IPO Listing Gain: अगस्त 2026 में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद आईपीओ बाजार ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया। महीने में लिस्ट हुए 17 आईपीओ में से 15 ने लिस्टिंग के दिन सकारात्मक शुरुआत की और इनमें से ज्यादातर शेयर अभी भी अपने ओरिजिनल इश्यू प्राइस से ऊपर कारोबार कर रहे हैं। कुछ आईपीओ ने तो निवेशकों के पैसे को लगभग दोगुना तक कर दिया है।
नई दिल्ली: अगस्त का महीना सेकेंडरी मार्केट के निवेशकों के लिए भले ही बहुत खास नहीं रहा, लेकिन आईपीओ में पैसा लगाने वालों के लिए तस्वीर काफी अलग रही। अगस्त के दौरान निफ्टी में करीब 0.6 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई, जबकि नए-नए लिस्ट हुए शेयरों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया।
अगस्त में कुल 17 आईपीओ शेयर बाजार में लिस्ट हुए। इनमें से 15 आईपीओ ने लिस्टिंग के दिन ही पॉजिटिव रिटर्न दिया। खास बात यह है कि ये करीब 90 फीसदी आईपीओ अभी भी अपने इश्यू प्राइस से ऊपर कारोबार कर रहे हैं। इसका मतलब है कि इन कंपनियों के आईपीओ में अलॉटमेंट पाने वाले निवेशकों का एक बड़ा हिस्सा फिलहाल मुनाफे में है।
आईपीओ बाजार में क्यों रही इतनी तेजी?
अगस्त में बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद प्राइमरी मार्केट को लेकर निवेशकों का उत्साह बना रहा। हेल्थकेयर, लॉजिस्टिक्स, इंजीनियरिंग, डेयरी, एनर्जी, ज्वेलरी, इंडस्ट्रियल और कंज्यूमर सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के आईपीओ को निवेशकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिली।
इस प्रदर्शन से यह संकेत मिलता है कि निवेशक चुनिंदा नए बिजनेस और कंपनियों में पैसा लगाने के लिए तैयार हैं, भले ही व्यापक शेयर बाजार में अस्थिरता बनी हुई हो।
Tempsens Instruments ने किया शानदार प्रदर्शन
अगस्त की सबसे शानदार आईपीओ लिस्टिंग में Tempsens Instruments का नाम शामिल रहा। कंपनी के शेयरों ने स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होते ही निवेशकों को जोरदार रिटर्न दिया।
लिस्टिंग के दिन शेयर में करीब 110 फीसदी का प्रीमियम देखने को मिला। यानी जिन निवेशकों को आईपीओ में शेयर मिले थे, उन्हें पहले ही दिन अपने निवेश पर लगभग दोगुने के करीब रिटर्न मिल गया।
इस तरह Tempsens Instruments अगस्त के सबसे बड़े लिस्टिंग गेनर्स में शामिल रहा।
Dhoot Transmission ने भी दिया मजबूत रिटर्न
मौजूदा प्रदर्शन के लिहाज से Dhoot Transmission भी निवेशकों के लिए शानदार साबित हुआ है। कंपनी का आईपीओ 871 रुपये प्रति शेयर के इश्यू प्राइस पर आया था।
शेयर करीब 1,187 रुपये पर लिस्ट हुआ, जिससे लिस्टिंग के दिन ही लगभग 36 फीसदी का फायदा हुआ। इसके बाद भी शेयर में तेजी बनी रही और इसकी कीमत करीब 1,428 रुपये तक पहुंच गई।
इस हिसाब से इश्यू प्राइस की तुलना में निवेशकों को लगभग 64 फीसदी का रिटर्न मिल रहा है।
Technocraft Ventures ने भी दिया जबरदस्त रिटर्न
Technocraft Ventures के आईपीओ ने भी लिस्टिंग के बाद निवेशकों को निराश नहीं किया। कंपनी के शेयर करीब 212 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले 311 रुपये पर लिस्ट हुए।
इस तरह लिस्टिंग के दिन निवेशकों को करीब 47 फीसदी का फायदा हुआ। इसके बाद शेयर में और तेजी आई और इसकी कीमत करीब 375 रुपये तक पहुंच गई।
इश्यू प्राइस के मुकाबले यह करीब 77 फीसदी का रिटर्न है।
Behari Lal Engineering भी इश्यू प्राइस से काफी ऊपर
Behari Lal Engineering के शेयरों ने भी अगस्त में मजबूत शुरुआत की। कंपनी का आईपीओ 285 रुपये के इश्यू प्राइस पर था, जबकि शेयर करीब 502 रुपये पर लिस्ट हुआ।
