Happiest Minds-ITC Infotech Deal: ITC की सब्सिडियरी ITC Infotech ने Happiest Minds Technologies में 22.1 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने का फैसला किया है। यह सौदा करीब 1,330 करोड़ रुपये का है और इसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा। डील के बाद दोनों कंपनियों का मर्जर होगा और ITC Infotech की शेयर बाजार में लिस्टिंग भी होगी। इस खबर का सीधा असर मंगलवार को Happiest Minds के शेयर पर देखने को मिला, जो कारोबार के दौरान 11 फीसदी से ज्यादा टूट गया।
Happiest Minds में ITC Infotech खरीदेगी 22.1% हिस्सेदारी
ITC Infotech, Happiest Minds के प्रमोटर अशोक सूटा और प्रमोटर ग्रुप से करीब 22.1 फीसदी हिस्सेदारी खरीदेगी। इस सौदे की कुल वैल्यू लगभग 1,330 करोड़ रुपये बताई गई है। ट्रांजैक्शन दो चरणों में होगा और इसके लिए 390 रुपये और 400 रुपये प्रति शेयर की कीमत तय की गई है।
डील पूरी होने के बाद ITC Infotech का Happiest Minds में विलय किया जाएगा। यह मर्जर शेयर स्वैप के जरिए होगा। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ITC Infotech के 81 शेयरों के बदले Happiest Minds के 25 शेयर दिए जाएंगे।
मर्जर के बाद बनने वाली संयुक्त कंपनी में ITC प्रमोटर होगी और उसकी करीब 73.4 फीसदी हिस्सेदारी होगी। वहीं, अशोक सूटा और प्रमोटर ग्रुप की मौजूदा हिस्सेदारी भी इस पूरी प्रक्रिया में बदलेगी।
ITC Infotech की होगी शेयर बाजार में लिस्टिंग
इस डील का एक बड़ा हिस्सा यह है कि मर्जर के बाद ITC Infotech के शेयर स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होंगे। डील की फंडिंग ITC Infotech के राइट्स इश्यू के माध्यम से की जाएगी।
ITC का लक्ष्य एक ऐसी ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी तैयार करना है, जिसकी रणनीति AI पर केंद्रित हो। कंपनी को उम्मीद है कि इस डील के बाद टेक्नोलॉजी और AI से जुड़े कारोबार को और तेजी मिलेगी।
ITC Infotech के पास 19,000 से ज्यादा कर्मचारी हैं। कंपनी 30 से अधिक देशों में कारोबार करती है और उसके 800 से ज्यादा ग्राहक बताए गए हैं। Happiest Minds के साथ विलय के बाद संयुक्त कारोबार को बड़े स्तर पर काम करने का अवसर मिल सकता है।
मैनेजमेंट ने डील के असर पर क्या कहा?
Happiest Minds के मैनेजमेंट के मुताबिक, इस मर्जर को अगले करीब दो महीनों में जरूरी मंजूरियां मिलने की उम्मीद है। दोनों कंपनियों की टीमें और लीडरशिप साथ मिलकर काम करेंगी।
मैनेजमेंट का मानना है कि मर्जर से ग्राहकों को ज्यादा बड़ा स्केल और टेक्नोलॉजी क्षमताएं मिलेंगी। दोनों कंपनियों की विशेषज्ञता अलग-अलग क्षेत्रों में है, इसलिए एक-दूसरे की क्षमताओं का फायदा उठाने की संभावना है।
ITC Infotech की AI और एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी में मजबूत पकड़ है, जबकि Happiest Minds डिजिटल, AI, डेटा और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में काम करती है। ऐसे में मर्जर के बाद संयुक्त कंपनी की AI रणनीति को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
दोनों कंपनियों के कारोबार में कितना अंतर?
मैनेजमेंट के मुताबिक दोनों कंपनियों के क्लाइंट बेस में ज्यादा ओवरलैप नहीं है। यही वजह है कि मर्जर के बाद क्रॉस-सेलिंग और बड़े कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
ITC Infotech का प्रमुख फोकस SAP, PLM और एंटरप्राइज ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों पर है। दूसरी ओर, Happiest Minds की विशेषज्ञता डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, AI, डेटा और साइबर सिक्योरिटी में है।
Happiest Minds मुख्य रूप से हाई-टेक, हेल्थकेयर और BFSI जैसे क्षेत्रों में मजबूत स्थिति रखती है। वहीं ITC Infotech की पकड़ CPG, मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्रियल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में है।
इस तरह दोनों कंपनियों की क्षमताओं को मिलाकर बड़े ग्राहकों के लिए एक व्यापक टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन तैयार किया जा सकता है। इससे भविष्य में बड़े ऑर्डर हासिल करने की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
Happiest Minds के शेयर में क्यों आई गिरावट?
डील की घोषणा के बाद Happiest Minds के शेयर में तेज दबाव देखने को मिला। NSE पर कंपनी का शेयर करीब 45.95 रुपये यानी 11.29 फीसदी की गिरावट के साथ 361 रुपये के आसपास कारोबार करता नजर आया।
कारोबार के दौरान शेयर ने करीब 404 रुपये का ऊपरी स्तर और 356.95 रुपये का निचला स्तर छुआ। हाल के प्रदर्शन की बात करें तो Happiest Minds का शेयर एक सप्ताह में करीब 19.08 फीसदी और एक महीने में 4.14 फीसदी गिर चुका है। वहीं, एक साल की अवधि में शेयर में लगभग 36.14 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
हालांकि, किसी भी मर्जर या अधिग्रहण के शुरुआती दौर में शेयर की चाल केवल तत्काल बाजार प्रतिक्रिया को दर्शा सकती है। डील पूरी होने के बाद कंपनी की कमाई, मार्जिन, ऑर्डर बुक, AI कारोबार की ग्रोथ और मर्जर से मिलने वाले सिनर्जी बेनेफिट्स पर निवेशकों की नजर रहेगी।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखती है यह डील?
Happiest Minds और ITC Infotech का प्रस्तावित मर्जर टेक्नोलॉजी सेक्टर में एक बड़ा कॉरपोरेट ट्रांजैक्शन है। एक तरफ ITC को AI-केंद्रित ग्लोबल टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बनाने का मौका मिलेगा, वहीं Happiest Minds को ITC Infotech के बड़े एंटरप्राइज नेटवर्क और अलग-अलग इंडस्ट्री सेगमेंट में मौजूदगी का फायदा मिल सकता है।
लेकिन निवेशकों के लिए यह देखना जरूरी होगा कि मर्जर के बाद संयुक्त कंपनी की ग्रोथ कितनी तेज रहती है और लागत व संचालन से जुड़े तालमेल का वास्तविक फायदा कितना मिलता है। इसलिए केवल शेयर में आई शुरुआती गिरावट या तेजी के आधार पर निवेश का फैसला करना उचित नहीं होगा।


