Petrol Windfall Tax: सरकार ने 1 सितंबर 2026 से पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर ₹1.5 प्रति लीटर की स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) लगा दी है। वहीं डीजल के एक्सपोर्ट पर लेवी ₹24 से बढ़ाकर ₹25 प्रति लीटर और एटीएफ पर इसे ₹19.5 से घटाकर ₹19 प्रति लीटर कर दिया गया है। हालांकि, इन बदलावों का असर घरेलू बाजार में बिकने वाले पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर नहीं पड़ेगा।
सरकार ने पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्ट पर लगने वाली लेवी में एक बार फिर बदलाव किया है। नए नियम 1 सितंबर 2026 से लागू हो गए हैं। इस बार पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर पहली बार ₹1.5 प्रति लीटर की लेवी लगाई गई है। इसके अलावा डीजल पर एक्सपोर्ट लेवी बढ़ाई गई है, जबकि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के एक्सपोर्ट पर ड्यूटी में मामूली कटौती की गई है।
हालांकि, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन बदलावों का असर घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर नहीं पड़ेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू इस्तेमाल के लिए पेट्रोल और डीजल पर लागू मौजूदा सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
पेट्रोल एक्सपोर्ट पर ₹1.5 प्रति लीटर लेवी
1 सितंबर से पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर ₹1.5 प्रति लीटर की स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) लागू की गई है। यह पूरी लेवी SAED के रूप में वसूली जाएगी।
पिछले रिवीजन में पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर यह ड्यूटी शून्य कर दी गई थी। यानी सरकार ने पेट्रोल एक्सपोर्टर्स को दी गई राहत को अब वापस ले लिया है।
इसका मतलब है कि विदेशों में पेट्रोल बेचने वाली कंपनियों को अब प्रत्येक लीटर पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर ₹1.5 का अतिरिक्त टैक्स देना होगा।
डीजल पर एक्सपोर्ट लेवी ₹25 प्रति लीटर हुई
डीजल के एक्सपोर्ट पर भी सरकार ने लेवी बढ़ा दी है। इसे ₹24 प्रति लीटर से बढ़ाकर ₹25 प्रति लीटर कर दिया गया है।
इसमें ₹24 प्रति लीटर SAED के रूप में और ₹1 प्रति लीटर रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस के रूप में लिया जाएगा।
यानी डीजल के एक्सपोर्ट पर कुल लेवी में ₹1 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है।
ATF एक्सपोर्ट पर मिली 50 पैसे की राहत
एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF के एक्सपोर्ट पर सरकार ने इसके उलट थोड़ी राहत दी है। इसकी एक्सपोर्ट लेवी ₹19.5 प्रति लीटर से घटाकर ₹19 प्रति लीटर कर दी गई है।
पूरी ₹19 प्रति लीटर लेवी SAED के रूप में वसूली जाएगी। इस तरह ATF एक्सपोर्ट पर कंपनियों को प्रति लीटर 50 पैसे की राहत मिली है।
हर पखवाड़े क्यों बदलती है एक्सपोर्ट लेवी?
पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर एक्सपोर्ट लेवी में बदलाव नियमित रूप से किया जाता है। सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों को ध्यान में रखते हुए इन दरों की समीक्षा करती है।
इस व्यवस्था की शुरुआत 27 मार्च 2026 को हुई थी। इसका एक प्रमुख उद्देश्य मध्य पूर्व में जारी संकट के बीच घरेलू बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
सरकार आम तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल, पेट्रोल, डीजल और ATF की औसत कीमतों के आधार पर एक्सपोर्ट लेवी की समीक्षा करती है।
15 अगस्त के रिवीजन में क्या बदला था?
इससे पहले 15 अगस्त को किए गए रिवीजन में पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर लेवी को घटाकर शून्य कर दिया गया था।
उस समय डीजल के एक्सपोर्ट पर ₹24 प्रति लीटर और ATF के एक्सपोर्ट पर ₹19.5 प्रति लीटर लेवी तय की गई थी।
अब 1 सितंबर के नए रिवीजन में पेट्रोल पर ₹1.5 प्रति लीटर की लेवी वापस लगा दी गई है। डीजल पर लेवी ₹1 बढ़ाई गई है, जबकि ATF पर 50 पैसे की कटौती की गई है।
क्या पेट्रोल-डीजल महंगा होगा?
नहीं। घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इस बदलाव की वजह से कोई अतिरिक्त बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।
सरकार ने साफ किया है कि नए बदलाव केवल पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्ट पर लागू हैं। घरेलू बाजार में इस्तेमाल होने वाले पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इसलिए पेट्रोल पंप पर मिलने वाले पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर इस एक्सपोर्ट लेवी का सीधा असर नहीं पड़ेगा।
नए एक्सपोर्ट लेवी की दरें
| पेट्रोलियम उत्पाद | पिछली लेवी | 1 सितंबर 2026 से |
|---|---|---|
| पेट्रोल | ₹0/लीटर | ₹1.5/लीटर |
| डीजल | ₹24/लीटर | ₹25/लीटर |
| ATF | ₹19.5/लीटर | ₹19/लीटर |
एक्सपोर्ट टैक्स बढ़ाने का मकसद क्या है?
सरकार का यह कदम मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय कीमतों और घरेलू ईंधन उपलब्धता के बीच संतुलन बनाए रखने से जुड़ा है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बदलाव होता है, तो एक्सपोर्ट लेवी के जरिए सरकार घरेलू बाजार में उपलब्धता और एक्सपोर्ट की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है।
पेट्रोल पर ₹1.5 प्रति लीटर की लेवी लगने से एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों की लागत बढ़ेगी। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि देश में पेट्रोल की खुदरा कीमत भी उसी अनुपात में बढ़ जाएगी।
निष्कर्ष: 1 सितंबर से पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर ₹1.5 और डीजल पर ₹25 प्रति लीटर लेवी लागू हो गई है। लेकिन ये बदलाव सिर्फ एक्सपोर्ट के लिए हैं। घरेलू पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं हुआ है, इसलिए पेट्रोल पंप पर मौजूदा कीमतों पर इस फैसले का सीधा असर नहीं पड़ेगा।