इसका मतलब है कि लिस्टिंग के दिन निवेशकों को करीब 76 फीसदी का फायदा मिला। बाद में शेयर में कुछ गिरावट आई और इसकी कीमत करीब 435 रुपये रही।
इसके बावजूद यह अभी भी अपने इश्यू प्राइस से करीब 53 फीसदी ऊपर है।
Milky Mist Dairy Food ने भी किया कमाल
डेयरी सेक्टर की कंपनी Milky Mist Dairy Food का आईपीओ भी निवेशकों के लिए फायदे का सौदा साबित हुआ। इसका इश्यू प्राइस 140 रुपये था और शेयर करीब 181 रुपये पर लिस्ट हुआ।
इस तरह कंपनी ने लिस्टिंग के दिन लगभग 30 फीसदी का रिटर्न दिया। इसके बाद भी शेयर में तेजी देखने को मिली और यह करीब 232 रुपये तक पहुंच गया।
इस स्तर पर शेयर अपने इश्यू प्राइस से लगभग 66 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहा था।
MV Electrosystems का भी शानदार प्रदर्शन
MV Electrosystems का इश्यू प्राइस 425 रुपये था। कंपनी का शेयर करीब 624 रुपये पर लिस्ट हुआ, यानी लिस्टिंग के दिन ही लगभग 47 फीसदी का रिटर्न मिला।
इसके बाद शेयर ने और मजबूती दिखाई और करीब 710.75 रुपये तक पहुंच गया। इस तरह इश्यू प्राइस के मुकाबले निवेशकों को लगभग 67 फीसदी का रिटर्न मिल रहा है।
सिर्फ दो IPO इश्यू प्राइस से नीचे
अगस्त में लिस्ट हुए 17 आईपीओ में से सिर्फ दो ऐसे हैं, जो मौजूदा स्तर पर अपने इश्यू प्राइस से नीचे कारोबार कर रहे हैं।
Shankesh Jewellers
Shankesh Jewellers ने करीब 2 फीसदी के प्रीमियम के साथ शेयर बाजार में शुरुआत की थी। हालांकि, लिस्टिंग के बाद शेयर में दबाव देखने को मिला और यह अपने इश्यू प्राइस से लगभग 4 फीसदी नीचे आ गया।
Horizon Industrial Parks
Horizon Industrial Parks की लिस्टिंग भी कमजोर रही। शेयर इश्यू प्राइस से करीब 3 फीसदी नीचे लिस्ट हुआ था। बाद में इसमें और कमजोरी आई और यह लगभग 5 फीसदी नुकसान के साथ कारोबार करता नजर आया।
सितंबर में IPO बाजार और हो सकता है व्यस्त
अगस्त में आईपीओ के शानदार प्रदर्शन के बाद अब निवेशकों की नजर सितंबर पर है। बाजार में चर्चा है कि अगले महीने प्राइमरी मार्केट में गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।
निवेश बैंकिंग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, सितंबर में 20 से ज्यादा कंपनियां आईपीओ के जरिए बाजार में उतर सकती हैं। अगर Jio Platforms या NSE जैसे बड़े नामों में से किसी का आईपीओ भी बाजार में आता है, तो सितंबर में कुल फंड जुटाने की रकम करीब 70,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।
हालांकि, किसी भी आईपीओ में सिर्फ पिछले रिटर्न को देखकर निवेश करना सही रणनीति नहीं है। कंपनी की वैल्यूएशन, बिजनेस मॉडल, मुनाफा, कर्ज, ग्रोथ की संभावनाएं और आईपीओ की कीमत जैसे पहलुओं का भी विश्लेषण करना जरूरी है।
निवेशकों के लिए क्या है सबक?
अगस्त के आईपीओ प्रदर्शन से एक बात साफ है कि लिस्टिंग गेन और लंबी अवधि का रिटर्न एक ही चीज नहीं हैं। किसी शेयर का आईपीओ प्राइस से ऊपर कारोबार करना जरूरी नहीं कि आगे भी तेजी जारी रहने की गारंटी हो।
इसलिए निवेशकों को आईपीओ में आवेदन करने से पहले कंपनी के फाइनेंशियल प्रदर्शन और जोखिमों को समझना चाहिए। खासकर तेज लिस्टिंग गेन वाले शेयरों में बाद में मुनाफावसूली के कारण उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध बाजार आंकड़ों और रिपोर्टों पर आधारित है। इसमें किसी शेयर या आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश का फैसला लेने से पहले कंपनी के दस्तावेजों और वित्तीय आंकड़ों का अध्ययन करें तथा जरूरत पड़ने पर प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।


