IMD Rain Alert: बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसमी सिस्टम ने देश के कई हिस्सों में बारिश का खतरा बढ़ा दिया है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की भी आशंका है।
बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 1 सितंबर के ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक, गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तर तटीय ओडिशा, झारखंड तथा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक गहरा कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। यह सिस्टम अगले 48 घंटों में उत्तर ओडिशा और झारखंड को पार करते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है।
इस मौसमी सिस्टम के चलते पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। खासतौर पर झारखंड, ओडिशा, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में मौसम विभाग ने सतर्क रहने की सलाह दी है।
झारखंड में बहुत भारी बारिश का अलर्ट
1 सितंबर को झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं ओडिशा, झारखंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और गांगेय पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
पिछले 24 घंटों में भी कई राज्यों में मानसून काफी सक्रिय रहा। ओडिशा में कुछ स्थानों पर 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, त्रिपुरा और झारखंड में भी बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड हुई।
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भी कई जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई।
यूपी में 7 सितंबर तक बारिश का दौर
उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में बारिश से राहत मिलती नहीं दिख रही है। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 1 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
पूर्वी यूपी में 2 सितंबर और फिर 6 से 7 सितंबर के दौरान भी तेज बारिश हो सकती है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 से 5 सितंबर तक कई इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है।
बारिश के साथ कुछ जगहों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। ऐसे में खुले स्थानों और खेतों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
बिहार में भी भारी बारिश की चेतावनी
बिहार में भी नए मौसम सिस्टम का असर दिखाई देगा। IMD ने राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
बंगाल की खाड़ी से उठे सिस्टम के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के साथ बिहार में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कुछ इलाकों में तेज बारिश के कारण जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।
दिल्ली-NCR, हरियाणा और पंजाब में कब होगी बारिश?
दिल्ली-NCR में 2 से 5 सितंबर के बीच मौसम बदलने की संभावना है। इस दौरान दिल्ली के अलावा हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।
बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली कड़कने की भी संभावना जताई गई है। दिल्ली-NCR में अचानक तेज बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक की परेशानी देखने को मिल सकती है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी मौसम बिगड़ेगा
कम दबाव वाले सिस्टम का असर मध्य भारत में भी देखने को मिलेगा। छत्तीसगढ़ में 1 और 2 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि 3 सितंबर को भी कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में 1 से 4 सितंबर और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है। यानी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रह सकता है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 1 से 5 सितंबर तक कुछ स्थानों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली का खतरा भी बना रहेगा।
पहाड़ी राज्यों में भी बारिश का दौर
उत्तराखंड में 1 से 7 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है। 1 सितंबर को राज्य के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
हिमाचल प्रदेश में भी 1 से 5 सितंबर के दौरान बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश के दौरान भूस्खलन, अचानक जलभराव और नदियों-नालों के जलस्तर में वृद्धि का खतरा बढ़ सकता है।
पूर्वोत्तर भारत में भी भारी बारिश
पूर्वोत्तर राज्यों में भी मौसम विभाग ने बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। 1 सितंबर को असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
अरुणाचल प्रदेश में 1 से 4 सितंबर और फिर 6 से 7 सितंबर के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वोत्तर के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश को देखते हुए स्थानीय स्तर पर सतर्कता जरूरी है।
दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियां रहेंगी सीमित
दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय हिस्सों में अगले एक सप्ताह के दौरान मानसूनी गतिविधियां अपेक्षाकृत धीमी रहने का अनुमान है। हालांकि तटीय कर्नाटक और केरल में 2 से 4 सितंबर के बीच कई स्थानों पर बारिश हो सकती है।
तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली गिरने को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
अगले कुछ दिनों में किन राज्यों पर सबसे ज्यादा असर?
बंगाल की खाड़ी से बने इस सिस्टम का सबसे ज्यादा प्रभाव पूर्वी और मध्य भारत के राज्यों में दिखाई देने की संभावना है। झारखंड, ओडिशा, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
इसके अलावा उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर राज्यों, दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है।
Disclaimer: बारिश और मौसम से जुड़ी चेतावनियां समय-समय पर बदल सकती हैं। किसी भी यात्रा या जरूरी गतिविधि से पहले स्थानीय प्रशासन और IMD की ताजा चेतावनी जरूर देखें।


