब्लू स्टार ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही में ₹3,378 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 13.3% अधिक है। हालांकि यह प्रदर्शन बाजार के अनुमान से कमजोर रहा। CNBC-TV18 के पोल में कंपनी के रेवेन्यू का अनुमान ₹3,547 करोड़ लगाया गया था।
कंपनी ने बताया कि कई चुनौतियों के बावजूद बिक्री में वृद्धि हुई, लेकिन इन चुनौतियों का असर मुनाफे और मार्जिन पर साफ दिखाई दिया।
EBITDA और मार्जिन में तेज गिरावट
तिमाही के दौरान कंपनी का EBITDA ₹175 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 12% कम है। यह आंकड़ा बाजार के अनुमान ₹247 करोड़ से भी काफी नीचे रहा।
वहीं, EBITDA मार्जिन घटकर 5.2% रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 6.7% था। बाजार को करीब 7% मार्जिन की उम्मीद थी। इससे स्पष्ट है कि लागत बढ़ने और कमजोर मांग का असर कंपनी की लाभप्रदता पर पड़ा।
किन वजहों से दबाव में रहे नतीजे?
ब्लू स्टार के अनुसार तिमाही के दौरान कई प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- कमोडिटी कीमतों में तेज बढ़ोतरी
- इनपुट कॉस्ट बढ़ने से बिक्री कीमतें बढ़ानी पड़ीं
- गर्मी का मौसम सामान्य से देर से शुरू हुआ और जल्दी समाप्त हो गया
- ट्रेड चैनल में पुराने रूम AC का भारी स्टॉक जमा रहा
- प्राइमरी सेल्स वॉल्यूम उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ सका
- कमर्शियल रेफ्रिजरेशन बिजनेस में डीप फ्रीजर की मांग कमजोर रही
इन सभी कारणों से कंपनी के मार्जिन पर दबाव बना रहा।
डेटा सेंटर बिजनेस बना बड़ी ताकत
हालांकि कंपनी के लिए राहत की बात यह रही कि डेटा सेंटर MEP प्रोजेक्ट्स से लगातार मजबूत ऑर्डर मिल रहे हैं। ब्लू स्टार ने कहा कि डेटा सेंटर सेक्टर में मांग लगातार मजबूत बनी हुई है और इस क्षेत्र से मिलने वाली पूछताछ (Enquiry) भी अच्छी गति से जारी है।
कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में डेटा सेंटर सेगमेंट उसकी ग्रोथ का बड़ा आधार बन सकता है।
इलेक्ट्रो-मैकेनिकल प्रोजेक्ट्स में अच्छी बढ़त
कंपनी के इलेक्ट्रो-मैकेनिकल प्रोजेक्ट्स और कमर्शियल एयर कंडीशनिंग सिस्टम बिजनेस का रेवेन्यू 15.1% बढ़कर ₹1,625.05 करोड़ पहुंच गया।
हालांकि ब्लू स्टार ने कहा कि कमर्शियल ऑफिस, फैक्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में ऑर्डर फाइनल होने की गति धीमी रही। वेस्ट एशिया में लागत बढ़ने के कारण कई प्रोजेक्ट्स के फैसले टल गए।
यूनिटरी प्रोडक्ट्स बिजनेस का प्रदर्शन
रूम एयर कंडीशनर और कमर्शियल रेफ्रिजरेशन वाले यूनिटरी प्रोडक्ट्स सेगमेंट का रेवेन्यू 12.7% बढ़कर ₹1,689.3 करोड़ रहा।
कंपनी के मुताबिक:
- गर्मी देर से आने के कारण डीलर्स के पास पुरानी इन्वेंट्री ज्यादा रही।
- इन्वेंट्री निकालने के दबाव के कारण प्राइमरी सेल्स प्रभावित हुई।
- आइसक्रीम कंपनियों की ओर से डीप फ्रीजर की मांग कमजोर रही।
- हालांकि कंपनी को उम्मीद है कि त्योहारी सीजन में मांग में सुधार देखने को मिलेगा।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
ब्लू स्टार के Q1 नतीजे बताते हैं कि कंपनी की बिक्री में वृद्धि जारी है, लेकिन बढ़ती लागत, कमजोर मौसमी मांग और इन्वेंट्री दबाव ने लाभप्रदता को प्रभावित किया है। दूसरी ओर डेटा सेंटर और प्रोजेक्ट बिजनेस में मजबूत ऑर्डर बुक भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत देती है। आने वाली तिमाहियों में मांग में सुधार और लागत पर नियंत्रण कंपनी के प्रदर्शन के लिए अहम रहेगा।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है और इसे निवेश की सलाह न माना जाए। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


