Bank Nifty Trend: सोमवार को Closing Auction Session (CAS) के दौरान आई तेज़ी मंगलवार को टिक नहीं पाई। 1 सितंबर को बैंक निफ्टी में 800 अंकों तक की गिरावट दर्ज की गई। Yes Bank और Axis Bank समेत कई बड़े बैंकिंग शेयरों में बिकवाली से इंडेक्स पर दबाव बढ़ा।
Bank Nifty Trend: शेयर बाजार में मंगलवार, 1 सितंबर को बैंकिंग शेयरों पर भारी दबाव देखने को मिला। बैंक निफ्टी दोपहर के कारोबार में 1 प्रतिशत से ज्यादा गिर गया और करीब 800 अंक तक टूट गया। इसके साथ ही सोमवार को Closing Auction Session (CAS) के दौरान आई तेज़ी का बड़ा हिस्सा खत्म हो गया।
दोपहर में बैंक निफ्टी करीब 1.35 प्रतिशत गिरकर 57,243 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। पिछले कारोबारी सत्र में इंडेक्स 58,025 पर बंद हुआ था। इस लिहाज से यह करीब 800 अंक नीचे था। मंगलवार के कारोबार में बैंक निफ्टी ने 57,222 का इंट्राडे लो भी बनाया।
CAS की तेजी एक दिन में हुई गायब
बैंक निफ्टी में मंगलवार की कमजोरी को समझने के लिए सोमवार के कारोबार को देखना जरूरी है। 31 अगस्त को बाजार में सामान्य कारोबार के दौरान बैंक निफ्टी में बहुत बड़ी तेजी नहीं थी, लेकिन अंतिम चरण यानी Closing Auction Session में इंडेक्स में अचानक जोरदार उछाल आया।
सोमवार को दोपहर 3:15 बजे बैंक निफ्टी करीब 57,397 के स्तर पर था। इसके बाद CAS के दौरान इसमें 600 से ज्यादा अंकों की तेजी आई और इंडेक्स 58,025 पर बंद हुआ। इस तरह बैंक निफ्टी ने सोमवार का कारोबार करीब 529 अंक या 0.92 प्रतिशत की बढ़त के साथ समाप्त किया।
हालांकि, मंगलवार की बिकवाली ने इस तेजी को लगभग पूरी तरह पलट दिया। दिन के निचले स्तर 57,222 पर बैंक निफ्टी सोमवार को दोपहर 3:15 बजे के स्तर से भी नीचे चला गया।
सेंसेक्स और निफ्टी पर भी दबाव
बैंकिंग शेयरों में गिरावट का असर व्यापक बाजार पर भी दिखाई दिया। मंगलवार दोपहर सेंसेक्स करीब 160 अंक या 0.21 प्रतिशत गिरकर 76,797 के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 88 अंक या 0.37 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,992 के स्तर पर था।
इससे संकेत मिलता है कि सिर्फ बैंकिंग सेक्टर ही नहीं, बल्कि पूरे बाजार में निवेशकों का रुझान फिलहाल सतर्क बना हुआ है।
Yes Bank, Axis Bank और SBI में जोरदार गिरावट
मंगलवार के कारोबार में बैंकिंग शेयरों में व्यापक बिकवाली देखी गई। Yes Bank सबसे ज्यादा दबाव में नजर आया और इसमें करीब 3.55 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
इसके अलावा:
- Axis Bank: करीब 2.7-2.8% नीचे
- SBI: करीब 2.7-2.8% नीचे
- IndusInd Bank: करीब 2.7-2.8% नीचे
- Union Bank: 2.58% गिरावट
- Federal Bank: 2.20% गिरावट
- IDFC First Bank: 1.92% गिरावट
- ICICI Bank: 1.75% गिरावट
यानी बैंक निफ्टी के कई प्रमुख घटकों में एक साथ बिकवाली देखने को मिली, जिसने पूरे इंडेक्स पर दबाव बढ़ा।
Kotak Mahindra Bank और PNB ने दिखाई मजबूती
जहां ज्यादातर बैंकिंग शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, वहीं कुछ शेयरों ने बाजार के ट्रेंड के विपरीत प्रदर्शन किया।
Kotak Mahindra Bank करीब 1.6 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। वहीं Punjab National Bank (PNB) में करीब 0.77 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
