मुंबई के लोगों के लिए सितंबर की शुरुआत महंगाई के झटके के साथ हुई है। 1 सितंबर 2026 से दूध, CNG और PNG के दाम बढ़ गए हैं। रोजमर्रा की इन जरूरी चीजों की कीमत बढ़ने से वाहन चलाने से लेकर घर के किचन तक का खर्च बढ़ सकता है। दूध के थोक दाम में ₹9 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है, जबकि CNG ₹2 प्रति किलो और घरेलू PNG ₹1 प्रति SCM महंगी हुई है।
नई कीमतें 1 सितंबर की आधी रात से लागू हो गई हैं। ऐसे में अगर आप मुंबई या आसपास के इलाकों में रहते हैं, तो आपके लिए नई रेट लिस्ट जानना जरूरी है।
दूध के दाम में ₹9 प्रति लीटर की बढ़ोतरी
बॉम्बे मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (BMPA) ने डेयरियों और स्थानीय फार्म से आने वाले दूध के थोक दाम में ₹9 प्रति लीटर बढ़ाने का फैसला किया है। इसके बाद सीधे फार्म से मिलने वाले दूध की कीमत मुंबई में करीब ₹110 प्रति लीटर तक पहुंच सकती है।
एसोसिएशन का कहना है कि पशुओं के चारे, रखरखाव और अन्य लागत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसी वजह से दूध की थोक कीमत बढ़ाने का फैसला किया गया है। थोक कीमतों में इस बढ़ोतरी का असर आने वाले दिनों में खुदरा कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
इससे पहले महाराष्ट्र के प्रमुख सहकारी दूध संघ गोकुल ने भैंस के दूध की कीमत में ₹2 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद मुंबई और पुणे में भैंस के दूध की कीमत ₹78 प्रति लीटर हो गई थी।
CNG ₹2 प्रति किलो महंगी
मुंबई में CNG इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों के लिए भी सितंबर की शुरुआत महंगी हुई है। महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने CNG की कीमत में ₹2 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की है।
कीमत बढ़ने के बाद मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में CNG की नई कीमत ₹88 प्रति किलोग्राम हो गई है। कंपनी के मुताबिक, संशोधित कीमत 1 सितंबर की आधी रात से लागू हो गई है।
CNG की कीमत बढ़ने का सीधा असर ऑटो, टैक्सी और CNG कार चलाने वाले लोगों के मासिक खर्च पर पड़ सकता है। इसके अलावा सार्वजनिक परिवहन और कमर्शियल वाहनों की परिचालन लागत बढ़ने से आगे चलकर कुछ सेवाओं की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।
PNG भी ₹1 प्रति SCM महंगी
CNG के साथ घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाली पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कीमत में भी बढ़ोतरी की गई है। MGL ने घरेलू PNG के दाम में ₹1 प्रति SCM की वृद्धि की है।
यानी मुंबई और आसपास के इलाकों में पाइप से आने वाली गैस का इस्तेमाल करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को अब पहले के मुकाबले ज्यादा भुगतान करना होगा। गैस की कीमत में बढ़ोतरी का असर खासतौर पर उन परिवारों के मासिक किचन बजट पर पड़ सकता है, जो PNG का नियमित इस्तेमाल करते हैं।
क्यों बढ़े CNG और PNG के दाम?
गैस की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव और गैस की लागत में वृद्धि प्रमुख कारणों में शामिल है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में किसी भी तरह का तनाव गैस की आपूर्ति और लागत को प्रभावित कर सकता है।
ऐसे में गैस की खरीद लागत बढ़ने पर कंपनियों की ओर से CNG और PNG की कीमतों में बदलाव किया जा सकता है।
मुंबई वालों की जेब पर एक साथ तीन तरफ से असर
1 सितंबर से दूध, CNG और PNG के महंगे होने का असर अलग-अलग तरह से दिखाई देगा। दूध महंगा होने से रोजाना का घरेलू खर्च बढ़ेगा, जबकि CNG की कीमत बढ़ने से निजी और कमर्शियल वाहनों का खर्च बढ़ सकता है। वहीं PNG की कीमत में वृद्धि से हर महीने आने वाला गैस बिल बढ़ सकता है।
यानी मुंबई के परिवारों के लिए सितंबर की शुरुआत में ही रोजमर्रा के खर्च से जुड़े तीन बड़े बदलाव हुए हैं। हालांकि दूध की थोक कीमत बढ़ने के बाद खुदरा बाजार में अंतिम कीमत कितनी बढ़ती है, यह अलग-अलग डेयरी और विक्रेता पर निर्भर कर सकता है।
नई रेट लिस्ट एक नजर में:
| चीज | बढ़ोतरी | नई कीमत |
|---|---|---|
| दूध (थोक) | ₹9/लीटर | करीब ₹110/लीटर तक |
| CNG | ₹2/किलो | ₹88/किलो |
| घरेलू PNG | ₹1/SCM | नई संशोधित दर लागू |
नोट: दूध की कीमतें डेयरी, ब्रांड और बिक्री चैनल के अनुसार अलग हो सकती हैं। CNG और PNG की संशोधित दरें 1 सितंबर 2026 की आधी रात से लागू हैं।


