ABH Healthcare IPO Listing: एबीएच हेल्थकेयर के शेयरों ने NSE SME पर कमजोर शुरुआत की। ₹102 के इश्यू प्राइस के मुकाबले शेयर ₹99 पर लिस्ट हुआ और लिस्टिंग के बाद बिकवाली बढ़ने से ₹94.05 के लोअर सर्किट पर पहुंच गया। यानी IPO निवेशक फिलहाल करीब 7.79% के नुकसान में हैं। कंपनी अनिल बागी हॉस्पिटल के तहत हेल्थकेयर सेवाएं उपलब्ध कराती है। IPO में जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कर्ज घटाने, वर्किंग कैपिटल और अधिग्रहण सहित अन्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।
ABH Healthcare IPO Listing: ₹102 के मुकाबले ₹99 पर हुई लिस्टिंग
ABH Healthcare का ₹35 करोड़ का IPO 24 अगस्त से 27 अगस्त 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। कंपनी ने IPO में ₹102 प्रति शेयर का प्राइस तय किया था। इसके शेयरों की आज NSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग हुई।
शेयर ₹99 पर लिस्ट हुए, जो इश्यू प्राइस से ₹3 यानी करीब 2.94% कम है। इस तरह IPO निवेशकों को शुरुआत में ही लिस्टिंग लॉस का सामना करना पड़ा। हालांकि, कमजोरी यहीं नहीं रुकी। लिस्टिंग के बाद शेयर पर बिकवाली बढ़ी और यह ₹94.05 के लोअर सर्किट तक पहुंच गया।
₹94.05 के भाव पर शेयर इश्यू प्राइस से करीब 7.79% नीचे है। यानी ₹102 के भाव पर IPO में शेयर पाने वाले निवेशकों की पूंजी पर फिलहाल दबाव बना हुआ है।
IPO को मिला था मिला-जुला रिस्पांस
ABH Healthcare IPO को निवेशकों की तरफ से बहुत मजबूत प्रतिक्रिया नहीं मिली थी। IPO कुल मिलाकर 1.44 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
कैटेगरी के हिसाब से देखें तो क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा एक्स-एंकर आधार पर 8.37 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के लिए आरक्षित हिस्सा सिर्फ 0.29 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 1.69 गुना भरा था।
इससे साफ है कि संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी अपेक्षाकृत बेहतर रही, जबकि NII सेगमेंट में मांग कमजोर रही।
₹35 करोड़ के IPO से मिले पैसों का क्या करेगी कंपनी?
ABH Healthcare IPO पूरी तरह से फ्रेश इश्यू था। इसके तहत ₹10 फेस वैल्यू वाले कुल 34,29,600 नए शेयर जारी किए गए।
कंपनी IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कई उद्देश्यों के लिए करेगी। प्रस्तावित इस्तेमाल इस तरह है:
| इस्तेमाल | रकम |
|---|---|
| कर्ज कम करने के लिए | ₹17.00 करोड़ |
| वर्किंग कैपिटल | ₹5.00 करोड़ |
| अधिग्रहण और अन्य कॉरपोरेट उद्देश्य | ₹8.62 करोड़ |
| IPO से जुड़े खर्च | ₹4.36 करोड़ |
कंपनी के लिए कर्ज घटाना IPO फंड के इस्तेमाल का सबसे बड़ा हिस्सा है। इससे ब्याज लागत और बैलेंस शीट पर कर्ज का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, कंपनी के शेयर में निवेश से पहले केवल IPO फंड के इस्तेमाल को देखकर फैसला करना उचित नहीं होगा। कारोबारी प्रदर्शन, कर्ज, कैश फ्लो और वैल्यूएशन जैसे पहलुओं को भी देखना जरूरी है।
क्या करती है ABH Healthcare?
ABH Healthcare, अनिल बागी हॉस्पिटल के तहत हेल्थकेयर सर्विसेज उपलब्ध कराती है। कंपनी की सेवाओं में कई तरह की मेडिकल और सर्जिकल सुविधाएं शामिल हैं।
इसके प्रमुख क्षेत्रों में कार्डियक साइंसेज, न्यूरोलॉजी, मिनिमली इनवेसिव स्पाइन और ब्रेन सर्जरी, मेडिकल एवं सर्जिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, लैप्रोस्कोपिक और बैरिएट्रिक सर्जरी, यूरोलॉजी, पल्मोनोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, ENT और मैक्सिलोफेशियल सर्जरी शामिल हैं।
हॉस्पिटल करीब 30 प्राइवेट और पब्लिक हेल्थ इंश्योरेंस प्रोवाइडर्स तथा थर्ड-पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर्स के नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। इंश्योरेंस नेटवर्क में मौजूदगी हॉस्पिटल के लिए मरीजों की पहुंच और भुगतान व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है।
ABH Healthcare की वित्तीय स्थिति कैसी है?
कंपनी के वित्तीय आंकड़ों में हाल के वर्षों में सुधार देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2024 से वित्त वर्ष 2026 के बीच कंपनी का शुद्ध मुनाफा 84% से अधिक CAGR की दर से बढ़कर ₹5.64 करोड़ हो गया।
इसी अवधि में कंपनी की कुल आय करीब 13% CAGR से बढ़कर ₹52.59 करोड़ पर पहुंच गई। यानी मुनाफे की वृद्धि आय की तुलना में काफी तेज रही है।
हालांकि, कंपनी की बैलेंस शीट पर कर्ज अभी भी एक महत्वपूर्ण पहलू है। मार्च 2026 के अंत में कंपनी पर करीब ₹45.75 करोड़ का कुल कर्ज था। वहीं रिजर्व और सरप्लस करीब ₹9.34 करोड़ था।
इसलिए IPO से मिलने वाली रकम में से ₹17 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज घटाने के लिए किया जाना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
निवेशकों को आगे किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?
लिस्टिंग के बाद शेयर का लोअर सर्किट पर पहुंचना दिखाता है कि बाजार में शुरुआती तौर पर शेयर की मांग कमजोर रही। हालांकि, किसी SME शेयर के प्रदर्शन का आकलन सिर्फ पहले दिन की लिस्टिंग से नहीं किया जा सकता।
निवेशकों को आगे कंपनी की आय और मुनाफे की वृद्धि, कर्ज में कमी, कैश फ्लो, हॉस्पिटल की क्षमता और उसका इस्तेमाल, मरीजों की संख्या, मार्जिन और अधिग्रहण से होने वाले संभावित फायदे पर नजर रखनी चाहिए।
इसके अलावा SME शेयरों में आमतौर पर लिक्विडिटी और कीमतों में उतार-चढ़ाव का जोखिम अधिक हो सकता है। इसलिए लिस्टिंग के बाद आई गिरावट को देखकर जल्दबाजी में खरीदारी करने के बजाय कंपनी के फंडामेंटल और शेयर के वैल्यूएशन का स्वतंत्र विश्लेषण करना बेहतर है।
निष्कर्ष
ABH Healthcare IPO की लिस्टिंग निवेशकों की उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। ₹102 के इश्यू प्राइस के मुकाबले ₹99 पर शुरुआत के बाद शेयर ₹94.05 के लोअर सर्किट तक पहुंच गया। कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में सुधार और IPO फंड से कर्ज कम करने की योजना सकारात्मक पहलू हैं, लेकिन बैलेंस शीट पर मौजूद कर्ज और SME शेयरों में संभावित उतार-चढ़ाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़ों, वैल्यूएशन और जोखिमों का स्वतंत्र विश्लेषण करें और जरूरत होने पर सेबी-पंजीकृत निवेश सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता।