हालांकि, कुछ प्रमुख शेयरों में आई तेजी व्यापक बैंकिंग सेक्टर की कमजोरी को दूर करने के लिए पर्याप्त नहीं रही।
PSU और Private Bank दोनों इंडेक्स में गिरावट
बैंकिंग सेक्टर में कमजोरी केवल Bank Nifty तक सीमित नहीं रही। अन्य बैंकिंग इंडेक्स भी दबाव में रहे।
Nifty PSU Bank में करीब 1.47 प्रतिशत, जबकि Nifty Private Bank में लगभग 1.03 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
इससे साफ है कि मंगलवार को सरकारी और निजी, दोनों तरह के बैंकों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
Midcap और Smallcap शेयर भी कमजोर
ब्रॉडर मार्केट में भी मंगलवार को सेंटीमेंट कमजोर रहा। Nifty Midcap 100 करीब 1.57 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा था। वहीं Nifty Smallcap 100 में करीब 0.63 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
बाजार में उतार-चढ़ाव का संकेत देने वाला India VIX करीब 1.34 प्रतिशत बढ़ा। VIX में बढ़ोतरी आमतौर पर बाजार में बढ़ती अस्थिरता और निवेशकों की बढ़ती सतर्कता की ओर संकेत करती है।
MSCI रीबैलेंसिंग और CAS से क्यों बढ़ा था टर्नओवर?
31 अगस्त का कारोबारी सत्र Closing Auction Session के लिहाज से भी महत्वपूर्ण था। यह CAS शुरू होने के बाद पहली MSCI इंडेक्स रीबैलेंसिंग थी। इसके चलते अंतिम ऑक्शन चरण में बाजार में असामान्य रूप से बड़ा कारोबार देखने को मिला।
31 अगस्त को NSE के CAS में करीब ₹39,718 करोड़ का टर्नओवर दर्ज किया गया। यह पिछले कारोबारी दिन के मुकाबले लगभग 42 गुना ज्यादा था।
इसी भारी गतिविधि के दौरान बैंक निफ्टी में भी अंतिम चरण में अचानक तेजी देखने को मिली थी। हालांकि, अगले ही दिन सामान्य कारोबार में बिकवाली लौटने से सोमवार की उस तेजी की स्थिरता पर सवाल खड़े हो गए।
क्या है Closing Auction Session (CAS)?
NSE ने अगस्त 2026 में Closing Auction Session की शुरुआत की। यह करीब 20 मिनट का अलग ऑक्शन सिस्टम है, जिसका उद्देश्य योग्य शेयरों की आधिकारिक क्लोजिंग कीमत निर्धारित करना है।
पुरानी व्यवस्था में शेयर की क्लोजिंग कीमत ट्रेडिंग के अंतिम आधे घंटे के दौरान हुए कारोबार के Weighted Average Price के आधार पर तय होती थी। CAS व्यवस्था में क्लोजिंग कीमत तय करने के लिए एक अलग ऑक्शन प्रक्रिया अपनाई जाती है।
31 अगस्त को MSCI रीबैलेंसिंग के साथ CAS में बड़ी मात्रा में ऑर्डर और कारोबार आने से अंतिम चरण में कई इंडेक्स और शेयरों में असामान्य हलचल देखने को मिली।
Bank Nifty Trend: फिलहाल क्या संकेत मिल रहे हैं?
मंगलवार की गिरावट से संकेत मिलता है कि सोमवार को CAS के दौरान आई तेजी को बाजार ने अभी पूरी तरह स्वीकार नहीं किया है। बैंक निफ्टी का 57,222 तक फिसलना बताता है कि ऊंचे स्तरों पर बिकवाली का दबाव मौजूद है।
इसके अलावा, PSU Bank और Private Bank दोनों इंडेक्स में गिरावट तथा प्रमुख बैंकिंग शेयरों में कमजोरी से सेक्टर का शॉर्ट-टर्म सेंटीमेंट कमजोर नजर आ रहा है।
हालांकि, ट्रेडिंग के दौरान इंडेक्स का रुख तेजी से बदल सकता है। इसलिए निवेशकों के लिए केवल CAS के दौरान आई असामान्य तेजी को आधार बनाकर बैंकिंग शेयरों में फैसला लेने के बजाय सामान्य बाजार वॉल्यूम, इंडेक्स स्तर और प्रमुख बैंक शेयरों की चाल पर नजर रखना जरूरी है।


