Jewellery Stocks: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोना खरीदने से बचने की अपील के बाद 1 सितंबर को ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों पर दबाव देखने को मिला। Kalyan Jewellers के शेयर में 4.56% तक की गिरावट आई, जबकि Sky Gold & Diamonds करीब 3.71% नीचे कारोबार करता दिखा।
Jewellery Stocks: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 1 सितंबर को ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से लोगों से गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने की अपील के बाद निवेशकों का ध्यान इस सेक्टर के शेयरों पर गया। शुरुआती कारोबार में Kalyan Jewellers India, Titan Company और अन्य ज्वेलरी कंपनियों के शेयर लाल निशान में नजर आए।
Kalyan Jewellers में सबसे ज्यादा गिरावट
दोपहर करीब 12 बजे Kalyan Jewellers का शेयर 4.56% गिरकर 573.60 रुपये पर कारोबार कर रहा था। वहीं Titan Company का शेयर 1.06% की गिरावट के साथ 5,047 रुपये के आसपास था।
इसी तरह Thangamayil Jewellery का शेयर करीब 1.98% टूटकर 5,305 रुपये पर कारोबार कर रहा था। Sky Gold & Diamonds में भी 3.71% की गिरावट दर्ज की गई और यह शेयर करीब 777 रुपये पर पहुंच गया।
इसके अलावा PC Jeweller के शेयर में करीब 1.73% की कमजोरी देखने को मिली। ज्वेलरी सेक्टर के इन शेयरों में गिरावट ने निवेशकों का ध्यान खींचा।
पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए लोगों से स्वदेशी और ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने लोगों से गैर-जरूरी खर्च और विदेशों में होने वाले खर्च को कम करने पर जोर दिया।
पीएम मोदी ने लोगों से यह भी अपील की कि केवल घूमने या शादी समारोह आयोजित करने के लिए विदेश जाने से बचना चाहिए। इसके बजाय उन्होंने भारत में ही शादी समारोह आयोजित करने और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान देने की बात कही।
इसी संदर्भ में उन्होंने लोगों से जब तक बेहद जरूरी न हो, तब तक सोना नहीं खरीदने की अपील भी की। बाजार में इस बयान को ज्वेलरी सेक्टर के लिए संभावित तौर पर नकारात्मक संकेत के रूप में देखा गया।
स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी लंबे समय से स्वदेशी उत्पादों और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की बात कहते रहे हैं। उनका कहना है कि देश में बने उत्पादों की मांग बढ़ने से घरेलू कारोबार और रोजगार को मजबूती मिल सकती है।
सरकार का लक्ष्य 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का है। ऐसे में घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देना, विदेशी वस्तुओं पर निर्भरता कम करना और देश के भीतर खर्च को बढ़ाना इस दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सोने के मामले में भारत बड़ी मात्रा में अपनी जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में सोने की गैर-जरूरी खरीदारी कम करने की अपील का एक उद्देश्य विदेशी मुद्रा के खर्च को नियंत्रित करना भी माना जा सकता है।
मई में भी पीएम मोदी ने की थी ऐसी अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे पहले मई में भी विदेशी मुद्रा बचाने और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लोगों से कुछ कदम उठाने की अपील की थी।
10 मई को मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच पीएम मोदी ने लोगों से पेट्रोलियम उत्पादों की खपत कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करने की बात कही थी। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का सीधा असर देश के इंपोर्ट बिल पर पड़ता है।
अमेरिका-ईरान संघर्ष के बाद बढ़ा था क्रूड का दबाव
अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी को शुरू हुए संघर्ष के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली थी। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का करीब 85% हिस्सा आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी से देश का आयात बिल बढ़ने का जोखिम रहता है।
महंगे क्रूड से तेल कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे माहौल में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर भी बाजार में चिंता बढ़ती है।
निवेशकों की नजर अब ज्वेलरी सेक्टर पर
पीएम मोदी की सोने की खरीदारी को लेकर अपील के बाद मंगलवार को ज्वेलरी शेयरों में आई गिरावट को निवेशकों ने गंभीरता से लिया। हालांकि, किसी एक कारोबारी दिन की गिरावट को कंपनियों के लंबे समय के प्रदर्शन का संकेत नहीं माना जा सकता।
ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों पर आगे सोने की कीमतों, मांग, मार्जिन, त्योहारी सीजन की बिक्री और कंपनी के तिमाही नतीजों जैसे कई कारकों का असर पड़ सकता है। इसलिए निवेशकों को केवल एक खबर या एक दिन की शेयर कीमत में बदलाव के आधार पर निवेश का फैसला लेने से बचना चाहिए।


